तस्करों के चंगुल से छूटे 16 नाबालिग, लाये गये रांची, कहा, विरोध करने पर की जाती थी मारपीट, यौन शोषण तक किया

Updated at : 26 Sep 2018 7:03 AM (IST)
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तस्करों के चंगुल से छूटे 16 नाबालिग, लाये गये रांची, कहा, विरोध करने पर की जाती थी मारपीट, यौन शोषण तक किया

रांची : झारखंड के विभिन्न जिलाें से मानव तस्करी के शिकार 16 नाबालिगों को मंगलवार को राजधानी एक्सप्रेस से रांची लाया गया़ झारखंड बाल संरक्षण आयोग, चंडीगढ़ बाल संरक्षण आयोग और शक्ति वाहिनी द्वारा उन्हें मानव तस्करों से मुक्त कराया गया़ इनमें से एक नाबालिग जो गोड्डा की है उसकी स्थिति काफी खराब है़ रांची […]

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रांची : झारखंड के विभिन्न जिलाें से मानव तस्करी के शिकार 16 नाबालिगों को मंगलवार को राजधानी एक्सप्रेस से रांची लाया गया़ झारखंड बाल संरक्षण आयोग, चंडीगढ़ बाल संरक्षण आयोग और शक्ति वाहिनी द्वारा उन्हें मानव तस्करों से मुक्त कराया गया़ इनमें से एक नाबालिग जो गोड्डा की है
उसकी स्थिति काफी खराब है़ रांची रेलवे स्टेशन पर बच्चों को रिसीव करने के लिए झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर, शक्ति वाहिनी से ऋषिकांत,अनिल जी सहित रांची रेलवे चाइल्ड लाइन के लोग उपस्थित थे़ इन बच्चों को प्रेमाश्रय भेजा गया. वहां उनके खाने व रहने की व्यवस्था की गयी़
इसके बाद बाल कल्याण समिति रांची ने नाबालिगों का बयान लेकर सभी को उनके गृह जिला भेजने की प्रक्रिया पूरी की़ रिहा कराये गये नाबालिग रांची, गोड्डा, गुमला, साहेबगंज, लोहरदगा, सिमडेगा ,पाकुड़, गिरिडीह व चाईबासा के रहनेवाले है़ं शक्ति वाहिनी ने दिल्ली और आसपास रहने वाले नाबालिगों को भी मुक्त कराया है.
शारीरिक शोषण किया, मजदूरी तक नहीं दी : बताया जाता है कि इन नाबालिगाें को मानव तस्करों ने बहला-फुसला कर, प्रलोभन देकर धोखे से दिल्ली के बड़े मानव तस्करों के बेच दिया था. वहां उनसे नौकर-नाैकरानी का काम कराया जाता था़ बच्चियों ने बताया कि उनका शारीरिक शोषण भी किया जाता था. मारपीट और प्रताड़ना तो आम बात है. यहां तक की किसी को मजदूरी तक नहीं दी जाती थी
.
गोड्डा की बच्ची के साथ किया अमानवीय कृत
कई नाबालिगों के साथ तस्करों के अलावा उनके साथ काम करनेवाले लोगों ने बलात्कार किया़ सबसे दर्दनाक स्थिति गोड्डा की बच्ची की है, जिसके साथ मानव तस्कर रोहित मुनि ने दुष्कर्म किया़
इस काम में उसकी पत्नी प्रभा मुनि भी साथ देती थी़ विरोध करने पर पति-पत्नी व उसकी बेटी मारपीट करते थे. इतना ही नहीं गर्म आयरन से कई जगह जला दिया़ चाकू से भी वार किया़ इस बात की जानकारी मिलने पर चंडीगढ़ बाल संरक्षण आयोग के बीके गोयल और शक्ति वाहिनी नेे बच्ची की बरामदगी व इलाज कराने में अहम भूमिका निभायी़ बच्ची चंडीगढ़ और बाद में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती रही़ दिल्ली में इलाज के दौरान झारखंड बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष ने अस्पताल में बच्ची से मुलाकात की थी़ उस समय उस की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे झारखंड नहीं लाया गया था़
दी जायेगी सुरक्षा
झारखंड बाल संरक्षण आयोग ने बच्चों के बयान के आधार पर पोक्सो सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज करने, पीड़ित को मुआवजा देने, नाबालिगों को सुरक्षा देने, उन्हें पुनर्वासित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाने और इसकी रिपोर्ट रांची बाल आयोग को देने को कहा है़
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