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स्कूलों को बर्तन खरीदने के लिए तीन करोड़ 85 लाख मिले थे

Updated at : 18 May 2024 1:39 PM (IST)
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स्कूलों को बर्तन खरीदने के लिए तीन करोड़ 85 लाख मिले थे

पलामू जिले के 2307 स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बर्तन खरीदने के लिए तीन करोड़ 85 लाख 40 हजार रुपए मिला था.

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विभाग ने एक माह में उपयोगिता पत्र जमा करने का दिया था निर्देश हेडिंग…आज तक नहीं मिला उपयोगिता प्रमाण पत्र शिवेंद्र कुमार, मेदिनीनगर पलामू जिले के 2307 स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बर्तन खरीदने के लिए तीन करोड़ 85 लाख 40 हजार रुपए मिला था. सात माह बाद भी विभाग को स्कूलों के द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध कराया है. विभाग ने स्कूलों को राशि आवंटित करने के एक माह उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया था. स्कूलों को बर्तन खरीद के लिए केंद्र सरकार के द्वारा पीएम पोषण योजना के तहत सितंबर 2023 में रिप्लेसमेंट आफ किचन डिवाइसेस के क्रय के लिए यह राशि उपलब्ध करायी गयी थी. स्कूलों में पूर्व के अल्मुनियम के हटा कर स्टील बर्तन खरीदने के लिए राशि आवंटित की गयी थी. बताया गया था कि अल्युमिनियम बर्तन हानिकारक है. इसलिए इस बर्तन का कम उपयोग में लाया जाये, ताकि उसके हानिकारक प्रभाव से बचा जा सके. खाना बनाने के लिए अल्युमीनियम का बर्तन का उपयोग नहीं किया जाना है. जिला स्तर पर डीसी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया है. यह समिति ध्यान रखेगी कि बर्तन के क्रय में आवश्यकता आधारित गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं मितव्ययिता सुनिश्चित रहे, इस समिति में सिविल सर्जन, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी व सचिव के रूप में जिला शिक्षा अधीक्षक को रखा गया है. समिति में पलामू डीसी को अध्यक्ष बनाया गया है. वहीं प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति भी बनायी गयी है. समिति में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सचिव प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी व प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सदस्य होंगे. बर्तन खरीद के लिए निर्देश दिया गया था कि सरस्वती वाहिनी संचालन समिति के द्वारा बर्तन क्रय के क्रम में विद्यालय में गठित समिति द्वारा नामांकित छात्र एवं पूर्व से उपलब्ध बर्तनों को ध्यान में रखते हुए उच्च गुणवत्ता की सामग्री का क्रय अधिकृत विक्रेता से किया जाये. पूर्व में जो बर्तन अच्छी स्थिति है. उसका उपयोग खाद्य सामग्री के भंडारण के उपयोग में करना है. खरीदे गये बर्तन का भंडारण पंजी में अंकित करते हुए बर्तन का फोटोग्राफी कर मूल अभिलेख के रूप में विद्यालय में सुरक्षित भी किया जाय. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को निर्देश दिया गया था कि संबंधित विद्यालयों के द्वारा क्रय किये गये बर्तनों का नियमित अनुश्रवण करने का निर्देश दिया गया था. शत- प्रतिशत क्रियान्वयन एक माह के अंदर में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था. छात्रों की संख्या के आधार स्कूलों में राशि आवंटित स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर राशि आवंटित की गयी है. सरकार के द्वारा निर्देशित किया गया था कि जिन विद्यालय में छात्रों की संख्या 50 है.वैसे 316 विद्यालयों को प्रति विद्यालय 10 हजार, जिन विद्यालयों में छात्रों की संख्या डेढ़ सौ से अधिक है. वैसे 1233 विद्यालयों को प्रति विद्यालय 15 हजार दिया जायेगा. जिन विद्यालयों में 250 तक विद्यार्थियों की संख्या है, वैसे 413 विद्यालयों को प्रति विद्यालय को 20 हजार व ढाई सौ से ऊपर संख्या जिस विद्यालय में छात्रों की संख्या है. वैसे विद्यालयों को प्रति विद्यालय 25 हजार रुपये की राशि दी गयी है. उपयोगिता प्रमाण पत्र के लिए जिला से पत्र भेजा गया हैः डीएसइ जिला शिक्षा अधीक्षक रणधीर कुजूर ने बताया कि अभी तक विद्यालय के द्वारा उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं उपलब्ध कराया है. इसलिए जिला स्तर से सभी विद्यालयों को पत्र भेज कर उपयोगिता प्रमाण पत्र जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है.

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