पलामू डीसी ने एमएमसीएच का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्था सुधार लाने का दिया अल्टीमेटम

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :07 May 2026 10:04 PM (IST)
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Palamu News

पलामू के एमएमसीएच का निरीक्षण करते डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत. फोटो: प्रभात खबर

Palamu News: पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने एमएमसीएच का औचक निरीक्षण कर अव्यवस्था, गंदगी और अनुशासनहीनता पर नाराजगी जतायी. डीसी ने अस्पताल कर्मियों को व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया और लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी. सफाई एजेंसी के सुपरवाइजर को निलंबित करने का आदेश भी दिया गया. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: झारखंड में पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने गुरुवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई व्यवस्था और उपलब्ध मैनपावर का बारीकी से अवलोकन किया. अस्पताल में कई जगह अव्यवस्था मिलने पर डीसी ने सख्त नाराजगी जतायी और संबंधित कर्मियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

मरीजों और परिजनों से की बातचीत

निरीक्षण के दौरान डीसी ने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली. उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की उपस्थिति और इलाज व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया. इमरजेंसी वार्ड में जरूरत से ज्यादा लोगों की भीड़ देखकर डीसी ने गहरी नाराजगी जतायी. उन्होंने बिना कारण वार्ड में मौजूद लोगों को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में अनुशासनहीनता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि वार्डों में मरीजों से अधिक परिजनों और अटेंडेंट की भीड़ रहने से डॉक्टरों को इलाज करने में परेशानी होती है.

अटेंडेंट की संख्या तय करने का निर्देश

अस्पताल की स्थिति को देखते हुए डीसी ने एमएमसीएच अधीक्षक डॉ अजय कुमार को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ रहने वाले अटेंडेंट की संख्या निर्धारित की जाये. उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में अटेंडेंट रहने से अस्पताल में व्यवस्था बेहतर होगी और डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को इलाज करने में सुविधा मिलेगी. निरीक्षण के दौरान डीसी ने अस्पताल के विभिन्न भवनों और वार्डों का भी निरीक्षण किया. उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि किन वार्डों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और कहां अतिरिक्त चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता है.

ड्यूटी रोस्टर की जांच, कर्मियों को चेतावनी

डीसी ने अस्पताल के ड्यूटी रोस्टर और उपस्थिति रजिस्टर की जांच की. इस दौरान उन्होंने कई कर्मियों को निर्धारित समय तक ड्यूटी पर मौजूद रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार लाना जरूरी है और सभी कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी. पत्रकारों से बातचीत में डीसी ने कहा कि एमएमसीएच का यह उनका पहला निरीक्षण है और उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं को करीब से देखा है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आगे भी अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो लापरवाह अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.

विभिन्न विभागों का किया निरीक्षण

डीसी ने डीडीसी जावेद हुसैन के साथ जीएनएम बिल्डिंग में संचालित विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया. इसमें मेडिसिन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, नेत्र, सर्जरी, ऑर्थो, चर्म रोग और दंत रोग ओपीडी समेत पैथोलॉजी जांच केंद्र शामिल थे. उन्होंने इमरजेंसी और ओपीडी रजिस्टरों की जांच कर चिकित्सकों की उपस्थिति का मिलान किया. साथ ही निर्देश दिया कि किस डॉक्टर की ड्यूटी कब है, इसका रोस्टर ओपीडी के बाहर स्पष्ट रूप से लगाया जाये ताकि मरीजों को परेशानी न हो.

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गंदगी मिलने पर सुपरवाइजर निलंबित

निरीक्षण के दौरान ओपीडी वार्ड के कई शौचालयों के दरवाजे टूटे मिले और वहां गंदगी का अंबार पाया गया. इस पर डीसी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सफाई एजेंसी “बालाजी” के सुपरवाइजर को निलंबित करने का आदेश दिया. साथ ही अस्पताल अधीक्षक को कार्यों की निगरानी में लापरवाही बरतने पर शोकॉज जारी किया गया. डीसी ने सख्त निर्देश दिया कि बिना किसी वैध कारण के मरीजों को बाहर रेफर नहीं किया जाये. उन्होंने कहा कि अगर बिना वजह रेफर करने का मामला सामने आया तो संबंधित डॉक्टर और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में लगे डिजिटल किओस्क को नियमित रूप से अपडेट रखने का भी निर्देश दिया गया.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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