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राज्य में आदिवासियों से छीना जा रहा है हक और अधिकार : आशा

Updated at : 12 Aug 2024 5:59 PM (IST)
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राज्य में आदिवासियों से छीना जा रहा है हक और अधिकार : आशा

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य ने केकेएम कॉलेज का किया दौरा

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राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य ने केकेएम कॉलेज का किया दौरा 11 अगस्त फोटो संख्या- 05 कैप्शन- केकेएम कॉलेज में छात्रों के साथ मुलाकात के दौरान आशा लकड़ा प्रतिनिधि, पाकुड़ जिस राज्य में आदिवासी संरक्षण की बात की जाती हो, उसी राज्य में इनका हक छीना जा रहा है. आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है. बिना किसी कारण के छात्र पिटे जाते हैं. यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात है. उक्त बातें राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य आशा लकड़ा ने केकेएम कॉलेज स्थित आदिवासी बालक कल्याण छात्रावास में कही. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व महेशपुर प्रखंड के गायबथान में आदिवासियों के साथ मारपीट की गयी. पीड़ित परिवार को अब तक पूर्ण रूप से न्याय नहीं मिल पाया है. आयोग पीड़ित परिवार के साथ है. कहा कि मैं उन पीड़ित परिवारों से मिली हूं. पीड़ित परिवारों से मिलकर सारी बातों से अवगत हुई. बताया कि उक्त जगह में आदिवासियों की जमीन कब्जा की जा रही थी. इसी को लेकर मारपीट की घटना हुई है. दो आदिवासी परिवारों को बेरहमी से पीटा गया है. इस तरह का घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि घटना घटने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से त्वरित कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसको लेकर 21 जून को पाकुड़ एसपी से हमारी बात होने पर उन्होंने मामले को संज्ञान में लेकर एफआइआर करवायी. बताया कि दूसरी घटना केकेएम कॉलेज स्थित बालक कल्याण छात्रावास का है. यहां पर भी बिना किसी कारण के छात्रों की पिटाई की गयी है. मामले को लेकर छात्रों से अवगत हुई हूं. घटना को लेकर अन्य जानकारियां भी ली गयी है. आयोग की पूरी टीम आई है. जिला प्रशासन से भी घटना को लेकर जांच रिपोर्ट मांगी गयी थी. जिला प्रशासन की ओर से सुपुर्द जांच रिपोर्ट व छात्रों की ओर से दिए गए आवेदन की जांच कर आगे की कार्रवाई की जायेगी. मामले को लेकर राज्यपाल, गृह मंत्री, झारखंड के डीजीपी को भी रिपोर्ट भेजी जायेगी. उन्होंने कहा कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव देखा गया है. यहां पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था नहीं है. वही कुक की भी कमी है. इन सब मामलों पर जिला प्रशासन के साथ बैठक की जायेगी और आगे का निर्णय लिया जायेगा. बताया कि चार रूम में हॉस्टल संचालित है, जिसमें करीब 700 के करीब छात्र रहते हैं. बड़ी संख्या में छात्रों का रहना और एक भी सुरक्षा कर्मी का ना होना काफी दुखद है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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