पटना में कदमकुआं थाने के एडिशनल एसएचओ रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी ने रंगे हाथ दबोचा
एसएचओ अर्जुन यादव रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार
Bihar: पटना के कदमकुआं थाने में तैनात एडिशनल एसएचओ अर्जुन यादव को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 7 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. आरोपी पर केस में फंसाने और केस डायरी मैनेज करने के नाम पर घूस मांगने का आरोप था.
Bihar: बिहार की राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कदमकुआं थाने में तैनात एडिशनल एसएचओ अर्जुन यादव को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई उस समय हुई जब आरोपी पुलिस अधिकारी एक मामले को कमजोर करने और केस डायरी अपने पक्ष में मैनेज करने के बदले शिकायतकर्ता से पैसे ले रहा था.
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
निगरानी विभाग के मुताबिक, कदमकुआं निवासी शमशाद आलम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एडिशनल एसएचओ अर्जुन यादव उन्हें एक केस में फंसाने का डर दिखा रहे थे. आरोप था कि केस संख्या 315-26 में नाम जोड़ने या कार्रवाई बढ़ाने की धमकी देकर उनसे 7 हजार रुपये रिश्वत मांगी जा रही थी. पीड़ित ने मामले की जानकारी निगरानी थाने को दी, जिसके बाद पूरी शिकायत की जांच कराई गई.
स्पेशल टीम ने जाल बिछाकर पकड़ा
शुरुआती जांच में शिकायत सही मिलने पर निगरानी विभाग ने डीएसपी आदित्य राज की अगुवाई में विशेष ट्रैप टीम बनाई. पूरी योजना के तहत गुरुवार को जाल बिछाया गया. तय स्थान पर जैसे ही अर्जुन यादव ने रिश्वत की रकम ली, निगरानी टीम ने बुद्ध मूर्ति के पास जस्टिस राज किशोर पथ पर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया.
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जारी रहेगी कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई. गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें निगरानी मुख्यालय ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ जारी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और आगे कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई होगी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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