आईपीएल में नया विवाद: ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट का सेवन; जानें नियम, कानून और सजा का प्रावधान
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 30 Apr 2026 9:41 PM
वेप करते रियान पराग का वीडियो वायरल, फोटो एक्स
IPL 2026 E-Cigarette Controversy: इंडियन प्रीमियर लीग में नया विवाद शुरू हो गया है. राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गये आइपीएल मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में 'वेपिंग' (ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना) करते हुए टीवी कैमरों में कैद हो गए. जिसके बाद रियान विवादों में घिर गये. आइये यहां जानते हैं भारत में ई-सिगरेट को लेकर क्या है कानून? और अगर पकड़े जाते हैं, तो सजा का क्या प्रावधान है.
IPL 2026 E-Cigarette Controversy: रियान पराग पंजाब किंग्स के खिलाफ लाइव मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट का सेवन करते हुए देखे गये. कैमरे में कैद हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा. यूजर रियान की आलोचना करने लगे और बीसीसीआई से कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे. हालांकि विवाद बढ़ने के बाद बीसीसीआई ने एक्शन लिया और पराग पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया. उनको एक डिमेरिट अंक भी दिया गया. पराग का अपराध लेवल एक का अपराध था इसलिए किसी सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.
आईपीएल की आचार संहिता के नियम 2.21 के तहत रियान पर कार्रवाई
आईपीएल की आचार संहिता के नियम 2.21 के अनुसार रियान पर कार्रवाई की गई. इस नियम को उन सभी प्रकार के आचरणों को अपने दायरे में लाने के लिए बनाया गया है, जिनसे खेल की छवि को नुकसान पहुंचता है. इसके अलावा मामले की शिकायत करने वाला व्यक्ति यह तय करेगा कि वह हरकत गंभीरता के किस दायरे में आती है (गंभीरता का यह दायरा छोटी-मोटी हरकतों (यानी लेवल 1 का अपराध) से लेकर बेहद गंभीर हरकतों (यानी लेवल चार का अपराध) तक फैला हुआ है).
कैमरे से बचकर कई खिलाड़ी करते हैं ई-सिगरेट का सेवन
कैमरे से बचकर कई खिलाड़ी ई-सिगरेट का सेवन करते हैं, लेकिन वे ड्रेसिंग रूम में ऐसा नहीं करते, इतने सारे कैमरों के बीच ऐसा करना बेहद जोखिम और लापरवाही भरा है. कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि शुभमन गिल और कागिसो रबाडा ई-सिगरेट का सेवन कर रहे थे. हालांकि उस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी. मामला वहीं खत्म हो गया.
भारत में बैन है ई-सिगरेट
भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें इसका उत्पादन, विक्री और वितरण शामिल था. इस संबंध में कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी की एक साल तक की कैद हो सकती है या उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया सकता है.
ई-सिगरेट निषेध अधिनियम क्या है?
ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (पीइसीए) 2019 के अनुसार कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट का उत्पादन या निर्माण, आयात या निर्यात, परिवहन, बिक्री या वितरण नहीं करेगा. विज्ञापन भी नहीं करेगा. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट के उपयोग को बढ़ावा देने पर इस संबंध में कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की वैद हो सकती है या उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया सकता है.
डगआउट और मैदान के आसपास धूम्रपान, शराब पीने पर है प्रतिबंध
बीसीसीआइ और आइपीएल के नियमों के अनुसार ड्रेसिंग रूम, डगआउट और मैदान के आसपास धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है. मैच के दौरान या स्टेडियम के पब्लिक व्यू में शराब पीने की अनुमति नहीं होती. ड्रेसिंग रूम में शराब ले जाना सख्त मना है.
सिगरेट जैसा हानिकारक नहीं है ई-सिगरेट
जॉन हॉपकिस मेडिसिन के अनुसार ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, हालांकि यह सिगरेट पीने जितना हानिकारक नहीं हो सकता है. निकोटिन नियमित सिगरेट और ई-सिगरेट का मुख्य घटक है और इससे लत लग जाती है. इससे धूम्रपान की तीव्र इच्छा पैदा होती.
एंटी-डोधिन पॉलिसी के तहत खिलाड़ियों की लाइफस्टाइल पर नजर रखी जाती है. शराब पीना सीधा उल्लंघन नहीं है.
सजा का प्रावधान: अगर कोई खिलाड़ी डेसिंग रूम में धूम्रपान या नशीले पदार्थों का सेवन करते हुए पकड़ा जाता है, तो मैच फीस का कुछ हिस्से का जुर्माना, एक या अधिक मैचों का बैन.
प्रचार पर भी रोक: बीसीसीआइ ने आइपीएल के दौरान शराब और तंबाकू के किसी भी प्रकार के विज्ञापन पर कड़ा रुख अपनाया है.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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