वोट बहिष्कार के बाद भी नहीं बनी बंदरबेला-पदमा सड़क

पदमा : पदमा मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थित है बंदरबेला गांव. बंदरबेला पंचायत की आबादी लगभग तीन हजार है. ग्रामीण आजादी के समय से पदमा मुख्यालय जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे है. पर अफसोस की बात है कि 70 साल बाद भी सड़क नहीं बनी. पिछले लोकसभा चुनाव में […]
पदमा : पदमा मुख्यालय से पांच किमी की दूरी पर स्थित है बंदरबेला गांव. बंदरबेला पंचायत की आबादी लगभग तीन हजार है. ग्रामीण आजादी के समय से पदमा मुख्यालय जाने के लिए सड़क की मांग कर रहे है. पर अफसोस की बात है कि 70 साल बाद भी सड़क नहीं बनी. पिछले लोकसभा चुनाव में बंदरबेला के ग्रामीणों ने रोड नहीं, तो वोट नहीं के तहत वोट का बहिष्कार किया था. वोट बहिष्कार करने पर प्रशासन बंदरबेला पहुंच कर ग्रामीणों से चुनाव के बाद सड़क बनवाने का आश्वासन दिया था.
चुनाव समाप्त हुए दो माह हो गये, लेकिन अब तक सड़क बनाने की प्रक्रिया नहीं शुरू हुई. इस संबंध में बीडीओ चंदन प्रसाद ने बताया कि मैंने सड़क निर्माण से संबंधित पत्र उच्च अधिकारियों को भेज दिया है. जल्द ही इस दिशा में कार्रवाई होगी. ज्ञात हो कि बंदरबेला के लोगों का बरसात में मुख्यालय से संपर्क कट जाता है. लोग प्रखंड मुख्यालय व मुख्य बाजार पदमा से संबंधित कार्य के लिए 10 किमी दूर दाऊजीनगर से इटखोरी मोड़ होकर जाते है.
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