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आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर विधायक सरयू राय ने जताया शोक, छात्र जीवन के मित्र को ऐसे किया याद

Updated at : 29 Dec 2024 4:34 PM (IST)
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दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल और विधायक सरयू राय

दिवंगत आचार्य किशोर कुणाल और विधायक सरयू राय

Acharya Kishore Kunal Passed Away: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने पूर्व आईपीएस अधिकारी, बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना महावीर मंदिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

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Acharya Kishore Kunal Passed Away: जमशेदपुर-जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने अपने विद्यार्थी जीवन के मित्र, पूर्व आईपीएस अधिकारी और बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि इनका निधन अपूरणीय क्षति है. इन्होंने आईपीएस अधिकारी के रूप में शानदार काम किया था. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अध्यात्म के क्षेत्र में भी इनका काम सराहनीय रहा है. इसके लिए इन्हें हमेशा याद किया जाएगा.

आचार्य किशोर कुणाल का निधन उनकी व्यक्तिगत क्षति-सरयू राय


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर विधायक सरयू राय ने रविवार को लिखा है कि पटना के श्री हनुमान मंदिर के प्रसिद्ध आचार्य किशोर कुणाल नहीं रहे. आज सुबह हर्ट अटैक ने उन्हें हमसे छीन लिया. वे विद्यार्थी जीवन से उनके मित्र रहे हैं. उनके बुलाने पर वे केबुल टाऊन स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा यज्ञ में आए थे. उनका निधन उनकी व्यक्तिगत क्षति है.

पटना महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे आचार्य किशोर कुणाल

विधायक सरयू राय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि आचार्य किशोर कुणाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य, अध्यात्म आदि क्षेत्रों में यशस्वी संस्थाओं का निर्माण किया. वह एक मिसाल बन गए थे. उन पर हम सभी को गर्व है. ईश्वर पुण्यात्मा को सद्गति प्रदान करें. मर्माहत परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति दें. उनकी कृतियों को आगे बढ़ाने का आशीष दें. आचार्य किशोर कुणाल पटना के महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे. वह पटना के ज्ञान निकेतन नामक प्रसिद्ध विद्यालय के संस्थापक भी थे.

कौन थे आचार्य किशोर कुणाल?


आचार्य किशोर कुणाल बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले थे. आईपीएस अधिकारी के रूप में वे काफी चर्चित रहे. आज भी झारखंड के पलामू जिले के लोग उन्हें याद करते हैं. पलामू एसपी के रूप में 26 फरवरी 1982 को उन्होंने योगदान दिया था. वर्ष 1983 तक वे यहां के एसपी रहे थे.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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