टाटा मोटर्स : प्रबंधन -यूनियन की बैठक में समन्वय पर जोर

Updated at : 07 Nov 2018 5:25 AM (IST)
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टाटा मोटर्स :  प्रबंधन -यूनियन की बैठक में समन्वय पर जोर

जमशेदपुर : मंगलवार को टी वन काॅन्फ्रेस हॉल में टाटा मोटर्स प्रबंधन और यूनियन की बैठक हुई. बैठक को संबोधित करते हुए टाटा मोटर्स के मैन्युफैक्चरिंग हेड एबी लाल ने कहा कि कर्मचारियों के हित में चलने वाली सभी कमेटियों की नियमित बैठक हो यूनियन यह सुनिश्चित कराये. उन्होंने बेहतर संवाद व समन्वय पर जोर […]

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जमशेदपुर : मंगलवार को टी वन काॅन्फ्रेस हॉल में टाटा मोटर्स प्रबंधन और यूनियन की बैठक हुई. बैठक को संबोधित करते हुए टाटा मोटर्स के मैन्युफैक्चरिंग हेड एबी लाल ने कहा कि कर्मचारियों के हित में चलने वाली सभी कमेटियों की नियमित बैठक हो यूनियन यह सुनिश्चित कराये.
उन्होंने बेहतर संवाद व समन्वय पर जोर दिया ताकि किसी भी कर्मचारी की समस्या का समाधान निकाला जा सके. सीनियर जीएम मानस मिश्रा ने सरकार के नियमों का पालन नहीं करने से पिछड़ जाने की बात कहीं. बैठक में प्लांट हेड संपत कुमार, क्वालिटी हेड किरण नरेंद्र, एचआर हेड रवि सिंह, इआर हेड दीपक कुमार, यूनियन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह तोते, महामंत्री आरके सिंह सहित यूनियन के सभी ऑफिस बियरर, सभी डिवीजन के हेड मौजूद थे.
कमेटियों का गठन, प्रबंधन की मंजूरी का इंतजार
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन की ओर से सभी कमेटियों का गठन कर सूची प्रबंधन को सौंप दी गयी है. सूची को स्वीकृति मिलते ही बैठकों का दौर शुरू हो जायेगा. यूनियन की ओर से टॉप अधिकारियों की जेएमसी (ज्वाइंट मैनेजमेंट काउंसिल) और जेडीसी का डिवीजन वार ऑफिस बियरर और कमेटी मेंबरों की सूची प्रबंधन को सौंप दी है.
जेडीसी की बैठक में आइआर, सेफ्टी, पर्सनल आदि विभागीय समस्याओं और जेएमसी की बैठक में अस्पताल, कॉलोनी, मेडिकल अनफिट, मैचुअल क्वार्टर ट्रांसफर, कर्मचारियों के अन्य मामलों पर चर्चा होगी. जेडीसी में हर विभाग के कर्मचारी अपनी समस्याओं को रखते हैं. जिनका समाधान जेडीसी में नहीं होता है, उसे हर तीन माह पर जेएमसी की बैठक में रखा जाता है. जेएमसी कमेटी के चेयरमैन प्लांट हेड होने से यह टॉप कमेटी मानी जाती है.
संविधान का हो रहा उल्लंघन टाटा वर्कर्स यूनियन
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन में संविधान का एकबार फिर अनुपालन नहीं हो पा रहा है. यूनियन के नये संविधान के मुताबिक खाली पड़ी सीट का 15 दिनों के भीतर चुनाव करा लेना है, लेकिन कई माह बीत गये पांच कमेटी मेंबरों के खाली सीट पर चुनाव नहीं कराया जा रहा है. इस पर यूनियन अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों ने चुप्पी साध ली है.
बताया जाता है कि कमेटी मीटिंग में जिस तरह का दबाव अध्यक्ष को झेलना पड़ा है, उसके बाद उपचुनाव कराकर अध्यक्ष अपने ऊपर और दबाव लेना नहीं चाहते हैं. नियम कहता है कि 15 दिनों में या तो को-ऑप्शन हो जाये या बाइ-इलेक्शन कराया जाये. सिर्फ कार्यकाल पूरा होने के छह माह पूर्व अगर सीट खाली है तो चुनाव नहीं कराया जा सकता है, लेकिन अन्य दिनों में 15 दिनों का ही समयसीमा निर्धारित है.
पांच सीटें हैं खाली
बीके डिंडा-प्रोक्योरमेंट विभाग-1 अक्तूबर से
भगवान सिंह-एसएमडी-1 अक्तूबर से खाली
जेड आलम-इक्वीपमेंट मेंटेनेंस सर्विसेज-1 नवंबर
राजेश कुमार-एलडी 2-19 अक्तूबर को देहांत हो गया था
पीके बर्धन-फील्ड मेंटेनेंस इलेक्ट्रिकल-सितंबर से सीट खाली है
मैटेरियल हैंडलिंग और स्टोरेज में सेफ्टी अभियान
जमशेदपुर. टाटा स्टील में मैटेरियल हैंडलिंग व स्टोरेज में सेफ्टी अभियान शुरू हुआ. इसकी शुरुआत स्टीलेनियम हॉल में हुई जिसमें मुख्य अतिथि वीपी सेफ्टी, हेल्थ व सस्टेनेबिलिटी संजीव पॉल, यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, चीफ मैकेनिकल मेंटेनेंस प्रबल घोष, चीफ सेफ्टी विलास एन गायकवाड समेत अन्य लोग मौजूद थे. इस दौरान अमित कुमार सिंह ने लोगों को सेफ्टी के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी.
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