यूनियन ने मुनाफे में जुड़वाये 2512.94 करोड़
Updated at : 23 Aug 2018 5:06 AM (IST)
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यूिनयन की एकजुटता काम आयी, बैलेंस शीट व वार्षिक रिपोर्ट का अध्ययन कर बनाया प्रबंधन पर दबाव जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के लिए इस बार बेहतर बोनस समझौता कराना चुनौतीपूर्ण था. कंपनी का मुनाफा बढ़ा था. यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के साथ इस बार समझौता कराने में दो नये चेहरे थे. सहायक सचिव […]
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यूिनयन की एकजुटता काम आयी, बैलेंस शीट व वार्षिक रिपोर्ट का अध्ययन कर बनाया प्रबंधन पर दबाव
जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन के लिए इस बार बेहतर बोनस समझौता कराना चुनौतीपूर्ण था. कंपनी का मुनाफा बढ़ा था. यूनियन अध्यक्ष आर रवि प्रसाद के साथ इस बार समझौता कराने में दो नये चेहरे थे. सहायक सचिव से महासचिव बने सतीश सिंह और वाइस प्रेसिडेंट से डिप्टी प्रेसिडेंट बने अरविंद पांडेय. नयी टीम में सामंजस्य की कमी के बावजूद बोनस के मुद्दे पर तीनों एकजुट दिखे. कंपनी के बैलेंस शीट के मुताबिक कंपनी का नेट प्रोफिट (कुल मुनाफा) 4169.55 करोड़ रुपये ही था. यूनियन ने पूरा बैलेंस शीट मांगा और वार्षिक रिपोर्ट का अध्ययन किया. इस दौरान पाया कि करीब 2512.94 करोड़ रुपये एक्सेप्शनल आइटम में रखा हुआ है, जो मुनाफा में जोड़ा जा सकता है. इसके बाद मुनाफा की राशि 6682.49 करोड़ रुपये हो गयी. इस बार बोनस की राशि 200 करोड़ रुपये के पार 203.24 करोड़ रुपये तक चला गया.
पीएम ट्राॅफी व टीबीइएम के रिजल्ट से मिले चार करोड़. प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद बोनस राशि 199.24 करोड़ रुपये तक पहुंची थी. तब यूनियन ने पीएम ट्रॉफी और टीबीइएम के रिजल्ट को आधार बनाकर बोनस राशि बढ़ाने का दबाव बनाया. मैनेजमेंट और यूनियन के बीच बनी सहमति से अतिरिक्त चार करोड़ रुपये इसमें जोड़े गये. जिससे यह राशि 203.24 करोड़ रुपये तक पहुंचा. पिछले साल भी इस मद में चार करोड़ रुपये मिले थे.
टाटा वर्कर्स यूनियन में पदाधिकारियों का स्वागत. बोनस समझौता पर हस्ताक्षर के बाद यूनियन पदाधिकारी बिष्टुपुर स्थित टाटा वर्कर्स यूनियन कार्यालय पहुंचे. यहां कमेटी मेंबरों को बोनस राशि 203.24 करोड़ रुपये दिये जाने की जानकारी दी. कमेटी मेंबरों ने बेहतर बोनस समझौता कराने पर अध्यक्ष, महामंत्री और डिप्टी प्रेसिडेंट समेत अन्य पदाधिकारियों को माला पहनाकर स्वागत किया. पक्ष -विपक्ष सभी ने बोनस समझौता की तारीफ की.
2012 के बाद से बंद है फीसदी के आधार पर बोनस. टाटा स्टील में पहले बेसिक व डीए का 20 फीसदी बोनस मिलता था. 2012 में जब यूनियन अध्यक्ष पीएन सिंह थे, तब मैनेजमेंट व यूनियन की सहमति से तय हुआ कि फीसदी के आधार पर बोनस नहीं दिया जायेगा.
जीएन राय समेत 70 कर्मचारियों दो लाख तक बोनस. सीआरएम में कार्यरत जीएन राय को इस बार भी सबसे अधिक बोनस मिलने की सूचना है. वे टाटा स्टील में पिछले 35 वर्षों से कार्यरत हैं. पिछले छह सालों से उन्हें सबसे अधिक बोनस मिलता आ रहा है. उनके साथ 60 सुपरवाइजरों को भी सबसे ज्यादा बोनस यानी 1 लाख 99 हजार 723 रुपये मिले हैं.
जमशेदपुर में राशि बढ़ी, कर्मचारियों की संख्या घटी. बोनस पाने वाले कर्मचारियों की संख्या घटती जा रही है. पिछले साल जमशेदपुर में 14,586 कर्मचारी थे, इस बार 14057 कर्मचारी बचे हैं. वर्ष 2016 में 15,575 कर्मचारी थी. इनमें ट्यूब डिवीजन, टी व एनएस ग्रेड के कर्मचारी भी शामिल हैं. हालांकि, कर्मचारियों के बीच बंटने वाले बोनस की राशि इस साल बढ़ गयी है. पिछले साल जमशेदपुर में 97.96 करोड़ रुपये बंटे थे. इस साल 106.37 करोड़ रुपये बंटने हैं. यानी 2.41 करोड़ रुपये ज्यादा बंटेंगे.
कम काम करने वाले को कम बोनस. वित्तीय वर्ष 2017-18 में कम काम करने वाले को कम बोनस मिला है. नयी ज्वाइनिंग के बाद कुछ माह काम करने वाले को अधिकतम 15,500 रुपये बोनस तय किया गया है. इसके अलावा कम दिनों तक काम करने वाले को 18 हजार रुपये से भी कम बोनस मिला है.
नये फाॅर्मूला से 2020 तक मिलता रहेगा बोनस. इस बार बोनस को लेकर नया फाॅर्मूला तय किया गया है. हालांकि यह पहले जैसा ही है. सिर्फ आंकड़ों में बदलाव किया गया है. इसके तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 तक कर्मचारियों को इसी आधार पर बोनस
मिलता रहेगा.
यह है नया फाॅर्मूला
1. नेट प्रोफिट (भारतीय ऑपरेशन कलिंगानगर समेत अन्य का कुल मुनाफा सारी देनदारी व परिसंपत्तियों की बिक्री से हुई आमदनी) पर 1.5 फीसदी राशि (पिछले साल 4494 करोड़ रुपये था, जो इस साल 6682.49 करोड़ रुपये हुआ, जिस पर इस साल 100.24 करोड़ रुपये मिला)
2. प्रोफिटेबिलिटी (प्रति टन बिक्री योग्य स्टील) बिक्री योग्य स्टील से अगर 500 से 1000 करोड़ तक का मुनाफा होता है तो उसके बदले कर्मचारियों को 14 करोड़ रुपये बोनस मद में मिलेंगे. इसी तरह स्लैब के अनुसार राशि बढ़ती चली जायेगी.
प्रोफिटेबिलिटी का स्लैब
प्रोफिटेबिलिटी कितना से शुरू कितना तक कितना मिलेगा.
प्रोफिटेबिलिटी पहले बोनस इस साल
500 से 1000 26.5 14
1000 से 1500 29 16.5
1500 से 2000 31.5 19
2000 से 2500 34 21.5
2500 से 3000 36.5 24
3000 से 3500 39 26.5
3500 से 4000 41.5 29
4000 से 4500 44 31.5
4500 से 5000 46.5 34
5000 से 5500 49 36.5
5500 से 6000 51.5 39
6000 से 6500 54 41.5
6500 से 7000 56.5 44
7000 से 7500 59 46.5
7500 से 8000 61.5 49
8000 से 8500 64 51.5
8500 से 9000 — 54
9000 से 9500 — 56.5
9500 से 10000 — 59
10000 से 10500 — 61.5
10500 से 11000 — 64
11000 से 11500 — 66.5
11500 से 12000 — 69
12000 करोड़ से ऊपर — 71.5
(राशि करोड़ रुपये में)
टाटा स्टील में अब तक बोनस समझौता
यूनियन के पदाधिकारियों को कितना मिलेगा बोनस
अध्यक्ष आर रवि प्रसाद : करीब 1 लाख 10 हजार
महामंत्री सतीश सिंह : 1 लाख चार हजार रुपये
डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय : करीब एक लाख
कोषाध्यक्ष प्रभात लाल : करीब 75 हजार रुपये
उपाध्यक्ष शत्रुघ्न राय : 1 लाख 10 हजार रुपये
उपाध्यक्ष भगवान सिंह : करीब 95 हजार रुपये
उपाध्यक्ष शहनवाज आलम : 1 लाख 10 हजार
उपाध्यक्ष हरिशंकर सिंह : 1 लाख 20 हजार रुपये
सहायक सचिव नितेश राज : 94 हजार रुपये
सहायक सचिव धर्मेंद्र उपाध्याय : करीब 1 लाख 15 हजार रुपये
सहायक सचिव कमलेश सिंह : करीब 90 हजार
किस साल कब हुआ बोनस समझौता
2006-07 5 सितंबर 2007
2007-08 5 सितंबर 2008
2009-10 11 सितंबर 2010
2010-11 21 सितंबर 2011
2011-12 12 अक्तूबर 2012
2012-13 23 सितंबर 2013
2013-14 7 सितंबर 2014
2014-15 7 अक्तूबर 2015
2015-16 19 सितंबर 2016
2016-2017 31 अगस्त 2017
2017-2018 22 अगस्त 2018
प्रोडक्टिविटी के आधार पर बोनस (करोड़ रुपये में)
प्रोडक्टिविटी बोनस राशि (करोड़ में)
310 से 320 तक 27.5
320 से 330 तक 30
330 से 340 तक 32.5
340 से 350 तक 35
350 से 360 तक 37.5
360 से 370 तक 40
370 से 380 तक 42.5
380 से 390 तक 45
प्रोडक्टिविटी बोनस राशि (करोड़ में)
390 से 400 तक 47.5
400 से 410 तक 50
410 से 420 तक 52.5
420 से 430 तक 55
430 से 440 तक 57.5
440 से 450 तक 60
450 से 460 तक 62.5
460 से अधिक 65
बोनस का पैसा : कर्मचारी चाहते हैं बचत, बच्चे चाहते हैं मस्ती
बच्चे के करियर के लिए फिक्स करूंगा : सिंह
सीएसपी सिंह को बोनस के रूप में करीब 78 हजार रुपये मिलेंगे. बोनस की राशि को लेकर पत्नी पुष्पा देवी के साथ उनकी बेटी खुशी और और पुत्र रोहित राज उत्साहित हैं. पुष्पा देवी ने बताया कि बच्चों का कैरियर संवारना जरूरी है. इसलिए वह चाहती हैं कि जो भी बोनस मिले उसे फिक्स्ड डिपोजिड स्कीम में जमा कर दिया जाये.
एक लाख रुपये घर आने का इंतजार : अवधेश
अवधेश कुमार को बोनस के रूप में करीब एक लाख रुपये मिलेंगे. अवधेश कुमार की पत्नी के साथ उनकी दोनों बेटियां आयुषी और अराध्या आने वाले त्योहार से लेकर अन्य अवसरों पर शॉपिंग करना चाहती हैं लेकिन अवधेश कुमार चाहते हैं कि कुछ पैसे बच्चों के कैरियर के लिए बचायें.
परिवार के उत्थान पर खर्च करेंगे पैसे : प्रदीप – ममता
प्रदीप मिश्रा और ममता मिश्रा के घर बोनस के रूप में करीब एक लाख 10 हजार रुपये बोनस के रूप में मिलने वाले हैं. मिश्रा दंपती का एक पुत्र संदीप सौरभ रांची में जबकि बेटी प्रीति बेंगलुरु के स्वाति आर्किटेक्ट कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है. मिश्रा दंपती चाहते हैं कि बोनस की राशि परिवार के उत्थान में खर्च करें.
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