तमिलनाडु: 12वीं की छात्रा से दरिंदगी और हत्या मामला, कोर्ट ने दोषी को सुनाई दोहरी मौत की सजा

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Thoothukudi District Special POCSO Court

थूथुकुडी जिला विशेष POCSO न्यायालय, फोटो एक्स

Tamil Nadu के थूथुकुडी जिला POCSO कोर्ट ने 12वीं की छात्रा से दरिंदगी और हत्या मामले में आरोपी को दोहरी मौत की सजा सुनाई. कोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने ट्वीट किया.

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Tamil Nadu: POCSO कोर्ट ने आरोपी धर्म मुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई. मुनीश्वरन ने मार्च में 12वीं की छात्रा से दुष्कर्म किया था, बाद में उसकी हत्या कर दी थी. धर्म मुनीश्वरन पहले भी एक बुजुर्ग महिला से दुष्कर्म और हत्या मामले में आरोपी था. जमानत पर बाहर आने के बाद उसने बच्ची को अपना शिकार बनाया.

CCTV फुटेज की जांच और DNA मिलान, पुलिस ने आरोपी को ऐसे दबोचा

IGP (साउथ जोन) विजयेंद्र एस बिदारी ने कहा, 10 मार्च को थूथुकुडी जिेले के वेदानथम गांव में, एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या की घटना हुई थी. यह लगभग एक ब्लाइंड केस था. इस मामले में तुरंत कोई सुराग नहीं मिला था. पुलिस ने इस मामले में बहुत ही बारीकी से और पेशेवर तरीके से जांच की. हजारों घंटों की CCTV फुटेज की जांच और DNA मिलान के आधार पर, आखिरकार हम आरोपी को पकड़ने में कामयाब रहे; वह पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, और FIR दर्ज होने के 21 दिनों के भीतर ही इस मामले में तेजी से चार्जशीट दाखिल कर दी गई. थूथुकुडी की POCSO अदालत ने इस मामले में एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोहरी फांसी की सजा दी है. यह अपराधों को रोकने के लिए, और विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के प्रति, एक बहुत ही कड़ा संदेश देता है.

मुख्यमंत्री विजय ने कोर्ट के फैसले की सराहना की

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने कोर्ट के फैसले पर ट्वीट किया, मार्च में, थूथुकुडी जिले के विलाथिकुलम की 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. इस मामले में, थूथुकुडी जिला POCSO कोर्ट ने आरोपी धर्म मुनीश्वरन को दोहरी मौत की सजा सुनाई. इस मामले में, 71 गवाहों के साथ जांच की गई, त्वरित सुनवाई की गई, और आरोपी धर्म मुनीश्वरन को यौन उत्पीड़न और हत्या के अपराधों के लिए दोहरी मौत की सजा दी गई है. इस जघन्य घटना के तीन महीने के भीतर ही अभूतपूर्व गति से न्याय मिला है, और यह फैसला, जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार के कार्यों को मजबूत समर्थन देता है, सराहनीय है.

दोहरी मौत की सजा का क्या है मतलब?

दोहरी मौत की सजा का सीधा मतलब है कि अपराधी को दो अलग-अलग अपराधों के लिए दोहरी फांसी की सजा सुनाई गई. किसी को दो बार फांसी देना शारीरिक रूप से असंभव है. लेकिन कानूनी प्रक्रिया में इसे एक साथ माना जाता है. इसका मतलब है कि अपराधी को फांसी के फंदे पर एक ही बार लटकाया जाएगा, लेकिन तकनीकी और कागजी तौर पर वह दो अलग-अलग अपराधों के लिए दोषी पाया गया है और फांसी की सजा सुनाई गई है. आरोपी धर्म मुनीश्वरन के मामले में यही हुआ. उसने दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या कर दी थी. उससे पहले बुजुर्ग महिला के साथ भी दरिंदगी की थी.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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