दिव्यांग मां-बेटी का अब तक नहीं बना आधार कार्ड

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बुधनी देवी अपनी दिव्यांग पुत्री सुमंती कुमारी के साथ एक झोपड़ी में रहने को मजबूर है.

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: आधार कार्ड नहीं रहने से दिव्यांग प्रमाण पत्र से वंचित बरकट्ठा. प्रखंड के तेतरिया निवासी दिव्यांग बुधनी देवी (पति बाबूलाल मांझी) गरीबी की दंश झेलने को मजबूर हैं. बुधनी देवी अपनी दिव्यांग पुत्री सुमंती कुमारी के साथ एक झोपड़ी में रहने को मजबूर है. दिव्यांग मां-बेटी की स्थिति काफी दयनीय है. जिसकी पीड़ा को देखते हुए मानव विकास संस्था की टीम जब इनके यहां पहुंची, तो पता चला कि मां-बेटी दोनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र नहीं बना है. संस्था के सचिव बीरबल प्रसाद ने बताया की टीम के लोग जब दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रयास किया, तो इनके पास आधार कार्ड भी नहीं है. जिसके कारण दोनों आज तक सरकारी योजनाओं से वंचित रह रही हैं. संस्था के लोगों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है मां-बेटी दोनों का आधार कार्ड बनाया जाये, ताकि आधार कार्ड बनने के पश्चात दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं पेंशन के लिए सरकार से लाभ मिल सके.

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