ePaper

टूटा पुल, सड़कें जलमग्न, बिजली गुल, झारखंड में कब तक होगी तबाही की बारिश, मौसम वैज्ञानिकों ने कही ये बात

Updated at : 01 Aug 2021 10:42 AM (IST)
विज्ञापन
टूटा पुल, सड़कें जलमग्न, बिजली गुल, झारखंड में कब तक होगी तबाही की बारिश, मौसम वैज्ञानिकों   ने कही ये बात

Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन से करीब-करीब पूरा झारखंड प्रभावित रहा. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. लगातार बारिश के कारण कई जिलों में जलजमाव की स्थिति बन गयी और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं.

विज्ञापन

लातेहार में कच्चा घर गिरने से दब कर दो बच्चों की मौत

पतरातू डैम का जल स्तर बढ़ा डैम के तीन फाटक खोलने पड़े

राजधानी में 200 मिमी से अिधक बारिश दर्ज

Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन से करीब-करीब पूरा झारखंड प्रभावित रहा. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. लगातार बारिश के कारण कई जिलों में जलजमाव की स्थिति बन गयी और नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगीं. पतरातू डैम सहित राज्य के अन्य डैमों का जलस्तर बढ़ गया है. पतरातू डैम में तीन फाटक खोलने पड़े, जिससे नलकारी नदी का जलस्तर बढ़ गया.

कई जगहों पर खेतों में लगी फसलें डूब गयीं हैं. लगातार बारिश से कई कच्चे मकान गिर गये. तमाड़ में बामलाडीह पुल टूट गया है. जानकारी के अनुसार, राजधानी में पिछले 24 घंटे में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई. गुरुवार की देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार की देर शाम तक जारी थी. साइक्लोनिक सरकुलेशन का सबसे अधिक असर मध्य और पश्चिमी झारखंड पर पड़ा.

विभाग ने पूर्वानुमान किया है कि रविवार से साइक्लोन का असर कुछ कम होगा. इससे बारिश से लोगों को राहत मिलेगी. इधर दो दिनों की भारी बारिश ने पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है. कई जगह खंभे उखड़ गये, तो कहीं तार टूट गया. करीब एक दर्जन ट्रांसफारमर भी जले हैं. इसके चलते राज्य के बड़े हिस्सों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही.

लातेहार और आसपास हुई जबरदस्त बारिश

लातेहार और आसपास में भी जबरदस्त बारिश हुई. शनिवार की सुबह 8.30 बजे तक लातेहार में 204 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी थी. लातेहार जिले के सदर थाना क्षेत्र की पेशरार पंचायत के कुलगड़ा गांव निवासी रामसहाय उरांव का मिट्टी का खपरैल घर गिर जाने से उनके दो बेटों की मौत हो गयी. मृतकों में शंकर उरांव (10) और मोनुवा उरांव (8) शामिल हैं. वहीं राम सहाय उरांव (41) और उनकी पत्नी चिंता देवी (38) घायल हैं.

लोहरदगा जिले में पचास से अधिक कच्चे मकान गिर गये. एक दर्जन से ज्यादा पशुओं की भी मौत हो गयी है. गुमला जिले के भरनो व बसिया प्रखंड में भी एक दर्जन से अधिक घर ध्वस्त हो गये. बिशुनपुर में बारिश से पोल व तार टूटकर गिर गये. कई पशुओं की मौत हो गयी. भरनो एनएच-43 में विशाल पेड़ गिरा, जिससे गुमला व रांची मार्ग घंटों जाम रहा. हजारीबाग जिले के बड़कागांव की सांढ़ पंचायत स्थित पिपरा टोला के लिखेनलर के खेत में बिजली के तार पर पेड़ गिर गया.

दुर्गावती नदी पर बने पुल का एप्रोच बहा

बारिश से गिद्धौर प्रखंड के दुआरी गांव स्थित खैरा दुवारी पुल का पिलर क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पुल का एक छोर झुक गया है. पड़वा के सिक्का-गडेरियाडीह मार्ग पर दुर्गावती नदी पर बने पुल का एप्रोच बह गया है, जिससे 10 गांव के लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. बारिश से पलामू व गढ़वा को जोड़नेवाली उंटारी में बने कोयल पुल के ऊपरी हिस्से में दरार पड़ गयी है.

रजरप्पा मंदिर में शनिवार को भैरवी नदी और दामोदर नदी में बाढ़ आ गयी, जिस कारण यहां की सैकड़ों दुकानें जलमग्न हो गयीं. वहीं मंदिर का मुख्य द्वार, मुंडनशाला, यात्री टॉवर, क्यू कांप्लेक्स,चौधरी धर्मशाला और तांत्रिक घाट डूब गये हैं. कोनार नदी पर बने बैराज के चार गेट बह गये. गेट टूटने से पावर प्लांट को बिजली उत्पादन प्रभावित हुई .

कहां कितनी बारिश

स्थान बारिश

लातेहार 204

कोनार 186

बालूमाथ 176

हजारीबाग 171

पुटकी 153

कुडू 145

स्थान बारिश

हेंदेगीर 140

रामगढ़ 128

मैथन 119

तेनुघाट 108

बरही 102

बोकारो 148

दन की ही बारिश में 13 करोड़ का पुल ध्वस्त

तमाड़

दो ि. कांची नदी पर वर्ष 2014 में 13 करोड़ की लागत से बना बामलाडीह पुल तीन साल के भीतर दोबारा टूट गया. घटिया निर्माण के कारण ही पुल वर्ष 2018 में टूट गया था. ठेकेदार ने इसकी मरम्मत करायी थी. शनिवार को ही हुई बारिश में पुल फिर टूट गया. पुल का निर्माण ग्रामीण विकास विभाग की ओर से कराया गया था. वर्ष 2014 में तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री सुदेश कुमार महतो ने पुल निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी. इसका निर्माण ठेकेदार रंजन पांडेय ने कराया था. बताया जाता है कि इसी ठेकेदार द्वारा बनाया गया हाराडीह पुल भी 27 मई 2021 को टूट गया था. यहां से गुजरनेवाली सड़क तमाड़ से सरायकेला व खरसांवा जिला को जोड़ते हुए बंगाल को जोड़ती है.

बारिश में नहीं टिक रहे पुल, गुणवत्ता पर सवाल

10 वर्षों में राज्य के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में पुल ढह चुके हैं. तेज बारिश में पुल टिक नहीं सके और उनके पिलर ढह गये. अब विशेषज्ञ इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं. 27 मई को बुंडू के हराडीह में पुल ढह गया था. इसके निर्माण को कुछ ही समय हुए थे. अभी इसकी जांच भी पृरी नहीं हुई है कि एक और पुल गिर गया.

हाल के वर्षों में जो पुल ढहे रािश करोड़ रुपये में

पुल का नाम नदी राशि

भीखमपुर जारी पथ लावा 1.18

जोलो घाट दक्षिण कोयल 5.65

खूंटी कर्रा पुल तजना 2.15

बिशुनपुर चैनपुर पथ उत्तर कोयल 1.34

कामडारा बानो पथ दक्षिण कोयल 2.91

सिमडेगा कोचेकेगा

सिकरियाटांड़ पुल शंख 3.00

पुल का नाम नदी राशि

शंख छठ घाट शंख 2.50

बेलवा शंख पुल शंख 3.00

हलवाई पुल पालामाडा 00.60

धनबाद निरसा बराकर 35.00

डालटनगंज कोयल 4.25

गुमला केडेंग-जैरागी शंख 1.84

बिशुनपुर समदरी पथ उत्तर कोयल 1.57

Posted by: Pritish Sahay

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola