गुमला: सिस्टम की बदहाली से मौत! चैनपुर CHC में नहीं मिली एंबुलेंस, निजी वाहन से ले जाने के दौरान बुजुर्ग की मौत

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Gumla Road Accident

घायल युवक को अस्पताल लेकर जाते स्थानीय ग्रामीण

Gumla Road Accident: गुमला जिले के जारी प्रखंड में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई है. श्रीनगर गांव के पास दो बाइकों की टक्कर में घायल चार लोगों में से एक बुजुर्ग तरसियुस खलखो की मौत अस्पताल पहुंचते ही हो गई. परिजनों का आरोप है कि चैनपुर CHC से रेफर किए जाने के बाद काफी देर तक एंबुलेंस नहीं मिली, जिसके कारण इलाज में देरी हुई. देखिए, कैसे झारखंड के ग्रामीण इलाकों में एंबुलेंस की कमी मरीजों की जान की दुश्मन बन रही है.

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Gumla Road Accident, गुमला (दुर्जय पासवान की रिपोर्ट): गुमला जिले में स्वास्थ्य विभाग की बदहाली से लोगों की मौत का सिलसिला रूकने का नाम ही नहीं ले रहा है. ताजा मामला जारी प्रखंड का है, जहां समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण एक घायल बुजुर्ग को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यदि अस्पताल प्रबंधन ने तत्परता दिखाई होती और एंबुलेंस उपलब्ध कराई होती, तो आज तरसियुस खलखो हमारे बीच होते.

दो बाइकों की सीधी भिड़ंत में चार घायल

जानकारी के अनुसार, रविवार को जारी थाना क्षेत्र के श्रीनगर गांव के समीप दो बाइकों के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हुई. एक बाइक पर चैनपुर निवासी रूपेश कुमार (19) और रिशु पासवान (18) सवार थे, जबकि दूसरी बाइक पर जारी निवासी तरसियुस खलखो (75) और अभय टोप्पो (35) जा रहे थे. इस टक्कर में चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें रूपेश के सिर और चेहरे पर गहरे जख्म आए.

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रेफर के बाद भी एंबुलेंस का घंटों इंतजार

हादसे के बाद ग्रामीणों ने सभी घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने सभी की नाजुक स्थिति को देखते हुए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया. आरोप है कि रेफर के आदेश के बावजूद अस्पताल प्रबंधन काफी समय तक एंबुलेंस मुहैया नहीं करा सका. स्वास्थ्य व्यवस्था की इस बदहाली से मौके पर मौजूद लोगों और परिजनों में भारी नाराजगी देखी गई.

प्राइवेट गाड़ी से अस्पताल पहुंचते ही मौत

अंततः हार मानकर परिजनों ने निजी वाहन की व्यवस्था की और घायलों को गुमला ले गए. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और अस्पताल पहुंचते ही बुजुर्ग तरसियुस खलखो की मौत हो गई. अन्य घायलों का इलाज जारी है, लेकिन इस घटना ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है. स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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