निजी स्कूलों में शिक्षा के नाम पर लूट

Updated:
विज्ञापन

गुमला में री-एडमिशन, बस भाड़ा, किताब व ड्रेस पर अवैध कमाई का खेल दुजर्य पासवान गुमला : गुमला में निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर लूट रहे हैं. स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं. सालाना हजारों रुपये पॉकेट से कट रहा है. स्कूलों द्वारा बस भाड़ा, किताब व ड्रेस पर अवैध कमाई जारी है. […]

विज्ञापन
गुमला में री-एडमिशन, बस भाड़ा, किताब व ड्रेस पर अवैध कमाई का खेल
दुजर्य पासवान
गुमला : गुमला में निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर लूट रहे हैं. स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हैं. सालाना हजारों रुपये पॉकेट से कट रहा है. स्कूलों द्वारा बस भाड़ा, किताब व ड्रेस पर अवैध कमाई जारी है. री-एडमिशन के नाम पर भी मोटी रकम वसूली जा रही है.
सरकारी मुलाजिम व पैसेवालों के लिए तो कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन मध्यम वर्ग के लोग परेशान हैं. क्योंकि साल में एक बच्चे की पढ़ाई में 14 से 15 हजार रुपये घर से जा रहा है. जिससे आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है. अब चूंकि बच्चे के भविष्य की बात है. इसलिए हर कष्ट को सह कर अभिभावक बच्चों को पढ़ाने को विवश हैं.
एक बच्चे पर सालाना खर्च 15000 तक: अगर किसी के दो बच्चे हैं, तो निजी स्कूल में पढ़ाने में भारी परेशानी है. क्योंकि एक बच्चे पर सालाना 14 से 15 हजार खर्च होता है. दो बच्चों में यह खर्च दोगुना हो जाता है. री-एडमिशन के नाम पर चार से पांच हजार रुपये लिया जा रहा है. बस भाड़ा एक हजार रुपये है. किताब व कॉपी में चार से पांच हजार व ड्रेस में छह सौ से आठ सौ रुपये लग रहा है. ऊपर से ट्यूशन फीस सालाना 10 हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक लग रहा है.
चेंबर के आवेदन पर कार्रवाई नहीं : निजी स्कूलों द्वारा मनमाना पैसा लेने के खिलाफ में चेंबर ऑफ कॉमर्स ने डीसी गौरी शंकर मिंज को ज्ञापन सौंपा है. जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं की गयी है. इससे चेंबर के लोग आंदोलन के मूड में हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola