किसको लगा 440 करोड़ का झटका! तृणमूल कांग्रेस के 3 बैंक खातों से पैसे निकालने पर लगी रोक
ममता बनर्जी और रीतब्रत बनर्जी.
TMC Bank Accounts Freezed: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में हार के बाद शुरू हुई तृणमूल कांग्रेस की अंदरूनी जंग थमने का नाम नहीं ले रही. विधायकों की टूट और विपक्ष के नेता के पद पर रीतब्रत बनर्जी के कब्जा करने के बाद अब पार्टी के फंड पर कब्जे की जंग शुरू हो गयी है. बागी विधायकों की शिकायत के बाद टीएमसी के 440 करोड़ रुपए के फंड को ‘डेबिट फ्रीज’ कर दिया गया है.
खास बातें
TMC Bank Accounts Freezed: तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बाद पार्टी पर कब्जे की जंग तेज हो गयी है. बागी विधायकों की शिकायत के बाद पार्टी के 3 बैंक खातों से पैसे निकालने पर रोक लगा दी गयी है. इन खातों में लगभग 440 करोड़ रुपए जमा हैं. पार्टी के बागी विधायकों ने धन के स्रोत की जांच कराये जाने की मांग की है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.
तृणमूल के 3 बैंक अकाउंट ‘डेबिट फ्रीज’ : पुलिस
पुलिस अधिकारी ने कहा कि निजी क्षेत्र के एक बैंक में रखे गये तीन खातों को ‘डेबिट फ्रीज’ कर दिया गया है. ‘डेबिट फ्रीज’ का अर्थ बैंक खाते से पैसे निकालने, हस्तांतरण करने या किसी भी प्रकार का भुगतान करने पर अस्थायी रूप से रोक लगाना होता है.
ममता और रीतब्रत गुट में चल रहा टकराव
तृणमूल कांग्रेस के संगठन और वित्तीय तंत्र पर नियंत्रण को लेकर पूर्व मंत्री अरूप विश्वास और विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी के खेमों के बीच टकराव चल रहा है. विवाद हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद और बढ़ गया है.
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ममता बनर्जी समर्थित 10 विधायकों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह कदम ममता बनर्जी समर्थक 10 विधायकों की शिकायतों के बाद उठाया गया है. इन विधायकों ने बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के तहत साइबर अपराध पुलिस थाने में खातों को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग की है.
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TMC Bank Accounts Freezed: शिकायत करने वाले विधायकों ने धन के स्रोत पर उठाये हैं सवाल
अपनी शिकायतों में विधायकों ने खातों में जमा धन के स्रोत पर सवाल उठाये और उन खातों के माध्यम से किये गये लेन-देन की जांच की मांग की. एक शिकायत की प्रति के अनुसार, विधायकों ने जांचकर्ताओं से यह पता लगाने का आग्रह किया है कि क्या ये धनराशि वैध स्रोतों से हासिल की गयी है या कथित अवैध गतिविधियों, जैसे सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और घोटालों से अर्जित की गयी है.
ममता के करीबी ने कहा- आधिकारिक सूचना का इंतजार
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक वफादार वरिष्ठ विधायक ने कहा कि गुट को पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन वह औपचारिक सूचना का इंतजार कर रहा है. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरूप विश्वास ने एक निजी बैंक को पत्र लिखकर पार्टी के खातों से लेन-देन पर तुरंत रोक लगाने की मांग की थी.
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अरूप विश्वास को पार्टी की ओर से बोलने का हक नहीं : कुणाल
उन्होंने इसके लिए पार्टी के वैध नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता और विधायकों तथा सांसदों की बगावत का हवाला दिया था. ममता बनर्जी के करीबी विधायक कुणाल घोष ने कहा कि विश्वास अब कोषाध्यक्ष के पद पर नहीं हैं. इसलिए उन्हें वित्तीय मामलों में पार्टी की ओर से बोलने का कोई अधिकार नहीं है.
कुणाल घोष बोले – कभी कोषाध्यक्ष थे अरूप विश्वास
कुणाल घोष ने कहा- किसी भी भ्रम को दूर करने के लिए यह स्पष्ट रूप से कहा जाना चाहिए कि अरूप विश्वास कभी पार्टी के कोषाध्यक्ष थे. हालांकि, 5 जून को हुई कार्यकारी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि शुभाशीष चक्रवर्ती कोषाध्यक्ष होंगे. तब से वह इस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं.
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By मिथिलेश झा
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