टीएमसी में संग्राम के बीच रचना बनर्जी ने तोड़ी चुप्पी- दीदी के खिलाफ बगावत की सोच भी कैसे सकते हैं

Edited by Mithilesh Jha
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तृणमूल सांसद रचना बनर्जी.

Rachna Banerjee on TMC Split: तृणमूल कांग्रेस की सांसद रचना बनर्जी ने लोकसभा में 20 सांसदों के विद्रोह पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ बंगाल में कोई बगावत सफल नहीं हो सकती. जानिए, युवा सांसद ने ममता बनर्जी के समर्थन में क्या स्टैंड लिया है.

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Rachna Banerjee on TMC Split: पश्चिम बंगाल में 15 साल तक सत्ता में रहने वाली पार्टी तृणमूल कांग्रेस में इस वक्त जो भूचाल आया हुआ है, उसने पूरे देश की राजनीति को हिलाकर रख दिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 लोकसभा सांसदों के पाला बदलने और नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय के ऐलान के बाद से रोज नये बयान आ रहे हैं. बांग्ला फिल्मों की बेहद लोकप्रिय अभिनेत्री और हुगली (Hooghly) से तृणमूल कांग्रेस की सांसद रचना बनर्जी (Rachna Banerjee) ने महा-विद्रोह पर पहली बार मुंह खोला है.

दीदी के बिना टीएमसी का कोई वजूद नहीं : रचना

बांग्ला टेलीविजन चैनल पर प्रसारित रियलिटी शो ‘दीदी नंबर 1’ से बंगाल के घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली रचना बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी (दीदी) सिर्फ एक नेता नहीं, जन-आंदोलन हैं. तृणमूल कांग्रेस के भीतर या बाहर, कोई भी दीदी के खिलाफ बगावत करने की सोच भी नहीं सकता. जो लोग आज पार्टी से अलग रास्ता चुन रहे हैं, वे यह भूल रहे हैं कि उनका राजनीतिक वजूद दीदी की बदौलत ही है.

Rachna Banerjee on TMC Split: जनता का भरोसा सिर्फ ममता बनर्जी पर

रचना बनर्जी ने दावा किया कि बंगाल की आम जनता आज भी सिर्फ और सिर्फ ममता बनर्जी के चेहरे और उनकी जनकल्याणकारी नीतियों पर भरोसा करती है. पार्टी के भीतर कुछ नेताओं की महत्वाकांक्षा से जमीनी स्तर पर तृणमूल का जनाधार कम नहीं होने वाला है.

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अभिषेक बनर्जी पर कार्रवाई पर भी बोलीं रचना

रचना बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ईडी और सीआईडी की मैराथन पूछताछ का सामना कर रहे हैं. उनके घर पर आधी रात को छापेमारी हुई. इस संकट के बीच काकोली घोष दस्तीदार और सुदीप बंद्योपाध्याय जैसे वरिष्ठ नेता बागी हो गये हैं, तो रचना बनर्जी सरीखी नयी पीढ़ी की सेलिब्रिटी ममता बनर्जी के साथ वफादारी दिखाने के अभियान में जुटी हैं.

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बगावत की आग को रोक पायेगी ‘दीदी नंबर 1’ की हुंकार?

कोलकाता में टीएमसी नेता सौगत रॉय बागियों को ‘गद्दार’ बता रहे हैं, तो दिल्ली में बागी गुट खुद को असली तृणमूल बताकर नयी पहचान (कलम की निब) के साथ आगे बढ़ रहा है. ऐसे जटिल मोड़ पर रचना बनर्जी का यह कहना कि दीदी के खिलाफ कोई विद्रोह सफल नहीं हो सकता, यह दर्शाता है कि ममता कैंप अभी हार मानने को तैयार नहीं है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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