बंगाल में धार्मिक स्थलों से हटेंगे लाउडस्पीकर, एक्शन में शुभेंदु सरकार

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मंदिर और मस्जिद

पश्चिम बंगाल में ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, 2000 के तहत धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सरकार सख्त हो गई है. सभी थानों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले स्थलों से लाउडस्पीकर हटा दिए जाएं.

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आसनसोल से शिवशंकर ठाकुर की रिपोर्ट

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, 2000 के दायरे में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सरकार एक्शन मोड में आ गयी है. सोमवार को राज्य के सभी थानों को आदेश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में जिन धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण नियम का उल्लंघन हो रहा है, वहां से लाउडस्पीकर को हटवां दें. इस आदेश के आते ही सभी थानों में हरकत तेज हो गयी है. अनेकों धार्मिक स्थलों पर आधा दर्जन लाउडस्पीकर एकसाथ बज रहा है. नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी.

ध्वनी पर नियंत्रण रखने का आदेश

मंगलवार को विभिन्न थानों में सभी धार्मिक स्थलों के लोगों को बुलाया गया है. जहां नियम का उल्लंघन हो रहा है, उनलोगों को धार्मिक स्थल से लाउडस्पीकर हटाने को कहा जायेगा, यदि नहीं हटाते है और नियम के दायरे में भी नहीं रहते हैं, तो प्रशासन खुद इसपर कार्रवाई करेगी. 15 मई 2026 को सरकार ने ध्वनि प्रदूषण नियम के दायरे में लाउडस्पीकर बजाने को लेकर धार्मिक स्थलों के लोगों को नोटिस दिया था. अब एक्शन शुरू हो रहा है.

नियम का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं

ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम के दायरे में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सरकार ने पहले ही सभी को सूचित किया है. इसके बावजूद भी नियम का उल्लंघन का मामला सामने आ रहा है. ऐसे में जिन धार्मिक स्थलों में नियम का उल्लंघन हो रहा है, वहां से लाउडस्पीकर हटा दिया जाएगा. पहले धार्मिक स्थल के लोगों को खुद लाउडस्पीकर हटाने के लिए बोला जाएगा, यदि नहीं सुनते हैं, तो फिर प्रशासन अपने स्तर से कार्य करेगी.

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क्या है ध्वनि प्रदूषण का नियम

भारत सरकार ने 14 फरवरी 2000 को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियत्रंण) नियम, 2000 को लागू किया. यह कानून देश के विभिन्न क्षेत्रों के लिए अधिकतम ध्वनि स्तर (डेसीबल) की सीमा को तय करता है. ●औद्योगिक क्षेत्र में सुबह छह से 10 बजे तक- अधिकतम 75 डेसीबल ●व्यावसायिक क्षेत्र में सुबह छह से रात 10 बजे तक- अधिकतम 65 डेसीबल ●आवासीय क्षेत्र में सुबह छह से रात 10 बजे तक- अधिकतम 45 डेसीबल ●शांत क्षेत्र में सुबह छह से रात दस बजे तक- अधिकतम 50 डेसीबल

रात 10 बजे के बाद नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर

रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित है. विशेष परिस्थियों में अनुमति के आधार पर सिर्फ बंद जगहों में इसे बजाने की अनुमति मिलती है. इसमें भी औद्योगिक क्षेत्र में अधिकतम 70 डेसीबल, व्यवयिक क्षेत्र में 55 डेसीबल, आवासीय क्षेत्र में 45 डेसीबल और शांत क्षेत्र में 40 डेसीबल के दायरे में बजाने के नियम है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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