प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान: जमशेदपुर के टॉपर्स के बीच पहुंचे प्रशासनिक दिग्गज, DC ने दिया सफलता का मंत्र
पुरस्कार के साथ सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राएं
जमशेदपुर में प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह में एसएसपी पीयूष कुमार पांडेय, डीसी राजीव रंजन और एआई विशेषज्ञ हरीश कुमार ने छात्रों को सफलता और एआई युग के मूलमंत्र दिए. पढ़ें, अतिथियों ने क्या क्या कहा?
जमशेदपुर से संजीव भारद्वाज की रिपोर्ट
Prabhat Khabar Pratibha Samman, जमशेदपुर: “आज का दौर असीम संभावनाओं और अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का है. 12वीं कक्षा के बाद आपके जीवन में कई महत्वपूर्ण और टर्निंग प्वाइंट्स आएंगे. आपको अभी से यह तय करना होगा कि जीवन के इस लंबे सफर में आपको आसमान में ऊंची उड़ान भरनी है, क्रैश होकर जमीन पर नहीं गिरना है.” यह प्रेरणादायी बातें पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के एसएसपी पीयूष कुमार पांडेय ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहीं. कार्यक्रम के पहले सत्र में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए एसएसपी ने मेधावी बच्चों का हौसला बढ़ाया और उन्हें व्यावहारिक जीवन में सफल होने के मूलमंत्र दिए. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अमूमन पुलिस का पाला अपराधियों और उपद्रवियों से पड़ता है, लेकिन एक साथ इतने सारे होनहार और मुस्कुराते बच्चों के बीच आना मेरे लिए एक बेहद सुखद और सकारात्मक अनुभव है.
एसएसपी ने युवाओं को तनाव मुक्त रहने की दी सलाह
विद्यार्थियों का करियर गाइडेंस करते हुए एसएसपी पीयूष कुमार पांडेय कहा कि आमतौर पर हमारे समाज में बच्चों के बीच सिर्फ इंजीनियरिंग और मेडिकल का ही क्रेज देखा जाता है, लेकिन आज के दौर में इसके अलावा भी सैकड़ों ऐसे फील्ड्स हैं, जिनमें आगे बढ़कर नाम, शोहरत और अच्छा पैसा कमाया जा सकता है. इसके लिए किताबी कीड़ा बनने के बजाय अपने अंदर कोई न कोई हुनर (स्किल) पैदा करना अनिवार्य है. पहले के समय में करियर के इतने सारे विकल्प और सही मार्गदर्शन देने वाले साधन नहीं थे, मगर आज युवाओं के पास स्मार्टफोन और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) जैसे बेहतरीन माध्यम हैं, जो उन्हें सही दिशा में गाइड कर सकते हैं. एआई के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए एसएसपी ने कहा, एआई से नौकरी सिर्फ उसी व्यक्ति की खतरे में है, जो खुद को समय के साथ अपग्रेड या अपडेट नहीं करेगा. तकनीक से डरने के बजाय उसे अपनाकर ही आगे बढ़ा जा सकता है. उन्होंने युवाओं को तनावमुक्त रहने के लिए बेहतर टाइम मैनेजमेंट के साथ-साथ आउटडोर एक्टिविटी और मैदानी खेलों से जुड़े रहने की खास सलाह दी. उन्होंने कहा कि मनोरंजन भी जीवन का एक जरूरी हिस्सा है, इसलिए इंस्टाग्राम चलाएं, ओटीटी और टीवी पर अच्छे सीरियल भी देखें, लेकिन हर चीज का एक वक्त तय होना चाहिए. अपने संबोधन के आखिर में एसएसपी ने युवाओं से अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को भी समझने का आह्वान किया. उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया और जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करने की कड़ी हिदायत दी. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में बढ़ रहे अधिकांश अपराधों के पीछे कहीं न कहीं नशा एक बहुत बड़ा कारण है, जिससे दूर रहकर ही एक स्वस्थ और मजबूत समाज का निर्माण संभव है.
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विज्ञान और तर्क को समझने की आदत डालें: हरीश कुमार
प्रभात खबर के इस प्रतिभा सम्मान समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एआई (AI) विशेषज्ञ हरीश कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एक बेहद गहरी बात कही. उन्होंने कहा कि मानव इतिहास में लगभग हर सौ साल में एक ऐसी क्रांतिकारी तकनीक आती है, जो पूरी दुनिया के काम करने का तरीका और दिशा बदल देती है. जो देश उस तकनीक को सबसे पहले समझता है और अपने यहां विकसित करता है, वही आने वाले समय में पूरी दुनिया का नेतृत्व करता है. उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई और रोबोटिक्स ऐसी ही परिवर्तनकारी तकनीकें हैं. भारत के युवाओं के सामने आज इन्हें केवल एक उपभोक्ता (User) की तरह इस्तेमाल करने का नहीं, बल्कि इन्हें खुद विकसित करने (Creator बनने) का एक ऐतिहासिक अवसर है.
सफलता का आधार केवल मार्क्स नहीं: AI विशेषज्ञ
विशेषज्ञ हरीश कुमार हरीश कुमार ने कहा कि बोर्ड परीक्षा में प्राप्त अंक आपकी मेहनत का प्रमाण तो हैं, लेकिन भविष्य में आपकी वास्तविक सफलता का आधार केवल ये मार्क्स नहीं, बल्कि आपकी जिज्ञासा, तार्किक सोच और मुश्किल समस्याओं को समझने की क्षमता होगी. उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे हर तकनीक के पीछे छिपे विज्ञान और उसके तर्क (Logic) को समझने की आदत विकसित करें. केवल किसी मोबाइल ऐप या तकनीक का ऊपरी उपयोग करना काफी नहीं है, बल्कि यह जानना अधिक महत्वपूर्ण है कि वह कोडिंग के स्तर पर कैसे और क्यों काम करती है. उन्होंने इतिहास का सटीक उदाहरण देते हुए कहा कि औद्योगिक क्रांति के दौरान जिन देशों ने नई मशीनों और तकनीकों को विकसित किया, वे विश्व शक्ति बन गए, जबकि जो देश केवल उपभोक्ता बने रहे, वे रेस में पीछे छूट गए. उन्होंने कहा कि कंप्यूटर और इंटरनेट के दौर में भारतीय इंजीनियरों ने पूरी दुनिया में लोहा मनवाया, लेकिन हमने अधिकांश कार्य दूसरे देशों की कंपनियों के लिए किया. अब एआई के इस नए युग में भारत के पास अपनी खुद की तकनीक, अपने मॉडल और अपने स्वदेशी समाधान विकसित करने का एक सुनहरा मौका है. उन्होंने गर्व से कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी नवाचार (Innovation) क्षमता और सीमित संसाधनों में भी सबसे बेहतरीन समाधान ढूंढ निकालने की परंपरा है, जिसका सबसे बड़ा और जीता-जागता प्रमाण हमारे चंद्रयान और मंगलयान जैसे ऐतिहासिक मिशन हैं.
AI विशेषज्ञ ने दिए भविष्य के लिए 3 अचूक सूत्र
- सोशल मीडिया पर केवल फालतू समय बिताने के बजाय उसके पीछे की तकनीक को समझने का प्रयास करें.
- गणित (Mathematics), तार्किक सोच (Logical Thinking) और प्रोग्रामिंग जैसी अपनी बुनियादी क्षमताओं को मजबूत बनाएं.
- अपने आसपास की वास्तविक सामाजिक समस्याओं को पहचानें और तकनीक के जरिए उनका समाधान विकसित करने का प्रयास करें. उन्होंने कहा कि भविष्य सिर्फ उन्हीं का होगा जो केवल तकनीक के खरीदार नहीं, बल्कि उसके निर्माता बनने का संकल्प लेंगे.
निरंतर प्रयास ही सफलता की एकमात्र कुंजी: उपायुक्त
जमशेदपुर जिले के उपायुक्त (DC) राजीव रंजन ने विद्यार्थियों का प्रशासनिक दृष्टिकोण से मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जो लोग पूरी ईमानदारी, अटूट समर्पण और निरंतरता (Consistency) के साथ कड़ी मेहनत करते हैं, उन्हें सफलता मिलना बिल्कुल तय है. आज के समय में हर क्षेत्र में कंपटीशन का लेवल बहुत ऊंचा हो चुका है. इस कठिन दौर में अपनी एक अलग पहचान बनाना बेशक आसान नहीं है, लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि सफलता पाना नामुमकिन है. उन्होंने बच्चों को बूस्ट करते हुए कहा कि असफलता कोई स्थायी पड़ाव नहीं है कि आप वहां रुक जाएं. इसे सिर्फ और सिर्फ आपकी दोगुनी कड़ी मेहनत से ही मात दी जा सकती है. जब भी आप कोई काम अपने हाथों में लें या अपनी जिंदगी का कोई बड़ा लक्ष्य तय करें, तो उसे पूरा करने से पहले बीच में बिल्कुल न छोड़ें. बीच राह में आने वाली कठिनाइयों और बाधाओं से डरकर पीछे हटने के बजाय दृढ़ संकल्प के साथ मैदान में डटे रहना जरूरी है. अपनी मेहनत और प्रयास के स्तर को इतना ऊंचा उठा दीजिए कि आपके सामने आपकी असफलता खुद-ब-खुद बौनी और छोटी साबित हो जाए. जीवन में आगे बढ़ने का यही एकमात्र और सबसे प्रभावी तरीका है.
अपने सपने सच करके दिखाइये: एएसपी ऋषभ त्रिवेदी
सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) ऋषभ त्रिवेदी ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि जीवन में सफल होने के लिए शॉर्टकट ढूंढने के बजाय कड़ी मेहनत करना सबसे ज्यादा जरूरी है. मेहनत का दुनिया में कोई दूसरा विकल्प नहीं है. इस सफर के दौरान अगर आपको कभी असफलता भी मिले, तो उससे निराश होकर बैठना नहीं है. बल्कि उस असफलता से एक कड़ा सबक लेते हुए खुद के अंदर की कमियों को ढूंढना है और उसे सुधार कर आगे बढ़ना है. उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अंदर किसी भी तरह की हीनभावना (Inferiority Complex) नहीं आने देनी चाहिए. जो काम दुनिया में कोई दूसरा व्यक्ति कर सकता है, उसे आप खुद भी पूरी शिद्दत से कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए एक दृढ़ संकल्प के साथ लगातार पसीना बहाना जरूरी है. आज दुनिया में जो भी व्यक्ति सफलता की बुलंदियों पर बैठा है, उसे भी अपने शुरुआती दिनों में असफलता की कई सीढ़ियों और ठोकरों से होकर गुजरना पड़ा है. इसलिए असफलता को हार नहीं, बल्कि सफलता की राह का महज एक छोटा सा हिस्सा समझना चाहिए. असफलता आपकी कहानी का अंत नहीं, बल्कि एक शानदार नई शुरूआत बनना चाहिए.
डालसा के सचिव ने सौरभ त्रिपाठी ने क्या कहा
डालसा (DALSA) के सचिव सौरभ त्रिपाठी ने जीवन के दर्शन को समझाते हुए कहा कि जिंदगी के हर क्षेत्र में चुनौतियां और मुश्किलें आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. हमें इनसे घबराने या भागने के बजाय इनका सामने से डटकर मुकाबला करना चाहिए, क्योंकि वास्तविक सफलता का स्वाद चुनौतियों को पार करने के बाद ही मिलता है. जब तक हम अपने अंतिम लक्ष्य को प्राप्त न कर लें, तब तक हमें बिना थके निरंतर और कड़ी मेहनत करते रहना चाहिए. अक्सर लोग एक-दो बार असफल होने पर निराश हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि असफलता हमें रोकने या तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि हमें अंदर से और अधिक मजबूत और परिपक्व बनाने के लिए आती है. यह हमें हमारी पुरानी कमियों को सुधारने का एक और बेहतरीन अवसर देती है. यदि हम बिना रुके, पूरी ईमानदारी और निरंतरता के साथ प्रयास करते रहेंगे, तो सफलता मिलना बिल्कुल निश्चित है. हमेशा याद रखना चाहिए कि आपकी की गई मेहनत कभी भी व्यर्थ नहीं जाती, वह देर-सवेर अपना परिणाम समाज को जरूर दिखाती है. इसलिए चुनौतियों को रुकावट नहीं, बल्कि सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ते रहें.
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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