गुमला में पीएलएफआइ की करतूत : खेत में लाल झंडा गाड़ा, घर पर चिपकाया पोस्टर

Updated at : 07 Nov 2019 1:28 AM (IST)
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गुमला में पीएलएफआइ की करतूत : खेत में लाल झंडा गाड़ा, घर पर चिपकाया पोस्टर

10 दिन पहले ही की गयी थी पूर्व जमींदार संजय सिंह की हत्या गुमला : पीएलएफआइ ने कामडारा प्रखंड के मुरूमकेला गांव के ठेकेदार और पूर्व जमींदार स्व संजय सिंह के खेत में मंगलवार की रात लाल झंडा गाड़ दिया है. सात एकड़ से अधिक खेत पर तीन स्थानों पर लाल झंडा गाड़ा गया है. […]

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10 दिन पहले ही की गयी थी पूर्व जमींदार संजय सिंह की हत्या

गुमला : पीएलएफआइ ने कामडारा प्रखंड के मुरूमकेला गांव के ठेकेदार और पूर्व जमींदार स्व संजय सिंह के खेत में मंगलवार की रात लाल झंडा गाड़ दिया है. सात एकड़ से अधिक खेत पर तीन स्थानों पर लाल झंडा गाड़ा गया है. इसके अलावा उनके घर पर पोस्टर भी चिपकाया है.

खेत में गाड़े गये झंडे में लिखा है : यह जमीन जमीदारों की नहीं है, बल्कि जनता की है. बुधवार की दोपहर तक पुलिस ने झंडा और पोस्टर नहीं हटाया था. बताया जा रहा है कि मंगलवार देर रात कुछ उग्रवादी स्व संजय सिंह के घर पहुंचे और पोस्टर चिपका दिया. इसके बाद उन्होंने नारेबाजी भी की. इसके बाद वे लाल झंडा खेत में गाड़ दिया. खेत के पास भी 15 मिनट तक नारेबाजी करते हुए हवाई फायरिंग की है. रात को डर से ग्रामीण नहीं उठे. सुबह जब उठे तो स्व संजय के घर पर पोस्टर साटा हुआ पाया.आम जनता को परेशान न करे : संजय सिंह के नजदीकी रहे गोवर्द्धन सिंह ने कहा है कि संजय सिंह समाजसेवी थे.

जमींदार परिवार से होने के कारण वह अक्सर लोगों की मदद करते थे. वह गांव में उग्रवाद को पनपने से रोक रहे थे, जिसका नतीजा है कि उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी. पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप के इशारे पर ही तिलकेश्वर गोप, राजेश गोप ने संजय को गोली मारी. जमींदारी प्रथा अब खत्म हो चुकी है. अगर पीएलएफआइ को लड़ना है तो शासन व प्रशासन से लड़े. सामाजिक व्यक्तियों को नुकसान न पहुंचाये.

थाना की मुख्य सड़क के पास संजय को मारी गयी थी गोली

संजय सिंह मुरूमकेला गांव के रहनेवाले थे. 10 अक्तूबर को जोनल कमांडर तिलकेश्वर गोप ने थाना के पास उनकी हत्या कर दी थी. जिस दिन संजय की हत्या की गयी, उसी दिन उनकी मां का दशकर्म भी था. मिली सूचना के अनुसार, घटना के दिन कामडारा थाने के एक सिपाही ने संजय को बुलाया था. पुलिस से संजय का संपर्क था. वह जमींदार परिवार से थे और क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ थी.

जांच में स्पष्ट है कि सिपाही ने संजय िसंह को थाने नहीं बुलाया था

संजय की हत्या के बाद से पुलिस लगातार हत्यारों को पकड़ने के लिए अभियान चला रही है. पुलिस ने जांच की है, जिसमें यह स्पष्ट हो गया है कि घटना के दिन थाने के सिपाही ने संजय को नहीं बुलाया था. स्व संजय के घर में पोस्टर व खेत में झंडा गाड़ा गया है. जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. झंडा गाड़ने व पोस्टर चिपकाने में एक-दो लोग थे. रात में ग्रामीणों ने एक ही व्यक्ति को भागते देखा था.

-दीपक कुमार, एसडीपीओ, बसिया अनुमंडल

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