जलछाजन समिति के दस्तावेज लेखापाल के पास

Published at :03 Jun 2015 8:10 AM (IST)
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जलछाजन समिति के दस्तावेज लेखापाल के पास

गोड्डा : गोड्डा वन विभाग द्वारा जल छाजन के तहत तालाब खुदाई मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. तालाब खुदाई में जेसीबी का प्रयोग कर भारी अनियमितता के बाद लेखापाल प्रिंस गोप द्वारा डब्ल्यूडीटी कमेटी के सभी कागजातों तथा चेक बुक व बैंक पासबुक तक रखने का मामला प्रकाश में आया […]

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गोड्डा : गोड्डा वन विभाग द्वारा जल छाजन के तहत तालाब खुदाई मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं. तालाब खुदाई में जेसीबी का प्रयोग कर भारी अनियमितता के बाद लेखापाल प्रिंस गोप द्वारा डब्ल्यूडीटी कमेटी के सभी कागजातों तथा चेक बुक व बैंक पासबुक तक रखने का मामला प्रकाश में आया है. जबकि नियम के अनुसार सारे दस्तावेज कमेटी के पास रहने चाहिए थे.
जानकारी के अनुसार छह फरवरी 2015 को वन विभाग द्वारा जलछाजन संचालित 13 में से 11 कमेटी सचिवों द्वारा डीएफओ को पत्र लिखा गया था. विभाग के कार्यालय द्वारा 17.1.15 को पत्रंक 130 के तहत भेजे गये पत्र का जबाब देते हुए सचिवों में कुड़कीनाला समिति सचिव मनोज कुमार ठाकुर, डुमरतरी नाला के सचिव विलसन हांसदा, पीपल नाला के सचिव चमकलाल पहाड़िया, जलगरनाला के सचिव राम मुमरू,
जांताजोर नाला सचिव युगल किशोर सिंह, जोलो नाला सचिव गोविंद राय, सालोडीह नाला सचिव सिमोन हांसदा, हलगार सोडोनाला के सचिव एस विनोद मालतो ने लिखित जानकारी दी थी कि जलछाजन दल तथा समिति के सारे कागजात कमेटी के पास ना होकर लेखापाल प्रिंस गोप के पास है. यहां तक कि डब्लूडीटी के पास भी नहीं है.
लेखापाल के पास है सारे दस्तावेज
सामान्य परिषद रजिस्टर, कार्यकारिणी समिति का रजिस्टर, ग्राम सभा रजिस्टर, कैश बुक, लेजर बुक, ऑडिट रिपोर्ट, एनुअल रिपोर्ट, वाउचर रजिस्टर, बैंक चेक बुक पासबुक,चेक बुक, एडवांस एडजस्टमेंट रजिस्टर, एसेट रजिस्टर, डब्लूडीएफ पासबुक तथा रजिस्टर, रिवॉलविंग फंड रजिस्टर, एसएचजी यूजर ग्रुप पासबुक, सोसाइटी एक्ट पासबुक आदि कुल 16 दस्तावेज को रखे जाने की बातें स्पष्ट तौर पर लिखा गया था.
कमेटी का आरोप सब कार्य विभाग में ही बैठ कर किया जाता है
सचिवों ने लिखित रूप से डीएफओ को कॉपी देते हुए आरोप लगाया है कि जल छाजन का कार्यालय नहीं है. वन विभाग द्वारा कार्यालय में ही बेैठ कर सभी योजनाओं का संचालन किया जाता है. कमेटी को अब तक किसी भी तरह का रजिस्टर भी नहीं दिया गया है. लेकिन योजनाएं चल रही हैं. कमेटी के सदस्यों ने मांग की थी कि सचिवों को प्रतिमाह मानदेय भुगतान किया जाये.
विभाग के लेखापाल के पास है 2009 से कागजात
सचिवों के पत्र के जबाब में सभी कागजातों के लेखापाल प्रिंस गोप के पास रखे जाने के मामले को लेकर डीएफओ ने पत्रंक 266, दिनांक 12.2.15 को विभागीय आदेश की प्रति उपलब्ध करायी गयी.
जिसमें जलछाजन मिशन के विशेष सचिव सह कार्यपालक पदाधिकारी के पत्र की प्रति जो 27.6.14 को जारी की गयी थी वही भी संलगA किया गया था. जिसमें चेक बुक, पासबुक, सरकारी कर्मचारी पदाधिकारी के पास रखने का निर्देश दिया गया है.
जांच की मांग का मामला गरमाया
गोड्डा. वन विभाग के कारनामों की जांच की मांग झामुमो के पूर्व विधायक प्रशांत कुमार ने की है. सोमवार को समाहरणालय के समक्ष धरना के दौरान राज्यपाल को भेजे गये ज्ञापन में चौथी मांग जलछाजन में बरती जा रही अनियमितता की जांच की मांग झामुमो द्वारा की गयी है.
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