भीषण गर्मी में आंखों के इन्फेक्शन के मामले 35 प्रतिशत बढ़े, डॉक्टरों ने दी बड़ी सलाह

Published by :Saurabh Poddar
Published at :30 Apr 2026 11:28 PM (IST)
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summer eye problems

गर्मियों में आंखों में होने वाली समस्याओं से कैसे बचें Ai image

Summer Eye Problems: दिल्ली और उत्तर भारत की भीषण गर्मी में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. धूल, गर्म हवाएं, कम मॉइस्चर और ज्यादा स्क्रीन टाइम के कारण ड्राइनेस, जलन और एलर्जी के केस बढ़ गए हैं. डॉक्टरों ने आंखों की नमी बनाए रखने और इन्फेक्शन से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है.

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Summer Eye Problems: दिल्ली और उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लोगों में आंखों से जुड़ी प्रॉब्लम्स तेजी से बढ़ रही हैं. धूल, गर्म हवाएं, कम मॉइस्चर और लगातार स्क्रीन पर काम करने की आदत के कारण आंखों में जलन, ड्राइनेस, रेडनेस और एलर्जी के मामले 35 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. डॉक्टरों के अनुसार यह समस्या खासकर उन लोगों में ज्यादा देखी जा रही है जो लंबे समय तक मोबाइल और कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं. विशेषज्ञों ने आंखों की नमी बनाए रखने और इन्फेक्शन से बचाव के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है.

स्क्रीन टाइम और आंखों का ड्राई होना

सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ आई हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह सचदेवा ने बताया कि मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर पर लंबे समय तक काम करने से पलक झपकाने की आदत कम हो जाती है. सामान्य तौर पर एक व्यक्ति प्रति मिनट 15 से 20 बार पलक झपकाता है, लेकिन स्क्रीन देखने के दौरान यह घटकर 6 से 8 बार रह जाता है. इससे आंखों की सतह पर मौजूद पानी के लेयर जल्दी सूख जाती है और आंखों में ड्राइनेस, खुजली और जलन होने लगती है.

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लू, एसी और धूल का असर

डॉ. सचदेवा के अनुसार गर्मी में चलने वाली लू और ड्राई हवा आंखों की नमी को तेजी से खत्म कर देती है. इसके अलावा एयर कंडीशनर का लगातार इस्तेमाल भी कमरे के मॉइस्चरको कम कर देता है, जिससे आंखें और ज्यादा सूख जाती हैं. इसके अलावा धूल और प्रदूषण भी इस समस्या को बढ़ाते हैं.

डॉक्टरों की जरूरी सलाह

डॉ. महिपाल सिंह सचदेवा ने सलाह दी है कि कंप्यूटर या मोबाइल पर काम करने वाले लोग हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फुट दूर देखें. इसे “20-20-20 रूल” कहा जाता है. इसके साथ ही बार-बार पलक झपकाना और दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है, ताकि आंखों की नमी बनी रहे.

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इन्फेक्शन और यूवी किरणों का खतरा

कम्प्लीट आई केयर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पारुल सोनी ने बताया कि इस मौसम में गर्मी और धूल के कारण आंखों में इन्फेक्शन जैसे कंजंक्टिवाइटिस और आई फ्लू के मामले भी बढ़ जाते हैं. साथ ही लगातार यूवी किरणों के कॉन्टैक्ट में रहने से आंखों की सतह और रेटिना को नुकसान हो सकता है. इसलिए आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी है.

कॉन्टैक्ट लेंस से बचने की सलाह

डॉक्टरों ने यह भी सलाह दी है कि गर्मी के मौसम में कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल कम करें और उसकी जगह चश्मा पहनें. लू और सूखी हवा में लेंस जल्दी सूख जाते हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और आंखों में जलन भी हो सकती है.

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Saurabh Poddar

लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

मैं सौरभ पोद्दार, पिछले लगभग 3 सालों से लाइफस्टाइल बीट पर लेखन कर रहा हूं. इस दौरान मैंने लाइफस्टाइल से जुड़े कई ऐसे विषयों को कवर किया है, जो न सिर्फ ट्रेंड में रहते हैं बल्कि आम पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी से भी सीधे जुड़े होते हैं. मेरी लेखनी का फोकस हमेशा सरल, यूजर-फ्रेंडली और भरोसेमंद भाषा में जानकारी देना रहा है, ताकि हर वर्ग का पाठक कंटेंट को आसानी से समझ सके. फैशन, हेल्थ, फिटनेस, ब्यूटी, रिलेशनशिप, ट्रैवल और सोशल ट्रेंड्स जैसे विषयों पर लिखना मुझे खास तौर पर पसंद है.

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