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Jharkhand: गैंगस्टर अमन साहू के गिरोह ने की थी जेल सुपरिंटेंडेंट हिमानी प्रिया के देवघर और गिरिडीह आवास की रेकी, हमले से पहले चार गुर्गे अरेस्ट

Updated at : 14 Jul 2024 7:05 AM (IST)
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गिरिडीह सेंट्रल जेल

गिरिडीह सेंट्रल जेल

गैंगस्टर अमन साहू का गिरोह गिरिडीह जेल सुपरिंटेंडेंट के देवघर व गिरिडीह आवास की रेकी कर चुका है. झारखंड से बाहर ट्रेनिंग में गयी सुपरिंटेंडेंट के जेल स्थित आवास की भी गिरोह के सदस्यों ने रेकी की थी.

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गिरिडीह, राकेश सिन्हा: कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू गिरोह के निशाने पर रहीं जेल सुपरिंटेंडेंट हिमानी प्रिया के देवघर व गिरिडीह आवास की रेकी गिरोह के सदस्यों ने पूर्व में ही की थी. हमले की तैयारी की ही गयी थी कि गिरोह के चार सदस्य एटीएस के हत्थे चढ़ गये. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देवघर में जहां जेल सुपरिंटेंडेंट के परिजनों पर हमले के अलावा जेल सुपरिंटेंडेंट पर हमला करने के लिए गिरिडीह जेल परिसर में स्थित आवास का भी अमन के गुर्गों ने रेकी की थी. कुछ दिनों पूर्व जेल सुपरिंटेंडेंट हिमानी प्रिया ट्रेनिंग में दूसरे राज्य गयी हुई थीं. इसी दौरान अमन के गुर्गों ने गिरिडीह के आवास की रेकी की थी. रेकी करने के बाद हमले की योजना बना ली गयी थी. एटीएस की टीम को कई महत्वपूर्ण जानकारियां अमन गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों से मिली हैं. कई मैसेज भी मोबाइल पर आदान-प्रदान किये गये हैं. सूत्रों का कहना है कि होटवार जेल में बंद एक अपराधी के द्वारा भी हमले के संबंध में सूचनाएं भेजी गयी थीं. इधर, एटीएस के एसपी ऋषभ झा ने बताया कि मोबाइल पर कई सूचनाओं का आदान-प्रदान हुआ है. मामले की गहनता से जांच-पड़ताल की जा रही है.

गिरिडीह आवास की बढ़ायी गयी सुरक्षा

जेल सुपरिंटेंडेंट को अमन गिरोह के गुर्गों द्वारा मिली धमकी के बाद गिरिडीह की पुलिस पहले से ही सतर्क हो गयी है. एक ओर जहां जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी प्रिया का बॉडीगार्ड बढ़ा दिया गया है, वहीं दूसरी ओर उनके आवास की भी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. जिला पुलिस का गश्ती दल जेल परिसर के आसपास के इलाके में लगातार गश्त कर रहा है. वहीं, एसडीपीओ के नेतृत्व में गिरिडीह नगर, मुफस्सिल व पचंबा थाना की पुलिस भी जेल परिसर में स्थित उनके आवास की सुरक्षा का जायजा ले चुकी है. एसपी दीपक कुमार शर्मा ने बताया कि जेल सुरक्षा को धमकी मिलने के बाद से ही पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है. उनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है. साथ ही उनके आवास के आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी कर ली गयी है.

जेल सुपरिटेंडेंट के साथ-साथ परिजनों को मारने की मिल चुकी है धमकी

पलामू जेल से गिरिडीह केंद्रीय कारा में 21 जून, 2024 को शिफ्ट होने के बाद से ही प्रतिबंधित सुविधाएं हासिल करने के लिए अमन साहू प्रयासरत है. अमन साहू ने खुद जेल सुपरिटेंडेंट हिमानी को सीधे धमकी दी है, वहीं उसके गिरोह के लोगों ने उनके मोबाइल फोन पर भी कॉल कर और व्हाट्सएप्प मैसेज भेजकर धमकियां दी है. जिस नंबर से धमकी के मैसेज जेल सुपरिटेंडेंट को मिला है, वह नंबर विदेश का बताया जाता है. इस मामले को लेकर जेल सुपरिटेंडेंट ने मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी भी दर्ज करायी है.

जेल मैनुअल से अलग हटकर चाहता है सुविधाएं

जेल सुपरिंटेंडेंट व उनके परिजनों पर जानलेवा हमले की धमकी के पीछे के कारणों में बताया जा रहा है कि अमन साहू जेल मैनुअल से अलग हटकर सुविधाएं चाहता है. कई ऐसी सुविधाएं वह मांग रहा है, जो किसी कैदी को उपलब्ध नहीं है. कई बार अमन ने जेल के कर्मियों से गांजा और सिगरेट की मांग की है. बताया जा रहा है कि गांजा व सिगरेट नहीं मिलने के कारण वह काफी आक्रोशित है. यही कारण है कि वह जेल सुपरिटेंडेंट के साथ-साथ अन्य जेल कर्मियों को भी धमकी देकर वह दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा है, जबकि जेल प्रशासन ने स्पष्ट कह दिया है कि जेल मैनुअल से अलग हटकर कोई सुविधाएं नहीं दी जायेंगी.

पूर्व के भी जेल सुपरिटेंडेंट को दी है धमकी, जेलर पर हमला

अमन साहू को दूसरी बार गिरिडीह जेल में शिफ्ट किया गया है. इसके पूर्व 13 अप्रैल 2022 को अमन को गिरिडीह केंद्रीय कारा में लाया गया था. उस दौरान गिरिडीह जेल के प्रभारी सुपरिटेंडेंट अनिमेष चौधरी को भी प्रतिबंधित सुविधाएं हासिल करने के लिए उसने ना सिर्फ धमकी दी थी, बल्कि दो करोड़ की रंगदारी भी मांगी थी. इतना ही नहीं, तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट श्री चौधरी को जान मारने के लिए अमन के गुर्गों ने उनके वाहन पर भी हमला किया था. हालांकि, जिस दिन यह हमला हुआ, उस दिन श्री चौधरी उस वाहन में नहीं थे. बल्कि उस वाहन में जेलर प्रमोद कुमार थे जो जेल से कोर्ट जा रहे थे. इस हमले में जेलर प्रमोद कुमार बाल-बाल बच गये.

20 लाख से भी ज्यादा का गहना पहनकर आया था गिरिडीह जेल

कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू गहनों के साथ-साथ चप्पल व जूतों का भी शौकीन है. जब उसे गत 21 जून को गिरिडीह जेल में शिफ्ट किया गया था तो उस दौरान वह गले में मोटी सोने की चेन, सोने की अंगूठियां, प्लेटिनम का ब्रेसलेट आदि पहन रखा था. इसकी कीमत लगभग 20 लाख से भी ज्यादा की बतायी जाती है. हालांकि, गिरिडीह जेल प्रशासन ने उसे इन गहनों को अंदर ले जाने की इजाजत नहीं दी. इसके अलावा वह जूतों और चप्पलों का भी शौकीन रखता है. मिली जानकारी के अनुसार जब उसे गिरिडीह जेल शिफ्ट कराया जा रहा था तो उसने छह जोड़ी चप्पल व जूता भी लाया था. वह इन जूते और चप्पलों को भी जेल के अंदर ले जाना चाह रहा था. बताया जाता है कि सिर्फ दो जोड़ी चप्पल उसे जेल के अंदर ले जाने की इजाजत मिली. साथ ही उसने साथ में आठ बाल्टियां ले रखी थीं. इनमें से दो बाल्टियों को अंदर ले जाने की इजाजत मिली. जेल के सूत्रों ने बताया कि जेल के सेल में उसे एक टिफिन भी दी गयी है. लेकिन वह बार-बार चार लेयर वाला हॉटपॉट की मांग करता है. जेल कर्मियों ने उसे सशर्त टिफिन की सुविधा दी है. कहा गया है कि वह भोजन करने के बाद टिफिन को वापस कर दे.

जेल के अंदर ज्यादा मात्रा में खाता है ड्राई फ्रूट्स


अमन साहू को ड्राई फ्रूट्स ज्यादा पसंद है. वह जेल के अंदर बहुत ही ज्यादा मात्रा में ड्राई फ्रूट्स खाता है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जब भी अमन का परिजन उससे मिलने आता है तो साथ में ड्राई फ्रूट्स जरूर लाता है. पिछले दिनों अमन की मां उससे मिलने आयी थी. मिलने के दौरान अमन को काफी मात्रा में ड्राई फ्रूट्स वह देकर गयी. इसके अलावे वह जेल के कर्मियों से भी ड्राय फ्रूट्स की मांग करता है.

झारखंड की भौगोलिक स्थिति का करता है अध्ययन

सूत्रों की मानें तो जेल के अंदर अमन कुछ किताबों के साथ-साथ चारों अखबारों की भी मांग करता है. इस वक्त उसे जेल के अंदर दो अखबार पढ़ने को दी जा रही है. इसके अलावे लाइब्रेरी से उसे किताबें भी दी जाती है. उसे बताया गया है कि किताब पढ़ने के बाद वापस करने के उपरांत ही उसे दूसरी किताबें दी जायेगी. मिली जानकारी के अनुसार वह वैसे किताबों पर ज्यादा फोकस कर रहा है, जिसमें झारखंड की भौगोलिक स्थिति का वर्णन किया गया है.

24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से रखी जा रही है नजर


अमन को गिरिडीह जेल के एक सेल में रखा गया है. जहां उसे किसी भी अन्य कैदियों से मिलने की इजाजत नहीं है. इसकी निगरानी में 24 घंटे जेल के कर्मी और सजायाफ्ता कैदी रोटेशन के जरिये करते हैं. साथ ही जेल के अंदर सेल के आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये हैं, ताकि 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से उसपर नजर रखी जा सके. सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन जेलर प्रमोद कुमार पर हमले की साजिश जेल के अंदर ही रची गयी थी, जिसमें उस सजायाफ्ता कैदी का सहयोग लिया गया था जो अमन के पहरेदारी में लगा हुआ था. इन बातों को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन इस बार उसकी हर गतिविधियों पर नजर रख रहा है.

लातेहार कोर्ट और रांची में स्थित सीबीआई कोर्ट में नहीं हो सकी अमन की पेशी


प्रतिबंधित सुविधाएं हासिल करने के लिए अमन ना सिर्फ दहशत फैला रहा है, बल्कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेशी का भी बहिष्कार कर रहा है. मिली जानकारी के अनुसार जेल के अंदर चार-चार वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम है और इन्हीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कैदियों की पेशी कोर्ट में की जाती है. लगभग 99 प्रतिशत पेशी और गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ही की जा रही है. लेकिन, अमन ने कोर्ट में पेशी से इनकार कर दिया है. जब उसे कोर्ट में पेश होने के लिए संदेश भेजा जाता है तो वह इनकार कर देता है. सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों रांची में स्थित सीबीआई व लातेहार कोर्ट में उसकी पेशी होनी थी. लेकिन वह पेश नहीं हुआ. इस बाबत जेल प्रशासन ने गिरिडीह के डीसी, एसपी के साथ-साथ जेल आईजी को भी सूचनाएं दे दी है. सूत्रों की मानें तो कई दर्जन मामलों में अमन आरोपी है और विभिन्न अदालतों में इसके खिलाफ मामले चल रहे हैं जिसमें इसे पेश होना है. जानकार लोगों का कहना है कि पेशी नहीं होने से अदालती कार्य में प्रभाव पड़ेगा. सूत्रों का यह भी कहना है कि लातेहार कोर्ट में एक वैसे मामले में सुनवाई अंतिम प्रक्रिया में पहुंच चुकी है जिसमें अब उसके विरूद्ध चार्ज फ्रेम होना है. कोर्ट में पेश नहीं होने के पीछे एक कारण यह भी हो सकता है.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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