Giridih News: 40 दिन बाद भी नाइजर में फंसे बगोदर के पांच मजदूरों की वतन वापसी नहीं

Updated at : 06 Jun 2025 2:40 AM (IST)
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Giridih News: 40 दिन बाद भी नाइजर में फंसे बगोदर के पांच मजदूरों की वतन वापसी नहीं

Giridih News: पश्चिमी अफ्रीका के नाइजर में बगोदर के फंसे पांच प्रवासी मजदूरों की वतन वापसी 40 दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हो पायी है. वतन वापसी को लेकर प्रक्रिया धीमी पड़ गयी है. इससे वहां फंसे बगोदर के पांच मजदूर अपने घर कब लौटेंगे, यह भी एक सवाल बना हुआ है.

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मजदूरों की सकुशल वतन वापसी में लगातार प्रयास कर रहे हजारीबाग लोकसभा से पूर्व प्रत्याशी और वरीय नेता संजय मेहता ने मजदूरों के सकुशल होने की सूचना दी है. संजय मेहता ने विदेश मंत्रालय के अवर सचिव बीएन पांडेय, नाइजर में भारत के राजदूत सीताराम मीना, विदेश मंत्रालय में सेंट्रल और पश्चिम अफ्रीका के विदेशी मामलों के अधिकारी सेवाला नाइक मुड़े के ओएसडी लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव कुमार से पत्र के मार्फत लगातार संपर्क किया. उन्होंने इस मामले को लेकर विदेश मंत्रालय को पांच पत्र भेजे थे.

अपहृत भारतीय श्रमिक सुरक्षित हैं, और उनकी जान को कोई खतरा नहीं

नाइजर में भारत के राजदूत सीताराम मीना ने नाइजर के सेना प्रमुख से मुलाकात की थी. कंपनी के अधिकारियों से भी उन्होंने बात की. इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने संजय मेहता को जवाब भी भेजा. इसमें लिखा है कि भारत में नाइजर के राजदूत, नाइजर के वरिष्ठ अधिकारियों, नाइजर सरकार और विदेश मामलों के मंत्रालय के सचिव के साथ बैठकों के बाद नाइजर के सेना प्रमुख और सेना स्टाफ ने इस स्थिति का विस्तृत ब्यौरा दिया है. वहीं आश्वासन दिया है कि अपहृत भारतीय श्रमिक सुरक्षित हैं, और उनकी जान को कोई खतरा नहीं है. साथ ही यह संकेत भी दिया गया कि वे माली सीमा क्षेत्र में हो सकते हैं.

विदेश मंत्रालय ने माली में भी राजनायिक चैनलों को सक्रिय किया है

विदेश मंत्रालय ने यह भी लिखा है कि संभावित सीमा-पार प्रभावों को देखते हुए, विदेश मंत्रालय ने माली में भी राजनायिक चैनलों को सक्रिय किया है. वहीं भारत के राजदूत ने माली में अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति नई दिल्ली और माली में अधिकारियों के साथ इस विषय को लेकर बैठक की है. नई दिल्ली में लेफ्टिनेंट संजीव कुमार और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने भी कल्पतरु इंटरनेशनल प्रोजेक्ट कंपनी के अधिकारियों से मुलाकात की है. विदेश मंत्रालय ने अपने पत्र में बताया है कि कल्पतरु प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सलाह दी, कि वे नाइजर और माली में इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस और स्थानीय अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय करें.

अपहृत व्यक्तियों की रिहाई के लिए समानांतर राजनायिक प्रयास जारी

विदेश मंत्रालय के अनुसार अपहृत व्यक्तियों की रिहाई के लिए समानांतर राजनायिक प्रयास किए जा रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने नाइजर के विदेश मामलों के प्रभारी को यह सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम स्तर पर सक्रिय किया है कि अपहृत नागरिकों की सुरक्षित रिहाई हो सके. विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए लिखा है कि हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं. नाइजर और माली में सरकारों, स्थानीय संपर्कों और सभी हितधारकों, कल्पतरु इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के साथ मानवीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है. बताते चलें कि 25 अप्रैल को नाइजर की राजधानी नियामे से लगभग 115 किलोमीटर दूर तिल्लाबेरी के सकोइरा में बगोदर के पांच मजदूरों में संजय महतो, चंद्रिका महतो, फलजीत महतो, राजू महतो और उत्तम महतो का अपहरण कर लिया था. ये मजदूर कल्पतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल लिमिटेड (केपीआईएल) द्वारा संचालित प्रोजेक्ट में कार्यरत थे.

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MAYANK TIWARI

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