Giridih News: बरसात में टापू बन जाता है धरधरवा गांव, देखने-सुनने वाला कोई नहीं

Updated at : 10 Jun 2025 12:31 AM (IST)
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Giridih News: बरसात में टापू बन जाता है धरधरवा गांव, देखने-सुनने वाला कोई नहीं

Giridih News: प्रखंड के अहिल्यापुर पंचायत अंतर्गत धरधरवा गांव आजादी के आठ दशक बाद भी विकास से कोसों दूर है. यहां सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का नाम मात्र काम हुआ है. सबसे बड़ी बात है कि नदी पर पुल के अभाव में यह गांव बरसात में टापू बन जाता है और यहां इमरजेंसी में एंबुलेंस तक आना नहीं चाहती है. सोमवार को प्रभात खबर की टीम प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के तहत गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने समस्याओं की लंबी फेहरिस्त सुनायी.

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जानकारी के अनुसार अहिल्यापुर पंचायत का धरधरवा गांव में मूलत मोहली व कोयरी समाज के लोग निवास करते हैं. जिसकी आबादी करीब 500 है. मोहली समाज का मुख्य पेशा बांस आधार सूप, डलिया, टोकरी आदि बनाकर बाजार में बेचना है जबकि कोयरी समाज के लोग कृषि (खेती-बाड़ी) कर सब्जियों को बाजार में बेचकर जीवन यापन करते हैं. यहां पानी, बिजली,सड़क, शिक्षा, समेत अन्य समस्याओं का अंबार लगा है.ग्रामीणों के अनुसार अहिल्यापुर व धरधरवा के बीच माठातरी नदी है जिसमें सालों भर पानी रहता है लेकिन आज तक एक अदद पुल का निर्माण नहीं हो पाया है. बरसात में नदी में पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है. गांव में एंबुलेंस तक आना नहीं चाहती जबकि बरसात के स्कूली बच्चों की पढ़ाई छूट जाती है. कई बार सांसद-विधायक से माठातरी नदी में पुल की मांग की गयी है लेकिन किसी का ध्यान इस गांव पर नहीं है.

गांव में जल नल योजना से दो प्वाइंट लगा, एक महीनों से है बंद

ग्रामीणों के अनुसार गांव में जल नल योजना के तहत दो स्थानों पर बोरिंग कर स्ट्रक्चर व टंबी लगाया गया है. लेकिन नीचे टोला में महीनों से जलापूर्ति ठप है. कई घरों में लगा स्टैंड पोस्ट टूट कर बेकार हो चुका है. जबकि गांव में कई चापानल भी मृतप्राय हो चुके हैं. जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है.जिस कारण लोगों को पेयजल संकट से जुझना पड़ रहा है.

स्कूल व आबा केंद्र की स्थित भी दयनीय

ग्रामीणों के अनुसार गांव में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय है जिसमें करीब 70 बच्चे नामांकित हैं लेकिन स्कूल में महज एक सहायक अध्यापक है.जिस कारण काफी परेशानी होती है. इसके अलावे गांव में जैसे तैसे बना आंगनबाड़ी केंद्र भी काफी जर्जर हो चुका है.आलम यह है कि स्कूल में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जा रहा है.

गांव में नहीं है पक्की सड़क

ग्रामीणों के अनुसार गांव में पक्की सड़क नहीं है. नदी के पास कुछ दूर तक पीसीसी किया गया है लेकिन उसके बाद मिट्टी मोरम व बोल्डर से निर्मित कच्ची सड़क और पुरे गांव में कच्ची सड़क है. बरसात में कच्चाी सड़क कीचड़मय हाे जाती है जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है.

सड़क व पुल की समस्या के निदान को ले किया जायेगा पत्राचार : मुखिया

अहिल्यापुर पंचायत की मुखिया पंचम देवी ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत हैं. पुल या सड़क निर्माण पंचायत से संभव नहीं है. उक्त योजनाओं के लिये संबंधित विभाग को पत्राचार किया जायेगा. उन्होंने कहा कि जल नल योजना से निर्मित पानी टंकी में आया खराबी को दूर करने के लिये संवेदक को निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि गांव में खराब पड़े चापानल की जल्द ही मरम्म्त करायी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MAYANK TIWARI

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