बाल विवाह में शामिल होने वाले भी दंड के भागीदार: पीएलवी

कौशल विकास केंद्र में लगा विधिक जागरूकता शिविर
कौशल विकास केंद्र में लगा विधिक जागरूकता शिविर प्रतिनिधि, गढ़वा जिला विधिक सेवा प्राधिकार की तीन सदस्यीय पीएलवी टीम ने गढ़वा के सोनपुरवा स्थित मुख्यमंत्री कौशल विकास केंद्र द्वारा संचालित संस्था यूआइएसएस में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया. कार्यक्रम में कामकाजी महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गयी तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति जागरूक किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएलवी सुधीर कुमार चौबे ने संस्था की छात्राओं को पॉक्सो एक्ट 2013 तथा कामकाजी महिलाओं के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी. पीएलवी रामाशंकर चौबे ने बाल विवाह के दुष्परिणाम और इसमें सजा के प्रावधानों के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि बाल विवाह में शामिल होने वाले सभी लोग, जैसे पंडित, टेंट लगाने वाले, मिठाई बनाने वाले तथा अन्य सगे-संबंधी भी दंड के भागीदार होते हैं. पीएलवी टीम ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 की जानकारी भी दी. उन्होंने बताया कि इस नंबर पर कॉल कर कामकाजी महिलाएं घरेलू हिंसा या कार्यस्थल पर होने वाली प्रताड़ना की स्थिति में मदद ले सकती हैं. साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से महिलाओं को मुफ्त कानूनी सहायता भी उपलब्ध करायी जाती है. पीएलवी रवींद्र कुमार पाठक ने छात्राओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के गठन और उसके उद्देश्य के बारे में जानकारी दी. उन्होंने हर महीने लगने वाली लोक अदालत तथा तीन महीने में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में मध्यस्थता के माध्यम से सुलहनीय वादों के निपटारे की प्रक्रिया भी बतायी. कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से पीएलवी सुधीर कुमार चौबे, रामाशंकर चौबे और रविंद्र कुमार पाठक उपस्थित थे. वहीं संस्था की ओर से डायरेक्टर रवि वर्मा और संतोष कुमार चौबे मौजूद रहे.
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