महाकाल की आराधना से मिलती है पापों से मुक्ति: आचार्य आशीष बैद्य

Updated at : 14 Mar 2026 10:07 PM (IST)
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महाकाल की आराधना से मिलती है पापों से मुक्ति: आचार्य आशीष बैद्य

जोबरईया में नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ से भक्तिमय हुआ क्षेत्र

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जोबरईया में नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ से भक्तिमय हुआ क्षेत्र प्रतिनिधि, गढ़वा जोबरईया में आठ दिसंबर से आयोजित नौ दिवसीय श्री रुद्र महायज्ञ की पावन छटा इन दिनों पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना रही है. यज्ञाधीश आचार्य आशीष बैद्य के तपोबल से आयोजित इस महायज्ञ में प्रतिदिन सुबह और शाम दिव्य आरती, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नीलकंठ महादेव का रुद्राभिषेक और गोघृत मिश्रित समिधाओं की आहुतियां दी जा रही हैं. इससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा है. महायज्ञ में स्थानीय विद्वान आचार्यों के साथ-साथ काशी से पधारे वैदिक आचार्यों की संगीतमय मंत्रध्वनि दूर-दूर तक गूंज रही है. सुबह से ही छोटे-छोटे बच्चों, माताओं-बहनों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की भीड़ यज्ञ मंडप में उमड़ रही है. श्रद्धालु राम नाम के संकीर्तन के साथ यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर अपने जीवन को कृतार्थ कर रहे हैं. यज्ञ स्थल के आसपास मेले जैसा दृश्य भी दिखायी दे रहा है. बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाये गये हैं. वहीं खाने-पीने और खिलौनों की कई दुकानें भी सजी हैं. इससे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन शाम को काशी से पधारे कथावाचक पंकज शांडिल्य द्वारा श्रीराम कथा का रसपान कराया जा रहा है. कथा में प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भक्ति और ज्ञान की अमृत वर्षा का आनंद ले रहे हैं. शनिवार को अपने प्रवचन में आचार्य आशीष बैद्य ने कहा कि कलियुग में जो व्यक्ति कालों के काल महाकाल की आराधना करता है, वह अपने परिवार सहित पापों से मुक्त होकर स्वर्ग सुख का अधिकारी बनता है. उन्होंने धर्मग्रंथों, रामायण और श्रीमद्भागवत में वर्णित नवधा भक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने भी शिव और शक्ति की आराधना कर अधर्मी रावण पर विजय प्राप्त की थी. उन्होंने कहा कि कलियुग में मुक्ति का एकमात्र मार्ग भगवद्भक्ति ही है. कल होगी महायज्ञ की पूर्णाहुति आचार्य ने महायज्ञ के सुचारू संचालन में सहयोग कर रही स्थानीय संरक्षक टीम, पुलिस प्रशासन और समाजसेवियों की भी सराहना की. उन्होंने बताया कि सोमवार को महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी. साथ ही श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महाप्रसाद ग्रहण करने और इस दिव्य आयोजन के साक्षी बनने की अपील की. महायज्ञ को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए ग्रामीण समाजसेवी राकेश पाल, जितेन्द्र पाल, सत्येंद्र पाल, ओमप्रकाश पाल, विवेकानंद पाल और विक्की सहित कई ग्रामीणों के नेतृत्व में युवाओं की सुरक्षात्मक टोलियां बनायी गयी हैं. ये युवा व्यवस्था संभालने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

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Akarsh Aniket

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By Akarsh Aniket

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