दुमका में शहनाई की गूंज और गुलाल की फुहार: फौजदारी बाबा के दरबार में थिरके शिवभक्त
Published by : Sameer Oraon Updated At : 16 Feb 2026 9:53 PM
मंदिर परिसर में अबीर गुलाल से होली खेलते भक्तों की भीड़
Mahashivratri 2026: दुमका के प्रसिद्ध बाबा फौजदारी नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के उपरांत शिव-पार्वती विवाह की 'घूंघट की रस्म' धूमधाम से संपन्न हुई. शहनाई की मधुर धुनों और मंगलगीतों के बीच श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर बधाई दी. चांदी की पालकी पर भगवान शिव के प्रतीकात्मक त्रिशूल का नगर भ्रमण आकर्षण का केंद्र रहा.
Mahashivratri 2026, दुमका (आदित्यनाथ पत्रलेख): महाशिवरात्रि के दूसरे दिन दुमका में फौजदारी बाबा और माता पार्वती के विवाह के उपरांत सोमवार की संध्या शहनाई की मधुर धुनों के बीच घूंघट की रस्म विधिवत संपन्न हुई. सैकड़ों शिवभक्तों की मौजूदगी में यह पारंपरिक रस्म पूरी की गयी. मंदिर परिसर विवाह के मंगलगीतों से गुंजायमान रहा. मिथिलांचल से पहुंचे शिवभक्तों ने एक-दूसरे के गालों पर गुलाल लगाकर गले मिलते हुए भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की बधाई दी. सुहागिन महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर इस पावन अवसर की खुशी साझा की. घूंघट की रस्म मंदिर प्रांगण में मंदिर पुजारी, पंडित एवं विदकारी फुलेश्वर कुंवर और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा पूरी की गयी. मंदिर पुजारी डब्ल्यू झा ने विधिवत सभी अनुष्ठान संपन्न कराए.
शहनाई की धुनों पर झूम उठा मंदिर परिसर
घूंघट के दौरान शहनाई वादन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया. शहनाई वादक मो. कौशर अली हुसैन ने ‘दूल्हे का चेहरा सुहाना लगता है’, ‘परदेशियों से न अंखियां मिलाना’, ‘कजरा मोहब्बत वाला’ सहित एक से बढ़कर एक धुन प्रस्तुत की. हारमोनियम पर ताजदार हुसैन और तबले पर कमाल हुसैन ने संगत दी. ‘होली खेलेल कन्हैया लाल’, ‘नागिन’ और ‘बहारों फूल बरसाओ’ की धुनों पर श्रद्धालु झूमने को विवश हो गये.
गुलाल और इत्र से सराबोर हुआ मंदिर प्रांगण
घूंघट की रस्म के दौरान मंदिर परिसर गुलाब जल और इत्र की फुहारों से सराबोर हो गया. श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली खेली. मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं के बीच काजू, अखरोट, बदाम, मिश्री और मखाना सहित सूखे मेवों का वितरण प्रसाद के रूप में किया गया, जिसे लेकर भक्तों ने प्रसन्नता जताई.
प्रतीकात्मक त्रिशूल का नगर भ्रमण
मंदिर के पुरोहित और पुजारियों ने भगवान शिव के प्रतीकात्मक त्रिशूल को चांदी की पालकी पर रखकर नगर भ्रमण कराया. भ्रमण के बाद त्रिशूल को मंदिर परिसर स्थित कोहबर के पास विधि-विधान से स्थापित किया गया. पीतांबर धोती, रुद्राक्ष माला और माता पार्वती के प्रतीकात्मक स्वरूप के साथ कोहबर गृह में प्रवेश कराया गया. इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मंदिर पुजारी प्रेमशंकर झा ने बताया कि कोहबर के पास त्रिशूल फाल्गुन पूर्णिमा तक रहेगा, जिसके बाद उसे वहां से हटा लिया जाएगा.
बड़ी संख्या में मौजूद थे लोग
घूंघट की रस्म में सीओ संजय कुमार, रविकांत मिश्रा, मंदिर न्यास परिषद सदस्य कुंदन पत्रलेख, सारंग झा, कुंदन झा, विश्वंभर राव, मनोज पंडा, श्यामाकांत पत्रलेख, साहेब मिश्रा, सोमनाथ यादव, मीठू राव, बबन गोस्वामी, भास्कर पंडा, आदित्य शर्मा, कपिलदेव पंडा, गौतम राव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे.
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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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