झारखंड के मुख्यमंत्री से ‘मांझी बाबा’ बने CM हेमंत सोरेन, नेमरा गांव में आदिवासी समुदाय ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

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‘मांझी हड़ाम कमेटी’ की बैठक में लोगों को संबोधित करते सीएम हेमंत सोरेन, Pic Credit- X Handle Hemant Soren

Hemant Soren: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा में संथाली समाज की ‘मांझी हड़ाम कमेटी’ की बैठक में हिस्सा लिया. समाज ने सर्वसम्मति से सीएम को ‘मांझी बाबा’ (ग्राम प्रधान) का दायित्व सौंपा. इस दौरान सीएम ने समाज को नशा मुक्त होने, एकजुट रहने और शिक्षा पर ध्यान देने का संदेश दिया.

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Hemant Soren, रामगढ़ (सलाउद्दीन): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे. उनके आगमन पर बिनोद किस्कू, रितलाल टुडू सहित संथाली समाज के लोगों ने परंपरागत रीति-रिवाज के साथ स्वागत किया. सीएम नेमरा गांव के सामुदायिक भवन में आयोजित ग्राम प्रधान कमिटी चयन सभा में भी भाग लिया. बैठक के दौरान मांझी हड़ाम कमेटी का गठन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न लोगों को दायित्व सौंपे गये.

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मुख्यमंत्री बने मांझी बाबा

मांझी बाबा (ग्राम प्रधान) का दायित्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा गया. वहीं, प्राणिक बाबा (उप ग्राम प्रधान) के रूप में बिरजू सोरेन, भोगदो प्रजा (कानूनी सलाहकार) के रूप में सुखदेव किस्कू, नायके बाबा (ग्राम प्रमुख पुजारी) के रूप में चैतन्य टुडू, कुडाम नायके बाबा (नायके सहायक) के रूप में काशीनाथ बेसरा और जोगा मांझी बाबा (संदेश वाहक) के रूप में विश्वनाथ बेसरा को जिम्मेदारी दी गयी. मांझी बाबा का दायित्व निभाते हुए मुख्यमंत्री ने नये नायके बाबा यानि कि गांव के मुख्य पुजारी को पारंपरिक तरीके से सम्मानित किया. स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इस पद छोड़ने वाले पूर्व नायके बाबा सोहन सोरेन को भी सम्मानपूर्वक विदाई दी गयी.

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समाज को एकजुट और शिक्षित होने का दिया संदेश

कमेटी गठन के बाद संथाली समाज को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि संथाली समाज के सभी लोग एकजुट होकर रहें. समाज के संगठित होने से ही वह मजबूत बनता है. उन्होंने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि नशा-पान से दूर रहना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाली गांवों में आपसी भाईचारा, रीति-रिवाज, संस्कृति और पर्व-त्योहार मिल जुलकर मनाने की परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए. समाज ने जो अगुवाई का दायित्व उन्हें सौंपा है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभायेंगे. उन्होंने कहा कि वे इसी समाज में जन्मे हैं और इसी संस्कृति में पले-बढ़े हैं. सीएम ने संथाली समाज की सरल और परंपरागत जीवनशैली की सराहना करते हुए लोगों से बाजार की चालाकियों से सतर्क रहने की अपील की और हर समय समाज के साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया.

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