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दुमका में बसों का परिचालन ठप, हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने से अनिश्चितकालीन बंदी

Updated at : 10 Mar 2026 12:07 PM (IST)
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Dumka Bus Strike

दुमका बस स्टैंड में प्रदर्शन करते बस मजदूर संघ के नेता, बाईं ओर ऊपर इनसेट में कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया अपराधी. फोटो: प्रभात खबर

Dumka Bus Strike: दुमका में बस मजदूर संघ के अध्यक्ष पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में बस मालिकों और कर्मियों ने अनिश्चितकालीन बस बंदी का ऐलान किया. बस स्टैंड पर धरना के दौरान पुलिस ने एक युवक को देसी कट्टे के साथ गिरफ्तार भी किया. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

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दुमका से अभिषेक कुमार की रिपोर्ट

Dumka Bus Strike: झारखंड के दुमका में बस मजदूर संघ के अध्यक्ष पर हुए हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में मंगलवार से बसों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया. बस मालिकों, चालकों और खलासियों ने संयुक्त रूप से अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है. इस निर्णय के बाद दुमका बस स्टैंड परिसर में सभी यात्री बसों का संचालन बंद रहा. बस कर्मी और मालिक बस स्टैंड गेट के सामने धरना देकर बैठे रहे. उनका कहना है कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होती और सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक बसों का संचालन शुरू नहीं किया जाएगा.

मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष पर हुआ था हमला

बस कर्मियों के अनुसार कुछ दिन पहले दुमका में मोटर मजदूर संघ के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह पर हमला किया गया था. इस घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना के बाद संघ की ओर से प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई थी. हालांकि अब तक पुलिस हमलावरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है. इसी से नाराज होकर बस मालिकों और मजदूरों ने संयुक्त रूप से बसों का परिचालन बंद करने का फैसला लिया. संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं दोबारा भी हो सकती हैं. इसलिए बस कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है.

यात्रियों को उठानी पड़ी भारी परेशानी

बसों के अचानक ठप हो जाने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दुमका से विभिन्न जिलों और राज्यों के लिए चलने वाली यात्री बसें बंद रहने के कारण बस स्टैंड पर सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगी रही. कई यात्री बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन बसें नहीं चलने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा. कुछ लोगों ने निजी वाहनों का सहारा लिया, जबकि कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी. सबसे ज्यादा परेशानी दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को हुई, जो रोजाना बस से सफर करते हैं. बस बंदी का असर दुमका और आसपास के क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला.

पुलिस की निगरानी में धरना

बस बंदी के दौरान बस मालिकों और मजदूरों ने बस स्टैंड गेट पर धरना दिया. इस दौरान बड़ी संख्या में बस मालिक, चालक, खलासी और मजदूर वहां मौजूद थे. स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा. बस स्टैंड परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और मामले को जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है.

बस स्टैंड में देसी कट्टा के साथ युवक गिरफ्तार

इसी बीच मंगलवार को दुमका बस स्टैंड परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस ने भीड़ के बीच से एक युवक को देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि बस बंदी के कारण बस स्टैंड परिसर में काफी संख्या में लोग जमा थे. इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध युवक पर पड़ी. शक होने पर पुलिस ने युवक की तलाशी ली. तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी कट्टा बरामद हुआ. इसके बाद पुलिस ने तुरंत युवक को हिरासत में ले लिया. गिरफ्तार युवक की पहचान मंगल के रूप में की गई है.

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पुलिस कर रही मामले की जांच

युवक की गिरफ्तारी के बाद कुछ समय के लिए बस स्टैंड परिसर में हलचल की स्थिति बन गई. हालांकि पुलिस ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया. फिलहाल, पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि युवक की मंशा क्या थी और उसके पास हथियार कहां से आया. इधर बस मालिकों और मजदूरों का कहना है कि उनकी मांग पूरी होने तक बसों का परिचालन बंद रहेगा. वहीं प्रशासन इस मुद्दे को सुलझाने के लिए संघ के प्रतिनिधियों से बातचीत की कोशिश कर रहा है, ताकि जल्द ही स्थिति सामान्य हो सके.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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