शिकारीपाड़ा लैंपस के पूर्व सहायक प्रबंधक गिरफ्तार, निगरानी अदालत में होगी पेशी

Published at :23 Feb 2016 8:42 AM (IST)
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शिकारीपाड़ा लैंपस के पूर्व सहायक प्रबंधक गिरफ्तार, निगरानी अदालत में होगी पेशी

शिकारीपाड़ा : शिकारीपाड़ा लैंपस के पूर्व सहायक प्रबंधक सीताराम सोरेन सोमवार को गिरफ्तार कर लिए गये. सीताराम सोरेन के विरूद्घ शिकारीपाड़ा थाना में कांड संख्या 63/15 भादवि धारा 420, 409, 467 व 468 एवं 3 भ्रष्टाचार अधिनियम एवं 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें वे अबतक फरार चल रहे […]

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शिकारीपाड़ा : शिकारीपाड़ा लैंपस के पूर्व सहायक प्रबंधक सीताराम सोरेन सोमवार को गिरफ्तार कर लिए गये. सीताराम सोरेन के विरूद्घ शिकारीपाड़ा थाना में कांड संख्या 63/15 भादवि धारा 420, 409, 467 व 468 एवं 3 भ्रष्टाचार अधिनियम एवं 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें वे अबतक फरार चल रहे थे.
मिली जानकारी के मुताबिक भादवि की धाराओं के अतिरिक्त भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराएं भी लगे रहने की वजह से इस मामले की सुनवायी निगरानी कोर्ट में होगी, लिहाजा न्यायालय के निर्देश पर गिरफ्तार अभियुक्त को निगरानी के विशेष कोर्ट में रांची भेज दिया गया है. इस मामले में शिकारीपाड़ा के इंस्पेक्टर अजय कुमार केशरी ने जानकारी दी कि सोमवार के सुबह सीताराम सोरेन की गिरफ्तारी शिकारीपाड़ा स्थित घर से ही की गयी.
18 जून 2015 को दर्ज हुआ था मामला : यह मामला सीताराम सोरेन पर 18 जून 2015 को शिकारीपाड़ा थाना में सहायक प्रबंधक एकरामुल अंसारी के बयान पर दर्ज हुआ था. 2013-14 में विभागीय वरीय अधिकारी सुरेश हेम्ब्रम द्वारा मामले की जांच की गयी थी. जांच के दौरान 8 लाख 52 हजार 510 रूपया का गबन पाया गया था. गबन की पुष्टि होने के बाद 13 मार्च 2015 तक सीताराम सोरेन को लैम्पस के बचत खाते में संपूर्ण राशि जमा करने का निर्देेश दिया था, लेकिन निर्धारित समय के अंदर सीताराम द्वारा राशि को जमा नही किया गया था.
24 सितंबर तक बतौर सहायक प्रबंधक थे कार्यरत
सीताराम सोरेन 24 सितंबर 2014 तक सहायक प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे, बाद मेंउन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था.शिकारीपाड़ा लैम्पस के बचत खाता संख्या 1098202562 से 19 नवंबर 2013 को 20 हजार एवं 27 नवंबर को 5.32 लाख की निकासी कर धान अधिप्राप्ति मद में दर्ज कर दिया गया था. जबकि उक्त तिथि को किसी भी किसान से धान क्रय नहीं किया गया था. वहीं स्टोर पंजी में धान प्राप्ति की राशि 2.32 लाख रुपये अंकित थी. जिसके एवज में कुछ बोरा सड़ा धान पाया गया था.
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