Threat to DVC: बंगाल के कानून मंत्री ने डीवीसी को दी धमकी, केंद्र सरकार पर लगाये आरोप

पश्चिम बंगाल के मंत्री के नेतृत्व में डीवीसी को ज्ञापन सौंपने जाते तृणमूल कांग्रेस के नेता. फोटो : प्रभात खबर
West Bengal Ministers Threat to DVC: मंत्री मलय घटक ने कहा कि कहा कि डीवीसी प्रबंधन केंद्र सरकार के इशारे पर बंगाल सरकार को बिना सूचना दिये ही मैथन और पंचेत डैम से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. यदि बाढ़ से एक भी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी जिम्मेवार डीवीसी प्रबंधन की होगी.
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West Bengal Ministers Threat to DVC: धनबाद जिले के डीवीसी के मैथन और पंचेत डैम से पानी छोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को झारखंड प्रदेश तृणमूल कांग्रेस के बैनर तले मंगलवार को लोगों ने मैथन स्थिति डीवीसी के भवन पर प्रदर्शन किया. नेतृत्व पश्चिम बंगाल के कानून व श्रम मंत्री मलय घटक व पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती कर रहे थे. इस दौरान 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने डीवीसी मैथन प्रबंधन के साथ वार्ता की और 6 सूत्री मांग पत्र सौंपा. इस दौरान मंत्री मलय घटक ने कहा कि कहा कि डीवीसी प्रबंधन केंद्र सरकार के इशारे पर बंगाल सरकार को बिना सूचना दिये ही मैथन और पंचेत डैम से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.
West Bengal Ministers Threat to DVC: बंगाल के 4 जिलों में बाढ़ की स्थिति
उसके कारण बांकुड़ा, हुगली, पश्चिम बर्दवान, बीरभूम जिले के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति बन गयी है. लोगों के घरों में पानी घुस रहा है. हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गये हैं. फसलें भी बर्बाद हो गयी हैं. कहा कि यदि बाढ़ से एक भी व्यक्ति की मौत होती है, तो इसकी जिम्मेवार डीवीसी प्रबंधन की होगी. उस पर हत्या का मामला दर्ज कराया जायेगा. बंगाल के लोगों की जो भी क्षति हुई है, उसकी भरपाई भी डीवीसी को करनी होगी. ऐसा नहीं करने पर कोलकाता डीवीसी का कामकाज ठप कर देंगे.
- अतिरिक्त पानी छोड़ना बंद हो, वरना डीवीसी मुख्यालय का कामकाज ठप कर देंगे
- डीवीसी की वजह से बंगाल की फसलें हो रही हैं बर्बाद, कई गांवों में आ गयी है बाढ़
- बंगाल में अगर एक भी जान जाती है तो डीवीसी पर दर्ज कराया जायेगा हत्या का केस
- मैथन व पंचेत डैम से पानी छोड़े जाने के खिलाफ टीएमसी का डीवीसी कार्यालय पर प्रदर्शन

केंद्र सरकार के इशारे पर बंगाल को परेशान कर रही है डीवीसी
विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा कि डीवीसी प्रबंधन केंद्र सरकार के इशारे पर चलना बंद करे. साजिश के तहत बंगाल को विभिन्न माध्यमों से परेशान किया जा रहा है. ऐसा नहीं होने देंगे. विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि 2-3 दिन बाद डीवीसी पंचेत का भी घेराव किया जायेगा. सभा को रानीगंज के विधायक तापस बंद्योपाध्याय, आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमर चटर्जी, सह-चेयरमैन अभिजीत घटक, बर्दवान के जिला समाजपति अमर बाउरी, जामुड़िया के काउंसलर अशोक पासवान ने भी संबोधित किया. संचालन आनंद कुमार सिंह ने किया.
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डीवीसी की सफाई – सेंट्रल वाटर कमीशन के निर्देश पर सूचना देने के बाद छोड़ा जाता है पानी
डीवीसी के परियोजना प्रमुख सुमन प्रसाद सिंह ने कहा कि डैम से सेंट्रल वाटर कमीशन के निर्देश पर पानी छोड़ा जाता है. डीवीआरआरसी के चेयरमैन रिवर मैनेजमेंट, सेंट्रल रिवर कमीशन के अलावा कमेटी में डीवीसी, वेस्ट बंगाल और झारखंड के सदस्य होते हैं. उसमें प्रक्रिया निर्धारित होती है. उसके अनुसार ही पानी छोड़ा जाता है. 70 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी नहीं छोड़ा जाता है. पानी छोड़ने से पहले सूचना दी जाती है.
अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बंगाल सरकार केंद्र पर मढ़ रही आरोप : अपर्णा सेनगुप्ता
टीएमसी के आंदोलन पर भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा कि पानी का लाभ बंगाल को मिलता है. झारखंड में डैम रहने के बाद भी यहां के लोगों पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता है. बंगाल के लोगों को वस्तुस्थिति समझनी चाहिए. बंगाल सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए केंद्र सरकार पर बेवजह आरोप मढ़ रही है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
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