रामपुर चेकपोस्ट पर हुई कार्रवाई, रिश्वत के आरोप में दो ट्रांसपोर्ट ऑफिसर पहुंचे जेल

पश्चिम बंगाल के रामपुर चेकपोस्ट पर रिश्वतखोरी के आरोप में दो एमवीआई अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. अदालत ने उन्हें दो दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा है.
राज्य परिवहन विभाग के पश्चिम बर्दवान जिला में स्थित रामपुर चेकपोस्ट के दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर(नन टेक्निकल) अनुपम बनर्जी और नजीमुल हक को पुलिस ने गिरफ्तार कर रविवार को आसनसोल अदालत में पेश किया. जांच अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त (कुल्टी) शेख जावेद हुसैन ने दोनों आरोपियों के पांच दिनों की पुलिस रिमांड की अपील की, अदालत ने दो दिनों का रिमांड मंजूर किया. दोनों एमवीआइ अधिकारियों के खिलाफ अतिरिक्त जिलाधकारी (जनरल) सुमन सौरव मोहंती ने कुल्टी थाना में शिकायत दर्ज करवायी थी. जिसके आधार पर केस संख्या 379/26 में दोनों अधिकारियों के खिलाफ भष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा सात और सात ए (गैरजमानती) के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई. प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार करने के लिए निकल गयी. तकनीकी स्रोतों से पुलिस ने इन्हें झाड़ग्राम इलाके के एक होटल से पकड़ा और रविवार को अदालत में हाजिर किया.
सस्पेंशन के बाद दोनों अधिकारियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
बंगाल और झारखंड की सीमा पर पश्चिम बर्दवन जिला में स्थित रामपुर चेकपोस्ट रेवेन्यू के नजरिये से काफी महत्वपूर्ण है. एनएच-19 होकर झारखंड की ओर से आने वाली वाहनों को यहीं से होकर गुजरना पड़ता है. रिश्वतखोरी के आरोप में दो ऊक्त दोनों आधिकरियों 23 जुलाई को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.
राज्य परिवहन विभाग के मुख्य सचिव डॉ. रवि इंदर सिंह ने यह आदेश जारी किया. जिसमें कहा गया कि ऊक्त दोनों अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान रिश्वत मांगी. दोनों पर डिसिप्लिनरी कार्रवाई शुरू की जाएगी, अगले आदेश तक सस्पेंड रहेंगे. शिकायत की आगे की जांच और जरूरी कार्रवाई के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो को भेजा गया. यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल सर्विस (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1971 के तहत की गयी है. निलंबन की अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को नियमों के अनुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस दिया जाएगा.
दो दिनों तक ट्रक को रोका
एडीएम मोहंती ने अपनी शिकायत में कहा कि 21 जुलाई 2026 को लगभग रात ग्यारह बजे रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात एमवीआइ अनुपम माजी ने एक ट्रक को रोका और चालक से पैसे की मांग की. चालक मांग पूरी नहीं कर पाया, तो ट्रक को रोक लिया और उसपर जुर्माना लगा दिया. 23 जुलाई शाम चार बजे एमवीआइ नजीमुल हक ने आकर वाहन को रिलीज किया.
सूत्रों के अनुसार ट्रक के मालिक ने इसकी शिकायत परिवहन विभाग में की. मुख्यमंत्री को सूचना मिलते ही इसपर कार्रवाई हुई और दोनों अधिकारियों को 23 जुलाई को सस्पेंड कर दिया गया. जांच का दायित्व एंटी करप्शन ब्रांच को दिया गया. एंटी करप्शन जांच शुरू करने के पहले ही पुलिस में शिकायत हो गयी और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया.
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By Prabhat Khabar News Desk
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