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नवी मुंबई एयरपोर्ट का झारखंड कनेक्शन, 92 मीटर पहाड़ काटकर बना मजबूत व सुरक्षित रन-वे, पीएम आज करेंगे उद्घाटन

Updated at : 08 Oct 2025 6:47 AM (IST)
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Navi Mumbai Airport Jharkhand Connection

नवी मुंबई एयरपोर्ट के निर्माण में है धनबाद की संस्था का योगदान.

Navi Mumbai Airport News: नवी मुंबई में बने अत्याधुनिक एयरपोर्ट का झारखंड कनेक्शन सामने आया है. धनबाद की सिम्फर ने इस एयरपोर्ट के निर्माण में बड़ी भूमिका निभायी है. 92 मीटर पहाड़ काटकर मजबूत और सुरक्षित रन-वे तैयार किया गया है. पीएम मोदी आज इस एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे.

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Navi Mumbai Airport News| धनबाद, शोभित रंजन : धनबाद स्थित केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान (सिंफर) की तकनीकी टीम के मदद से नवी मुंबई में बने एयरपोर्ट का उद्घाटन बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. यह एयरपोर्ट न सिर्फ देश का, बल्कि पूरे एशिया का एक आधुनिक और हरित विमानन केंद्र बनने जा रहा है. समुद्र और उल्वे नदी के बीच 92 मीटर ऊंचे उल्वे हिल को काटकर बनाया गया यह एयरपोर्ट भारत की इंजीनियरिंग दक्षता व वैज्ञानिक क्षमता का प्रतीक है.

1160 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है एयरपोर्ट

सिंफर के वैज्ञानिकों ने इस परियोजना में पर्वतीय क्षेत्र की स्थिरता और पर्यावरणीय संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उन्नत तकनीकी सहयोग किया है. लगभग 1160 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले इस एयरपोर्ट को अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स और सिडको महाराष्ट्र लिमिटेड के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित किया गया है.

एयर गेटवे टू द वर्ल्ड के रूप में उभरेगा एयरपोर्ट

उद्घाटन के बाद यह एयरपोर्ट भारत के ‘एयर गेटवे टू द वर्ल्ड’ के रूप में उभरेगा. इस परियोजना से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित होंगे. यहां यात्रियों को अब पहली उड़ान पर ही इमिग्रेशन क्लियरेंस की सुविधा मिलेगी.

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पहाड़ काटने से रन-वे बनाने तक में रहा सिंफर का सहयोग

सिंफर के प्रमुख वैज्ञानिक व तकनीकी टीम के हेड डॉ मुरारी पी रॉय के नेतृत्व में उनकी टीम ने उल्वे हिल की 92 मीटर ऊंचाई को सुरक्षित रूप से काटने के लिए विशेष तकनीक तैयार की. टीम ने मिट्टी, चट्टान और संरचनात्मक स्थिरता का गहन परीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि रनवे व टर्मिनल निर्माण के दौरान कोई भूस्खलन या अस्थिरता न हो.

इसके लिए सिंफर और सिडको के बीच वर्ष 2017 में एमओयू हुआ था, जिसके बाद से सिंफर इस परियोजना में निरंतर तकनीकी सलाह दे रहा है. सिंफर की मदद से यह एयरपोर्ट आज न सिर्फ स्थायी ढांचे का उदाहरण बना है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी सुरक्षित है.

कमल से प्रेरित एयरपोर्ट ग्रीन बिल्डिंग मानकों की मिसाल बनेगा

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है, जो भारतीय संस्कृति और आधुनिक इंजीनियरिंग का अनोखा संगम दर्शाता है. यह एयरपोर्ट पहले चरण में 2 करोड़ यात्रियों और 8 लाख टन कार्गो की क्षमता रखता है. पूरा होने पर यह आंकड़ा बढ़कर 9 करोड़ यात्रियों और 30 लाख टन कार्गो तक पहुंच जायेगा. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर तैयार यह एयरपोर्ट ऊर्जा दक्षता, डिजिटलीकरण और ग्रीन बिल्डिंग मानकों के लिए भी मिसाल बनेगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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