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9 माह से नहीं मिल रही दाल, चीनी और नमक, दुर्गा पूजा बीती, दीपावली में भी मिलने की नहीं है आस

Updated at : 07 Oct 2025 7:05 AM (IST)
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PDS News Dhanbad Jharkhand Durga Puja Deepawali

पीडीएस दुकान में नहीं मिल रही दाल, चीनी और नमक. गरीबों का त्योहार हुआ फीका.

PDS News Dhanbad: धनबाद के पीडीएस लाभुकों को पिछले 9 महीने से चने की दाल, चीनी और नमक नहीं मिली है. दुर्गा पूजा में ये चीजें उनकी थाली से गायब रहीं. अब दीपावली भी फीकी ही मनने की उम्मीद है, क्योंकि दाल, चीनी और नमक की आपूर्ति दीपावली में होने की कोई उम्मीद नहीं है. इससे कार्डधारियों में आक्रोश है.

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PDS News Dhanbad| धनबाद, शोभित रंजन : धनबाद जिले के लाखों गरीब परिवार इन दिनों खाद्यान्न संकट से जूझ रहे हैं. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत जिले के कई राशन कार्डधारियों को 9 महीनों से केवल चावल और गेहूं ही मिल पा रहा है. चना दाल, चीनी और नमक जैसी जरूरी वस्तुएं वितरण सूची से गायब हैं. दुर्गा पूजा बीत चुकी है और अब दीपावली पर भी इन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है.

दिसंबर 2024 में आखिरी बार मिली थी दाल, चीनी, नमक

दिसंबर 2024 में अंतिम बार चना दाल, चीनी और नमक का वितरण हुआ था. इसके बाद मुख्यालय से जिले को आवंटन ही नहीं मिला है. वर्ष 2025 में जिले से जनवरी से मार्च माह के आवंटन के लिए मुख्यालय को पत्र भी भेजा गया था, मगर उसके बाद भी कोई आवंटन नहीं हुआ. बढ़ती महंगाई के बीच गरीब परिवारों के लिए बाजार से दाल और चीनी खरीदना मुश्किल हो गया है. दिसंबर माह में जिले में नमक 53.84 प्रतिशत, चीनी 40.88 प्रतिशत और जिले के 64,732 कार्ड धारकों को चना दाल का 83.44 प्रतिशत ही वितरण किया गया था.

अब विभाग नयी खरीद प्रक्रिया शुरू कर चुका है, पर इसे पूरा होने में कम से कम एक माह का समय और लगेगा. ऐसे में दीपावली तक चना दाल, चीनी और नमक मिलने की संभावना नहीं है. विभाग टेंडर प्रक्रिया के जरिये नये आपूर्तिकर्ता की तलाश कर रहा है, जबकि जिले के उपभोक्ता रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महंगे दाम पर बाजार से सामान खरीदने को मजबूर हैं.

  • जन वितरण प्रणाली में नौ माह से ठप पड़ी है आपूर्ति, गरीब रो रहे परेशान
  • दिसंबर 2024 में हुआ था वितरण, 40.88 प्रतिशत कार्ड धारकों को ही मिली थी चीनी
  • मुख्यालय को जिले से आवंटन के लिए गया था पत्र, नहीं हुआ आवंटन

PDS News Dhanbad: 9 माह से नहीं मिली चने की दाल, लाभुकों में नाराजगी

खाद्य सुरक्षा योजना और ग्रीन कार्डधारी लाभुकों को हर माह एक किलो चना दाल मिलने की व्यवस्था थी. इसके लिए राज्य सरकार ने पूरे वित्त वर्ष की राशि विभाग को उपलब्ध भी करा दी थी. बावजूद इसके जनवरी 2025 से अब तक पीडीएस दुकानों में दाल की आपूर्ति नहीं हो सकी है. नाफेड से 67 रुपए प्रति किलो की दर से चना दाल प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचायी जाती थी, लेकिन बाजार में कीमत बढ़ने के बाद नाफेड ने आपूर्ति करने से हाथ खड़े कर दिये. इससे गरीब उपभोक्ताओं को 9 माह से दाल, चीनी व नमक नहीं मिली है.

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खरीद प्रक्रिया में लगेगा समय, दीपावली भी बीतेगी सूनी

अब विभाग नयी खरीद प्रक्रिया शुरू कर चुका है, पर इसे पूरा होने में कम से कम एक माह का समय और लगेगा. ऐसे में दीपावली तक चना दाल, चीनी और नमक मिलने की संभावना नहीं है. विभाग टेंडर प्रक्रिया के जरिये नये आपूर्तिकर्ता की तलाश कर रहा है, जबकि जिले के उपभोक्ता रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महंगे दाम पर बाजार से सामान खरीदने को मजबूर हैं. विभागीय लापरवाही और धीमी खरीद प्रक्रिया की वजह से गरीबों की थाली से दाल, चीनी और नमक जैसी जरूरी चीजें भी गायब हैं. इसकी वजह से गरीबों का त्योहार फीका पड़ गया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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