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ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को बताया ‘टॉर्चर आयोग’, बीजेपी पर 58 लाख वोटर के नाम हटाने का लगाया आरोप

Updated at : 17 Feb 2026 6:19 PM (IST)
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Mamata Banerjee on Election Commission West Bengal Election 2026

नबान्न में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करतीं ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee on Election Commission: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को ‘तुगलकी आयोग’ बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में बंगाल में 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए. उन्होंने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि आयोग लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रहा है. राज्य अधिकारियों की रक्षा करने का भी ऐलान किया.

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Mamata Banerjee on Election Commission: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग को ‘तुगलकी आयोग’ करार दिया है. साथ ही उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला है. तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा है कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को एक राजनीतिक दल चला रहा है.

भाजपा आईटी सेल की महिला ने हटाये 58 लाख वोटर के नाम

पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेस्ट बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आईटी सेल की महिला पदाधिकारी ने एआई का इस्तेमाल करके बंगाल में 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवाये.

सुप्रीम कोर्ट की बात नहीं सुन रहा इलेक्शन कमीशन

ममता बनर्जी ने कहा कि इलेक्शन कमीशन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन मतदाताओं को निशाना बना रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है. टीएमसी चीफ ने कहा है कि बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया की वजह से डरकर और काम के दबाव की वजह से 160 लोगों की जान चली गयी.

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एसआईआर के दौरान बंगाल के वोटर के नाम हटाये गये

टीएमसी चीफ ने आरोप लगाया है कि भाजपा के निर्देश पर निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के दौरान बंगाल के मतदाताओं के नाम हटाये. उन्होंने कहा कि अगर निर्वाचन आयोग बंगाल सरकार के अधिकारियों को दंडित करता है, तो वह शत-प्रतिशत उनकी रक्षा करेंगी. कहा कि चुनाव आयोग ने जिन अधिकारियों को डिमोट किया है, उन सभी अफसरों को बंगाल सरकार प्रोमोशन देगी.

वोटर्स के लोकतांत्रिक अधिकार छीन रहा चुनाव आयोग

ममता बनर्जी ने कहा कि इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के बहाने वोटर्स के डेमोक्रेटिक राइट्स को छीन रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा को खुश करने के लिए बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है.

Mamata Banerjee: तुगलकी कांड कर रहा है सो कॉल्ड टॉर्चर कमीशन

सो कॉल्ड टॉर्चर कमीशन करार दिया. कहा कि वह इसे इलेक्शन कमीशन कहने के लिए तैयार नहीं हैं. वह निर्वाचन आयोग का नाम भी नहीं लेना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि सो कॉल्ड टॉर्चर कमीशन तुगलकी कांड कर रहा है. हिटलरी अत्याचार कर रहे हैं. इन लोगों से ममता बनर्जी ने जानना चाहा कि वोट देकर जनता सरकार चुनती है या कोई तुगलकी कमीशन अपनी इच्छा से एक पार्टी के पक्ष में काम वोट से पहले किसी के पक्ष में मतदान करवा देता है.

बिहार में जो दस्तावेज मान्य थे, बंगाल में क्यों नहीं?

ममता बनर्जी ने कहा कि बिहार में जो दस्तावेज एसआईआर के लिए मान्य थे, वही दस्तावेज पश्चिम बंगाल में मान्य क्यों नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा और बिहार में भी एसआईआर के खिलाफ शिकायतें आयीं थीं. यह सच है. उन्होंने कहा कि सच आज नहीं तो कल, सामने आकर रहेगा. सच को कोई दबा नहीं सकता.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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