धनबाद के सात पुराने अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों के 44 प्रतिशत पद अब भी रिक्त
Author Prabhat khabar news desk
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बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 111 नीड बेस्ड शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. इन शिक्षकों के मिलने के बाद भी इन कॉलेजों में शिक्षकों के सृजित पदों का 44 प्रतिशत अब भी रिक्त है.
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वरीय संवाददाता, धनबाद.
बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 111 नीड बेस्ड शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है. इनमें से 96 नीड बेस्ड शिक्षक धनबाद व बोकारो के 13 अंगीभूत कॉलेजों में नियुक्त किये गये हैं. इनमें से धनबाद के सात पुराने अंगीभूत कॉलेजों को 43 नीड बेस्ड शिक्षकों दिये गये हैं. इन शिक्षकों के मिलने के बाद भी इन कॉलेजों में शिक्षकों के सृजित पदों का 44 प्रतिशत अब भी रिक्त है. धनबाद में अभी सबसे अधिक शिक्षक पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज में हैं. यहां कुल 29 शिक्षक हैं. इनमें 18 स्थायी और 11 नीड बेस्ड शिक्षक हैं. इनमें कॉलेज को अभी मिले तीन नये नीड बेस्ड शिक्षक भी शामिल हैं. वहीं सबसे कम शिक्षक कतरास कॉलेज, कतरास में हैं. यहां केवल 14 शिक्षक हैं. इनमें पांच स्थायी और नौ नीड बेस्ड शिक्षक हैं. पहले से ही शिक्षकों की कमी झेल रहे कतरास कॉलेज को इस बार केवल चार नये नीड बेस्ड शिक्षक मिले हैं. नयी नियुक्ति में धनबाद के सात पुराने अंगीभूत कॉलेजों में पीके रॉय को तीन, एसएसएलएनटी महिला कॉलेज को तीन, आरएस मोर कॉलेज गोविंदपुर को आठ, बीएसके कॉलेज मैथन को नौ, सिंदरी कॉलेज को आठ, कतरास कॉलेज को चार और आरएसपी कॉलेज को आठ नये नीड बेस्ड शिक्षक मिले हैं.अब भी है शिक्षकों की कमी :
धनबाद के इन सात कॉलेजों में दो कॉलेजों में नीड शिक्षक दिये जाने के बाद भी कुछ ऐसे विषय हैं जिनमें एक भी शिक्षक नहीं हैं. इन कॉलेजों में एसएसएलएनटी महिला कॉलेज और कतरास कॉलेज कतरास शामिल हैं. एसएसएलएनटी महिला कॉलेज में अभी फिलॉस्फी का एक भी शिक्षक नहीं है. फिजिक्स विभाग एडहॉक शिक्षक के भरोसे चल रहा है. इन दोनों विषयों में काफी संख्या में छात्राएं हैं. फिलॉस्फी में शिक्षक नहीं होने से कक्षाएं नहीं हो पाती है. जबकि फिजिक्स की कक्षाएं अनियमित होती हैं. वहीं कतरास कॉलेज में फिजिक्स और मैथ में एक भी शिक्षक नहीं हैं. कॉलेज प्रशासन ने विवि से इस बार इन दोनों विषयों में नीड बेस्ड शिक्षक देने का आग्रह किया था लेकिन उन्हें शिक्षक नहीं मिला. इन दोनों विषयों में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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