रेप के आरोप से आहत बीआइटी कर्मी ने खाया जहरीला पदार्थ
Author Prabhat khabar digital desk
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सिंदरी : बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआइटी) में चतुर्थ वर्गीय कर्मी और जन अधिकार मंच सिंदरी के संगठन मंत्री आंबेडकर नगर चेकपोस्ट निवासी विनोद राम ने रविवार को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया. श्री राम एक स्थानीय महिला द्वारा उनके ऊपर लगाये गये रेप के आरोप से आहत बताये जाते हैं. घटना रविवार […]
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सिंदरी : बिरसा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआइटी) में चतुर्थ वर्गीय कर्मी और जन अधिकार मंच सिंदरी के संगठन मंत्री आंबेडकर नगर चेकपोस्ट निवासी विनोद राम ने रविवार को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया.
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श्री राम एक स्थानीय महिला द्वारा उनके ऊपर लगाये गये रेप के आरोप से आहत बताये जाते हैं. घटना रविवार की सुबह की है. विनोद राम को धनबाद के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत खतरे से बाहर है.
श्री राम ने गोशाला ओपी प्रभारी वीके मिश्रा के नाम एक सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें आत्महत्या के कारणों का खुलासा किया गया है. पत्र रविवार को ही लिखा गया है. विनोद राम ने लिखा है कि उनके मुहल्ले की एक महिला ने उनके एवं परिवार के अन्य सदस्यों के विरुद्ध रेप की झूठी शिकायत एसएसपी के पास की है. इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा का हनन हुआ है.
वह सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं. ऐसे में रेप जैसे घृणित आरोप के साथ जीवित नहीं रह सकते हैं. उनके पास आत्महत्या के सिवा और कोई विकल्प नहीं था, इसलिए ऐसा निर्णय लेना पड़ा. विनोद ने रेप के आरोप को बेबुनियाद बताया है. लिखा है कि आठ जुलाई को रोहराबांध ऑफिसर्स क्लब में कुर्सी को लेकर विवाद हुआ था.
आरोप लगाने वाली महिला के परिजनों ने करीब 5 लाख 42 हजार रुपये नहीं लौटाने के लिए यह साजिश रची है. विनोद ने लिखा है कि उन्होंने फेकन सेठ, दिवाकर सिंह एवं विश्वनाथ ठाकुर से शिकायतकर्ता महिला के परिजन को दो लाख 20 हजार रुपये तथा उसकी सास को 3 लाख 22 हजार रुपये दिलाया था. ये लोग उस पैसे को पचाना चाहते हैं.
अपने विरुद्ध जांच शुरू होने से परेशान था कर्मी
आंबेडकर नगर चेकपोस्ट की रहनेवाली है शिकायतकर्ता
कर्मी जन अधिकार मंच का संगठन मंत्री भी है
लिखे सुसाइड नोट में पैसा हड़पने की नीयत से शिकायत करने की बात कही
धनबाद के निजी अस्पताल में चल रहा इलाज
सुसाइड नोट में आत्महत्या को विवश करने का लगाया आरोप
सुसाइड नोट में विनोद राम ने आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप महिला समेत कई लोगों पर लगाया है अैर खुद को अभागा बताते हुए मार्मिक शब्दों में अपनी मां, पत्नी, बेटी, बेटा, भाई व बहनों से माफी मांगी है. घटना सामने आने के बाद ओपी प्रभारी वीके मिश्रा जांच करने विनोद राम के घर पहुंचे.
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि रेप का आरोप निराधार और बेबुनियाद है. विनोद राम सामाजिक कार्यकर्ता हैं. महिला ने पहले से दर्ज मामलों में दबाव बनाने के लिए षड्यंत्र के तहत शिकायत की है. ओपी प्रभारी ने बताया कि महिला ने 18 जुलाई को एसएसपी को पत्र देकर रेप समेत कई आरोप लगाये थे. उसकी जांच का निर्देश एसएसपी से प्राप्त हुआ है.
महिला द्वारा की गयी शिकायत की जांच होने की जानकारी मिलने पर विनोद राम ने कोई दवा पी ली. वह बेहोश हो गये. शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया. पहले डाॅ सीजी साहा ने इलाज कर विनोद का पेट साफ किया. यहां से उन्हें धनबाद बेहतर इलाज के लिए भेजा गया.
वीके मिश्रा, प्रभारी, गोशाला ओपी प्रभारी
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