नीरज सिंह हत्याकांड में सिविल जज ने दी गवाही, पहचान परेड के बारे में बताया

Updated at : 24 Feb 2019 2:48 AM (IST)
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नीरज सिंह हत्याकांड में सिविल जज ने दी गवाही, पहचान परेड के बारे में बताया

धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में शनिवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में सुनवाई हुई. पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बंद भाजपा के झरिया विधायक संजीव सिंह, संजय सिंह, जैनेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह,धनंजय कुमार उर्फ धनजी, […]

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धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के मामले में शनिवार को जिला व सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में सुनवाई हुई. पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जेल में बंद भाजपा के झरिया विधायक संजीव सिंह, संजय सिंह, जैनेंद्र कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह,धनंजय कुमार उर्फ धनजी, डबलू मिश्रा, विनोद सिंह की पेशी करायी. जब कि दूसरे जेल में बंद शूटर अमन सिंह, कुर्बान अली उर्फ सोनू, रोहित सिंह उर्फ चंदन सिंह, सागर सिंह उर्फ शिबू व पंकज सिंह की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करायी गयी.

मंडल कारा धनबाद में पहचान परेड करानेवाले साक्षी सिविल जज जूनियर डिवीजन अर्पित श्रीवास्तव ने अपनी गवाही दी. उन्होंने बताया कि मैं सिविल कोर्ट में 23 जुलाई 15 से सिविल जज जूनियर डिवीजन ट्रेनी के रूप में पदस्थापित हूं.

मैंने सिविल जज जूनियर डिवीजन पंचम का पदभार 29 अगस्त 16 को लिया. 9 मई 17 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के लिखित आदेश पर मैंने इस कांड से संबंधित संदिग्धों की पहचान परेड मंडल कारा धनबाद में करायी. संदिग्ध सहित कुल 11 व्यक्ति, जो कि समान रंग कद-काठी के थे, को पहचान परेड में खड़ा किया गया, जिसमें से गवाह आदित्य राज ने अमन सिंह की पहचान की. गवाह आदित्य राज ने बताया कि उसने अमन सिंह को गाड़ी की लाइट में गोली चलाते हुए देखा था. उसने टीआइ परेड में किसी अन्य व्यक्ति, जो संदिग्ध नहीं था, को नहीं पहचाना. टीआइपी चार्ट को मैंने धनबाद जेल में भरा और सही किया.
29 जून 17 को मैंने सीजेएम के लिखित आदेश पर मंडल कारा धनबाद में पहचान परेड करायी. उसमें भी समान कद-काठी के 10 व्यक्तियों को खड़ा किया गया जिसमें गवाह आदित्य राज ने सोनू उर्फ कुर्बान अली की पहचान पिस्टल से गोली चलाते हुए व्यक्ति के रूप में की. फिर 10 जुलाई 17 को मैंने इस कांड से संबंधित संदिग्धों की पहचान परेड मंडल कारा में करायी. जिसमें गवाह आदित्य राज ने सागर सिंह उर्फ शिबू की पहचान यह कह कर की कि उसने गाड़ी की लाइट में देखा कि सागर ने पहले गाड़ी की एक तरफ से गोली चलायी, फिर दौड़ कर दूसरी तरफ से गोली चलायी. सागर सिंह ने पहले ड्राइवर पर गोली चलायी फिर नीरज सिंह पर गोली चलायी.
26 जुलाई 17 को मंडल कारा में टीआइ परेड में दस व्यक्तियों को कतारबद्ध खड़ा किया गया जिसमें गवाह आदित्य राज ने चंदन उर्फ रोहित सिंह उर्फ सतीश सिंह को गाड़ी की लाइट में नीरज सिंह पर गोली चलाते हुए अपराधी के रूप में पहचान की. मैंने 22 जून 17 को पहचान परेड जेल में करायी जिसमे गवाह उंदा देवी ने डबलू मिश्रा उर्फ राकेश कुमार मिश्रा उर्फ डबलू गिरी की पहचान की कि यही संदिग्ध व्यक्ति मुन्नाजी के नाम से घर किराये पर लेने आये थे तथा मुन्ना जी को घर किराये पर दिया था. 22 जून 17 को मैंने जेल में टीआइ परेड करायी, जिसमें गवाह राम आह्लाद राय ने डबलू मिश्रा की पहचान संदिग्ध व्यक्ति मुन्ना जी के रूप में की, जिसने घर किराये पर लिया था.
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