ट्रेड यूनियन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव

Updated at : 25 Jul 2018 4:41 AM (IST)
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ट्रेड यूनियन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव

धनबाद : केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने केंद्र एवं राज्य के स्तर पर ट्रेड यूनियन-महासंघ को मान्यता देने का प्रावधान करते हुए ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926 में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है. इस बाबत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी सुभाष कुमार ने सभी राज्यों के श्रम सचिवों, सभी केंद्रीय यूनियनों एवं सभी श्रमिक […]

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धनबाद : केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने केंद्र एवं राज्य के स्तर पर ट्रेड यूनियन-महासंघ को मान्यता देने का प्रावधान करते हुए ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926 में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है. इस बाबत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी सुभाष कुमार ने सभी राज्यों के श्रम सचिवों, सभी केंद्रीय यूनियनों एवं सभी श्रमिक संगठनों को पत्र लिख कर इस प्रस्तावित संशोधन पर 10 अगस्त तक विचार आमंत्रित किया है. इस समय देश कुल 13 केंद्रीय ट्रेड यूनियनें एवं महासंघ हैं.
मौजूदा नियमों के तहत ट्रेड यूनियनों को पहले मुख्य श्रमायुक्त ( केंद्रीय ) द्वारा सत्यापित किया जाता है. इसके बाद श्रम एवं रोजगार मंत्रालय मान्यता प्रदान करता है. श्रम मंत्रालय द्वारा दी गयी मान्यता के आधार पर इन यूनियनों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों और कमेटियों में प्रतिनिधित्व की अनुमति मिलती है. यूनियनों का आरोप था कि श्रम मंत्रालय को छोड़ कर किसी अन्य तरह का सांविधिक (स्टेच्युरी) समर्थन न होने के कारण केंद्र और राज्य सरकारें ट्रेड यूनियनों या उनके महासंघों को अधिक महत्व नहीं देती हैं.
मंत्रालय ने अपने संशोधन प्रस्ताव में कहा है कि ट्रेड यूनियनों की यह मांग थी कि किसी सांविधिक समर्थन के अभाव में केंद्र सरकार के मंत्रालयों और राज्य सरकारों द्वारा महत्व नहीं दिया जाता है. इसको देखते हुए ट्रेड यूनियन अधिनियम 1926 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है. इसके तहत केंद्र और राज्य के स्तर पर ट्रेड यूनियन-महासंघ को मान्यता के प्रवधान को शामिल किये जाने का प्रस्ताव है. मंत्रालय इसी के तहत अधिनियम की धारा 29 (2) के बाद नयी धारा 28 ए और उपधारा 2 ए जोड़ने का प्रस्ताव किया है.
प्रतिदिन दो मिलियन टन डिस्पैच करे कोल कंपनियां : सचिव
धनबाद. कोयला उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ-साथ डिस्पैच में तेजी लाने को लेकर कोयला मंत्रालय गंभीर है. कोयला सचिव इंद्रजीत सिंह ने कोल इंडिया व उसकी सहायक कंपनी बीसीसीएल, सीसीएल व इसीएल सहित अन्य कंपनियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर प्रतिदिन दो मिलियन टन कोयला डिस्पैच के निर्देश दिये हैं, ताकि पावर प्लांटों को पर्याप्त मात्रा में कोयला की आपूर्ति हो सके. इस दौरान उन्होंने बीसीसीएल को प्रतिदिन 26 रैक, यानी करीब 1.20 लाख टन कोयला डिस्पैच करने की हिदायत दी है. वीडियो कांफ्रेंसिंग में ऊर्जा सचिव, रेल चेयरमैन के अलावा कोल इंडिया चेयरमैन एके झा, बीसीसीएल सीएमडी अजय कुमार सिंह व निदेशक तकनीकी (योजना व परियोजना) एनके त्रिपाठी सहित अन्य उपस्थित थे.
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