देवघर में गैस की किल्लत भी नहीं रोक पाई 'सेवा की रसोई', सदर अस्पताल में लकड़ी की आंच पर पक रहा 300 लोगों का खाना

श्रील फाउंडेशन के सेक्रेट्री राकेश वर्मा
Deoghar Gas Crisis: देवघर के श्रील फाउंडेशन ने साबित कर दिया है कि इरादे नेक हों तो गैस की किल्लत भी रास्ता नहीं रोक सकती. पिछले 6 वर्षों से सदर अस्पताल में मात्र 10 रुपये में भोजन करा रही इस संस्था ने, गैस सिलेंडर न मिलने पर लकड़ी के चूल्हे का सहारा लिया है. सचिव राकेश वर्मा और महिमा देवी के नेतृत्व में जारी इस भागीरथ प्रयास को लोगों के सहयोग की जरूरत है.
देवघर, (संजीत मंडल की रिपोर्ट): देवघर में गैस की किल्लत ने जहां आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, वहीं एक संस्था मुश्किल हालात में भी सेवा का काम लगातार जारी रखे हुए है. सदर अस्पताल परिसर में श्रील फाउंडेशन पिछले छह वर्षों से जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध करा रहा है. वर्ष 2020 में शुरू हुई इस पहल के तहत संस्था हर दिन सुबह और शाम मिलाकर करीब 300 लोगों को मात्र 10 रुपये में भरपेट भोजन कराती है.
गैस नहीं, अब लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा खाना
इन दिनों गैस की भारी कमी के कारण लोगों के लिए खाना बनाना चुनौती बन गया है. इसके बावजूद फाउंडेशन से जुड़ी महिलाओं ने हार नहीं मानी. अब लकड़ी के चूल्हे का सहारा लेकर भोजन तैयार किया जा रहा है, ताकि सेवा में कोई बाधा न आए.
स्वच्छ पानी के लिए सहयोग की अपील
संस्था ने बताया कि फिलहाल भोजन करने वालों को सामान्य पानी दिया जा रहा है. ऐसे में बैंकों और बड़े संस्थानों से आरओ सिस्टम लगाने में सहयोग की अपील की गई है, ताकि जरूरतमंदों को स्वच्छ पेयजल भी मिल सके. साथ ही शहरवासियों, दानदाताओं और संस्थानों से खाद्य सामग्री और आर्थिक सहयोग देने का अनुरोध किया गया है, ताकि यह सेवा निरंतर जारी रह सके.
क्या कहते हैं संस्था के पदाधिकारी
इस संबंध में संस्था के सचिव राकेश वर्मा ने कहा कि गैस नहीं मिलने से परेशानी हो रही है, लेकिन हम सेवा नहीं रोक सकते. इसलिए अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं. यह काम शहरवासियों के सहयोग से ही चल रहा है. वहीं, संयुक्त सचिव महिमा देवी का भी कहना है कि यह सेवा पूरी तरह लोगों के सहयोग पर आधारित है. हम चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं, ताकि जरूरतमंदों को लगातार भोजन मिल सके. कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रील फाउंडेशन की यह पहल जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की किरण बनी हुई है.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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