21 बैंकों का 76.72 करोड़ रुपये मार्केट में फंसा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Apr 2018 5:08 AM
देवघर : पूरे देश में बैंक खातों का तेजी से बढ़ता एनपीए (नन परफॉर्मिंग एसेट), देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ बैंकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है. देवघर में 21 बैंकों का 9447 बैंक खाता एनपीए हो चुका है, जिनका 76.72 करोड़ रुपये मार्केट में फंसा हुआ है. ऋण नहीं चुकाने वाले […]
देवघर : पूरे देश में बैंक खातों का तेजी से बढ़ता एनपीए (नन परफॉर्मिंग एसेट), देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के साथ-साथ बैंकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है. देवघर में 21 बैंकों का 9447 बैंक खाता एनपीए हो चुका है, जिनका 76.72 करोड़ रुपये मार्केट में फंसा हुआ है. ऋण नहीं चुकाने वाले इन 9,447 ऋण धारकों पर सर्टिफिकेट केस दर्ज हो चुका है. देवघर में वित्तीय वर्ष 2017-18 की रिपाेर्ट के अनुसार एनपीए खाते के 76.72 करोड़ रूपये की वूसली के लिए बैंक प्रबंधन द्वारा कई बार संबंधित ऋणधारकों को नोटिस भी दिया जा चुका था, लेकिन इन लोगों ने ऋण चुकाने में रुचि नहीं दिखायी.
21 बैंकों में सरकारी बैंक शामिल है. एनपीए को साधारण तरीके से हम यह समझ सकते हैं कि अगर बैंक से कोई बड़ा लोन लेता है और किसी भी कारण से उसे वसूल पाने में अक्षम होता है, तो यह एनपीए की श्रेणी में आ जाता है. इसे खराब लोन भी कह सकते हैं, क्योंकि उन्हें रिकवर करने की संभावना बेहद कम होती है. इसलिए ऐसे लोन जिनके डिफाॅल्ट होने की अधिक संभावना रहती है.
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