अलीमुद्दीन हत्याकांड के 11 आरोपी दोषी करार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Mar 2018 3:49 AM

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रामगढ़ : अलीमुद्दीन हत्याकांड में शुक्रवार को रामगढ़ की फास्ट ट्रैक अदालत ने सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया. तीन आरोपियों को मुख्य अभियुक्त करार दिया है. इन्हें 21 मार्च को सजा सुनायी जायेगी. सभी 11 आरोपी जेल में हैं. इनकी पेशी 16 मार्च को न्यायालय में की गयी थी. जिन 11 आरोपियों को […]

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रामगढ़ : अलीमुद्दीन हत्याकांड में शुक्रवार को रामगढ़ की फास्ट ट्रैक अदालत ने सभी 11 आरोपियों को दोषी करार दिया. तीन आरोपियों को मुख्य अभियुक्त करार दिया है. इन्हें 21 मार्च को सजा सुनायी जायेगी. सभी 11 आरोपी जेल में हैं. इनकी पेशी 16 मार्च को न्यायालय में की गयी थी. जिन 11 आरोपियों को सजा सुनायी गयी है,

इनमें दीपक मिश्रा, छोटू वर्मा व संतोष सिंह को न्यायालय ने मुख्य अभियुक्त माना है. इन तीनाें काे अन्य धाराओं के साथ 120 बी के तहत भी दोषी करार दिया गया है. इसके अलावा जिन आराेपियाें काे दाेषी करार दिया गया है, उनमें नित्यानंद महतो, विक्की साव, सिकंदर राम, कपिल ठाकुर, रोहित ठाकुर, राजू कुमार, विक्रम प्रसाद व उत्तम राम शामिल हैं.

अलीमुद्दीन हत्याकांड…
29 जून, 2017 को हुई थी हत्या : हेसला निवासी अलीमुद्दीन 29 जून, 2017 को सुबह 10 बजे प्रतिबंधित मांस लेकर अपने मारुति वैन से चितरपुर की ओर से आ रहा था. इसी क्रम में बाजार टांड़ स्थित हिंदुस्तान गैस एजेंसी के पास आरोपी व अन्य लोगों द्वारा अलीमुद्दीन को पकड़ा गया. भीड़ द्वारा अलीमुद्दीन की पिटाई करने के बाद उसके मारुति वैन में आग लगा दी गयी थी.
इलाज के लिए रांची ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गयी थी. इस मामले में अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून द्वारा नामजद प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. उच्चतम न्यायालय ने इस मामले प्रतिदिन सुनवाई के लिए एडीजे द्वितीय आरबी पाल के न्यायालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया. इस मामले की निगरानी उच्च न्यायालय द्वारा की गयी. 22 सितंबर, 2917 से फास्ट ट्रैक कोर्ट ने कार्य करना प्रारंभ किया. इस मामले की अनुसंधानकर्ता एसआइ विद्यावति ओहदार ने 17 सितंबर, 2017 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था. 22 सितंबर 2017 को न्यायालय द्वारा आरोप गठिता किया गया तथा 20 दिसंबर, 2017 को आरोपियों का बयान कोर्ट में दर्ज किया गया. अभियोजन पक्ष द्वारा 19 गवाह प्रस्तुत किये गये,
जबकि बचाव पक्ष द्वारा एक गवाह प्रस्तुत किया गया. अभियोजन पक्ष ने 59 दस्तावेज व 20 वस्तुआें को कोर्ट में रखा. इसके अलावा रामगढ़ सीओ द्वारा तैयार सीडी की जांच केंद्रीय प्रयोगशाला चंडीगढ़ से करा कर उसे साक्ष्य के रूप में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. दोनों पक्षों की ओर से बहस पांच मार्च 2918 को पूरी हुई. सरकार की ओर से अवर लोक अभियोजक एसके शुक्ला ने बहस की थी.
वयस्क की तरह मामला चलाने के लिए दिया आवेदन : इसी मामले के एक अन्य आरोपी छोटू राणा की कम उम्र के होने के कारण उसका मामला जुबेनाइल जस्टिस बोर्ड को भेजा जा चुका है, लेकिन अभियोजन पक्ष ने जुबेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन के बाद छोटू राणा का मामला भी वयस्क की तरह चलाने के लिए न्यायालय में आवेदन दिया है.
कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था थी मजबूत : अलीमुद्दीन हत्याकांड की सुनवाई को लेकर शुक्रवार को रामगढ़ न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी थी. परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किये गये थे. सुरक्षा की कमान डीएसपी मुख्यालय डॉ वीरेंद्र चौधरी, एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर, सार्जेंट मेजर अनिल कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी राजेश कुमार अादि ने संभाल रखा था.
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