पलायन कर गये बुनकर जंग खा रही हैंडलूम मशीन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Mar 2018 9:49 AM
वर्ष 2003-04 में बनाया गया था बुनकर शेड लगायी गयी थी ऑटोमैटिक हैंडलूम मशीन बुनकरों को आत्मनिर्भर बनानेे की थी योजना सारवां : सरकार ने बुनकरों का पलायन रोकने व उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिये नौखेता व नावाडीह में वर्ष 2003-04 में लाखों खर्च कर बुनकर शेड का निर्माण कराया था. अच्छी कालीन व […]
वर्ष 2003-04 में बनाया गया था बुनकर शेड
लगायी गयी थी ऑटोमैटिक हैंडलूम मशीन
बुनकरों को आत्मनिर्भर बनानेे की थी योजना
सारवां : सरकार ने बुनकरों का पलायन रोकने व उन्हें रोजगार मुहैया कराने के लिये नौखेता व नावाडीह में वर्ष 2003-04 में लाखों खर्च कर बुनकर शेड का निर्माण कराया था. अच्छी कालीन व कपड़ा बनाने को लेकर गांव के युवा बनारस समेत कई जगहों से प्रशिक्षण लेकर लेकर आये थे.
उनका सपना था कि अब कालीन व कपड़ा आदि बना कर बाजार में बेचेंगे व आत्मनिर्भर होंगे. बुनकर शेड में पावर लूम के अलावा ऑटोमेटिक हैंडलूम मशीन लगायी गयी थी. शेड को चलाने के लिये स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया था. आधुनिक मशीनें लगायी गयी थीं, ताकि कपड़े व कालीन बनायी जा सके. बुनकरों को इसके लिये बैंक से ऋण भी दिया गया था. सरकार ने बुनकर शेड के संचालन के लिये जेनरेटर व बिजली की व्यवस्था नहीं की थी.
इसकी वजह से शेड बंद हो गया. समूह के सदस्यों ने कई बार इस संबंध में पत्राचार किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली. इसके कारण धीरे-धीरे शेड व मशीनें बदहाली के कगार पर चली गयीं. बुनकर भी अपने परिवार के भरण-पोषण के लिये बनारस, गुजरात आदि जगहों की पलायन कर गये. अब इस शेड की मशीनें व कल-पुर्जे जंग खा रहे हैं. बुनकरों ने सरकार से मांग की है कि अविलंब शेड की मरम्मत करा कर उसे चालू किया जाये व पलायन को रोका जाये.
कहते हैं एसएचजी के अध्यक्ष
स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष शफीक अंसारी ने कहा कि ग्रुप के लोगों को इसे चालू करने के लिये मेटेरियल के लिये एक लाख 79 हजार कर्ज दिया गया था, लेकिन जेनेरेटर व बिजली नहीं दिये जाने से मशीनें चली ही नहीं. ऊपर से बैंक का कर्ज लद गया. कर्ज का लोक अदालत में एक लाख 60 हजार में निबटारा हुआ. सदस्यों ने 79 हजार जमा भी कर दिया. कहा कि सरकार शेड में लगी मशीनों को दुरुस्त कर जेनरेटर सेट व बिजली की व्यवस्था करे.
कहती हैं मुखिया
मुखिया रजिया खातून ने कहा कि सरकार सारवां प्रखंड के दोनों बुनकर शेड की ओर ध्यान दे व उन्हें आर्थिक सहायता के साथ जेनेरेटर व बिजली की सुविधा प्रदान कर चालू कराये.
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