शराब ने उजाड़ दिये बैजनाथपुर के कई परिवार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Mar 2018 4:52 AM

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असमय हुई छह लोगों की मौत, कई अन्य किडनी व लिवर की गंभीर बीमारी से ग्रस्त मोहल्ला कमेटी भी नहीं है कारगर महिलाएं लगातार कर रही हैं शराबबंदी की मांग सारवां : कुशमाहा पंचायत के बैजनाथपुर गांव में शराब के कारण कई परिवार तबाह हो गये व कई तबाही की कगार पर खड़े हैं. यहां […]

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असमय हुई छह लोगों की मौत, कई अन्य किडनी व लिवर की गंभीर बीमारी से ग्रस्त

मोहल्ला कमेटी भी नहीं है कारगर
महिलाएं लगातार कर रही हैं शराबबंदी की मांग
सारवां : कुशमाहा पंचायत के बैजनाथपुर गांव में शराब के कारण कई परिवार तबाह हो गये व कई तबाही की कगार पर खड़े हैं. यहां के आधा दर्जन लोगों की जिंदगी एक से तीन साल के भीतर छिन गयी. इस गांव में लंबे समय से शराब बनाने व बेचने का धंधा चलता रहा है. इसके कारण गांव के अधिकतर लोगों की शाम ढलते ही महुआ शराब पीने की आदत गयी है. मजदूरी के पैसे से लोग शराब पीकर आते हैं. यह आदत छूटती नहीं है. नहीं पीने पर हाथ पांव-कांपने लगते हैं व कम उम्र में ही बीमारी का शिकार होकर मौत को गले लगा लेते हैं. इसके बाद परिवार टूट जाता है. बच्चों को शिक्षा नसीब नहीं हो पाती है बच्चे असमय मजदूरी करने को विवश हो जाते हैं. फिर शराब बनाने, पीने व बेचने का सिलसिला शुरू होता है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता रहता है.
तीन साल में शराब से कई मरे
शराब के कारण तीन वर्ष पूर्व बालदेव मांझी (50), धिरजू मांझी (40), बजटू मांझी (41), सुकदेव मांझी (42), महरू मांझी (45) व मिश्री मांझी (42) की असमय मौत लगातार शराब पीने से हो चुकी है. इनके परिवार बेसहारा हो गये हैं. आधा दर्जन लोग शराब के कारण किडनी, लिवर आदि रोगों से ग्रस्त हैं. गांव के नवयुवकों में शराब की लत बढ़ती ही जा रही है.
कारगर नहीं मोहल्ला कमेटी
शराब पर रोकथाम के लिये मोहल्ला कमेटी बनायी गयी है, ताकि शराब व शराबियों पर रोक लगायी जा सके. वह भी उन लोगों के सामने बौनी साबित हो रही है. हालांकि क्षेत्र की महिलाएं लगातार शराबबंदी की मांग करते हुए आंदोलन कर रही हैं. पिछले दिनों कमेटी की बैठक में सदस्यों के साथ महिलाओं ने शराब पर रोक लगाने के लिए आवाज उठायी थी.
कहती हैं मुखिया
कुशमाहा पंचायत की मुखिया खुशबू कुमारी ने कहा कि शराबबंदी के लियेे जागरुकता अभियान चला कर युवाओं को शराब से होने वाली हानि व गांव पर पड़ रहे दुष्प्रभाव की जानकारी कमेटी गठित कर दी जा रही है. गांव की महिलाओं में एसआरटी के तहत एसएचजी ग्रुप बना कर शराब का बहिष्कार करने व रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
कहते हैं गांव के लोग
गांव के मदन सिंह ने कहा कि शराब के कारण यहां के लोग असमय मौत के मुंह में समा रहे हैं. परिवार बर्बाद हो रहे हैं. गोपाल वर्णवाल ने कहा कि शराब के चलते गांव में अशिक्षा है. लुथरी देवी ने कहा कि शराब ने हमारी जिंदगी बर्बाद कर दी. गुणाधर रवानी ने कहा कि शराब ने गांव के आधा दर्जन लोगों की जिंदगी छीन ली. भोथो देवी व उमा देवी ने कहा कि इसी के कारण परिवार तबाह हो गया.
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