कई किसान सरकारी दर पर नहीं बेच पाये धान

Updated at : 01 Apr 2026 10:23 PM (IST)
विज्ञापन
कई किसान सरकारी दर पर नहीं बेच पाये धान

जिले के धान अधिप्राप्ति केंद्रो में धान खरीदारी की समय सीमा समाप्त हो गयी है. काफी संख्या में किसान केंद्रो में धान नहीं बेच पाये हैं.

विज्ञापन

दीनबंधू/मो तसलीम चतरा. जिले के धान अधिप्राप्ति केंद्रो में धान खरीदारी की समय सीमा समाप्त हो गयी है. काफी संख्या में किसान केंद्रो में धान नहीं बेच पाये हैं. जिससे उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. कई किसान आज भी धान की खरीदारी का समय बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. धान अधिप्राप्ति केंद्रो में नियमित रूप से धान की खरीदारी नहीं होने से किसान परेशान थे. समय सीमा के अंदर धान बेचने को लेकर किसान लगातार केंद्रो का चक्कर लगाते रहे, लेकिन धान की खरीदारी नहीं हो पायी. हमेशा केंद्रों के गोदाम भरा होने, समय पर मिलरों द्वारा धान का उठाव नहीं करने व टेक्निकल प्रॉब्लम के कारण धान की खरीदारी में विलंब होती गयी. केंद्रों को समय पर आरओ नहीं मिलने की भी समस्या बरकरार रही, जिसके कारण नियमित रूप से धान की खरीदारी नहीं हो पायी. इस बार जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 83.5 प्रतिशत ही धान की खरीदारी हुई है. जिले में धान खरीदारी का लक्ष्य दो लाख क्विंटल था. जिसमें 40 धान अधिप्राप्ति केंद्रो में एक लाख 67 हजार 44 क्विंटल ही धान की खरीदारी हुई है. कई केंद्रो में अब भी किसानों से खरीदा गया धान पड़ा हुआ है. मार्च माह में अधिकांश छूट्टी होने के कारण धान की खरीदारी प्रभावित हुआ. लंबे समय तक केंद्रो में धान बेचने के इंतजार में रखा धान सूख गया है. कई किसानो का धान चुआं भी खा रहा है. जिससे किसानो को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. किसानो ने राज्य सरकार व जिला प्रशासन से धान खरीदारी का समय बढ़ाने की मांग की है. किसानो को प्रत्येक क्विंटल 600-700 रुपये का नुकसान हुआ जिले में इस बार धान की खेती अच्छी हुई थी. जिससे किसान गदगद थे. लेकिन लक्ष्य के अनुरूप धान की खरीदारी नहीं होने से किसानो को सरकारी दर का लाभ नहीं मिल पाया. काफी संख्या में किसानो को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. धान खरीदारी के पूर्व ही कई किसानो ने बिचौलियों के हाथो धान बेच दिया था. वैसे किसान जो केंद्र में धान बेचने के इंतजार में थे, अब वे किसान भी बिचौलियों के हाथो धान बेचने को मजबूर है. बता दें कि धान अधिप्राप्ति केंद्रो में सरकारी दर 2450 रुपये प्रति क्विंटल धान की खरीदारी हुई. जबकि काफी संख्या में किसान बिचौलियों के हाथो 1600-1800 रूपये प्रति क्विंटल धान बेचना पड़ा. किसानो को प्रत्येक क्विंटल 600-700 रूपये नुकसान हुआ. केंद्र में धान की खरीदारी नहीं होने से काफी नुकसान हुआ है सदर प्रखंड के सीमा गांव के किसान बसंत नारायण सिंह ने कहा कि धान बेचने के लिए लगातार केंद्र का चक्कर लगाते रहे, लेकिन धान की खरीदारी नहीं हो पायी. जिससे नुकसान हुआ है. मुसाफिर सिंह ने कहा कि सरकारी दर पर धान नहीं बेच पाये है, मजबूरन बिचौलियों के हाथो सस्ते दरों पर बेचना पड़ेगा. रामवृक्ष ठाकुर ने कहा कि इस वर्ष अच्छी धान की फसल हुई. उम्मीद थी कि आमदनी अच्छी होगी, लेकिन धान की खरीदारी नहीं हुई. जिससे नुकसान हुआ. सिमरिया प्रखंड के बानासाड़ी गांव के विरेंद्र भारती ने कहा कि हर रोज आज कल कह कर धान की खरीदारी नहीं की गयी. अब बिचौलियों के हाथो धान बेचने को मजबूर है. जयनारायण साव ने कहा कि धान अधिप्राप्ति केंद्र में धान की खरीदारी नहीं होने से काफी नुकसान हुआ हैं. किसानों को भुगतान कर दिया गया है जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह ने कहा कि पहले डेढ़ लाख क्विंटल धान खरीदारी का लक्ष्य था. फरवरी के अंत में 50 हजार क्विंटल धान का लक्ष्य बढ़ाया गया. इसके बावजूद लक्ष्य के 83.5 प्रतिशत धान की खरीदारी की गयी है. जिन किसानों से धान की खरीदारी की गयी है, सभी का भुगतान कर दिया गया है. मार्च में लगातार छुट्टी होने के कारण धान की खरीदारी प्रभावित हुई.

विज्ञापन
VIKASH NATH

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola