जेपीएससी में बैठे लोग लगा रहे शिक्षक बहाली में अड़ंगा - राज्यपाल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 15 Jan 2019 8:23 AM

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देवघर : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि राज्य के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में शिक्षकों की काफी कमी है. हमने प्रयास किया. 34 वर्षों बाद रोस्टर क्लीयरेंस कर जेपीएससी को भेजा, लेकिन वहां भी अड़ंगा लगाने वाले कई बैठे हैं. कुछ समस्या क्रियेट कर मामले को लटकाने की कोशिश की गयी. अभी अनुबंध आधारित […]

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देवघर : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि राज्य के विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में शिक्षकों की काफी कमी है. हमने प्रयास किया. 34 वर्षों बाद रोस्टर क्लीयरेंस कर जेपीएससी को भेजा, लेकिन वहां भी अड़ंगा लगाने वाले कई बैठे हैं. कुछ समस्या क्रियेट कर मामले को लटकाने की कोशिश की गयी.
अभी अनुबंध आधारित कॉलेज शिक्षक पढ़ा रहे हैं, बहुत जल्द स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति कॉलेजों व विवि में होगी. मुर्मू सोमवार को सिदो कान्हो मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका की आेर से देवघर कॉलेज में चल रहे द्वितीय युवा महोत्सव ‘उत्कर्ष-2019’ में बतौर मुख्य अतिथि बोल रही थीं.
समारोह में राज्यपाल द्रौपदी ने युवाओं से कहा कि पढ़ने के साथ एक्स्ट्रा कैरिकुलम पर ध्यान दें तथा स्वामी विवेकानंद की वाणी को आत्मसात करें. आज देश में 65 फीसदी आबादी युवा है, इसलिए युवाअों से देश को ढेर सारी उम्मीदें हैं. जरूरत है उन्हें साधन व सही दिशा दिखाने की.
बच्चे बेहतर कर रहे हैं खेलकूद में
कहा कि झारखंड के बच्चे खेलकूद में बेहतर कर रहे हैं. मैंने चांसलर ट्राॅफी शुरू किया. किसी भी शिक्षा संस्थान में लेबोरेटरी, लाइब्रेरी सहित आधारभूत संरचना का होना जरूरी है. कॉलेज या यूनिवर्सिटी जाने वाले छात्र-छात्राएं ट्रेनिंग लेते हैं. यह समय ट्रेनिंग का समय है, इसे जाया नहीं करें.
हरेक ब्लॉक में डिग्री कॉलेज व महिला कॉलेज ज्यादा खोलने की जरूरत
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड के टॉपरों से मिल कर क्वालिटी एजुकेशन के लिए यूनिवर्सिटी व कॉलेजों की समस्या को दूर करने का प्रयास करती हूं. लड़कियां कहती हैं: सेल्फ डिफेंस के लिए मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए. ये सिर्फ वीमेंस कॉलेजों में न होकर को-एजुकेशन वाले कॉलेज में भी होनी चाहिए. इससे उनका हौसला बढ़ेगा.
इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर हो यूथ फेस्टिवल
उन्होंने कहा कि पासआउट होने वाले सभी बच्चों के लिए रोजगार संभव नहीं है. इस बात को ध्यान में रखते हुए फाइन आर्ट की पढ़ाई कॉलेजों में शुरू की गयी है. देवघर के बच्चों में टैलेंट कूट-कूट कर भरी हुई है और से खुद से सीखते हैं, जरूरत है उन्हें सही दिशा देने की. यूथ फेस्टिवल में वे हुनर दिखाते हैं. इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर भी यूथ फेस्टिवल का आयोजन होना चाहिए.
कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की हो भागीदारी
कुलपति हों या पदाधिकारी उन्हें क्षेत्र के इतिहास की सभी जानकारी नहीं होती है. जनप्रतिनिधि यहां का इतिहास जानते हैं. यह यूनिवर्सिटी-कॉलेज आपका है. संस्थान में आयोजित कार्यक्रम को बेहतर बनाना आपका कर्तव्य है. क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी होनी चाहिए. इतिहास को याद दिलाना आपका कर्तव्य है. हरेक ब्लॉक में डिग्री कॉलेज व महिला कॉलेज ज्यादा खोलने की आवश्यकता है.
23 जनवरी से राज्य के सभी कॉलेजों में होगी रक्त जांच
छात्रों में परिवार के साथ सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ाने के इरादे से 23 जनवरी को सुभाष जयंती के अवसर पर कॉलेज में छात्र-छात्राअों की रक्त जांंच शुरू की जायेगी. हरेक कॉलेज व विवि में छात्रों के ब्लड ग्रुप के साथ सूची होगी. ताकि कभी भी देश का कोई जवान मुसीबत में फंसे या पुलिसकर्मियों व किसी गरीब को रक्त की जरूरत पड़ी तो छात्र-छात्राअों को बुला कर रक्तदान कराया जा सके.
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