सख्ती. सदर डीएसपी का िनर्देश, हंगामा करने वाले शराबियों को भेजें जेल

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Mar 2016 2:53 AM

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शराब बंदी को ले बने नियम को धरातल पर उतारें थानाध्यक्ष सीतामढ़ी : शराब बंदी को लेकर सरकार द्वारा बनाये गये नई उत्पाद नीति को हर हाल में धरातल पर उतारने के लिए सदर डीएसपी सह एएसपी राजीव रंजन ने थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया. रविवार को उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक के […]

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शराब बंदी को ले बने नियम को धरातल पर उतारें थानाध्यक्ष

सीतामढ़ी : शराब बंदी को लेकर सरकार द्वारा बनाये गये नई उत्पाद नीति को हर हाल में धरातल पर उतारने के लिए सदर डीएसपी सह एएसपी राजीव रंजन ने थानाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया. रविवार को उन्होंने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक के दौरान थानाध्यक्षों को कहा कि नई उत्पाद नीति को लागू करने में थानाध्यक्षों की अहम भूमिका है. सभी को अपने जवाबदेही का निर्वाह करते हुए अपनी सक्रिय भूमिका का निर्वाह करना चाहिए. इसमें किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नही की जायेगी.
पुराने शराबियों की जमानत होगी रद्द
सदर डीएसपी श्री रंजन ने थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में शराबियों को चिह्नित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शराब पीकर हंगामा करने के कारण एक से अधिक बार जेल गये शराबियों की हरकत में अगर सुधार नही हुआ तो वैसे लोगों की जमानत रद्द करने की कार्रवाई करे.
इसके अलावा शराब पीकर चौक-चौराहों पर हंगामा कर विधि-व्यवस्था खराब करने वाले शराबियों पर भी कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया. कहा गया कि हठी शराबियों को शराब के नशा में हंगामा करते पकड़े जाने पर जेल भी भेजे .
ताड़ी बेचने वालों पर नजर
बैठक के दौरान यह बात सामने आयी कि ताड़ी बेचने वाले दुकानदार भी नशीली दवाओं का उपयोग करते है. सदर डीएसपी ने थानाध्यक्षों को वैसे दुकानदारों को भी चिह्नित करने का निर्देश दिया. ताकि उन पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके. लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया. बैठक में इंस्पेक्टर गोरख राम के अलावा थानाध्यक्ष विशाल आनंद, छोटन कुमार, लालबाबु यादव, राजीव कुमार, औरंगजेब आलम, जीतेंद्र कुमार व सुधीर समेत अन्य मौजूद थे.
नई उत्पाद नीति को ले बोले सदर डीएसपी
शराब बनाने का लाइसेंस आवश्यक
थानाध्यक्षों को बताया कि अपने-अपने क्षेत्र में ईंख, गुड़ व महुआ से शराब बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे. यानी हर हाल में सरकार की नई उत्पाद नीति को धरातल पर उतारना है. थानाध्यक्षों को बताया गया कि कोई भी व्यक्ति पांच किलो तक महुआ रख सकता है. इससे अधिक रखने के लिए जिला प्रशासन से लाइसेंस लेना अनिवार्य है.
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