पेपर वर्क के चलते वर्ग आठ के बच्चों को दिये छुट्टी

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 13 Jan 2016 6:53 PM

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पेपर वर्क के चलते वर्ग आठ के बच्चों को दिये छुट्टी हाजिरी बना कर नदारद थी शिक्षिका सीतामढ़ी. डीएम ने मध्य विद्यालय पुनौरा बाजार का निरीक्षण किया. वे करीब दो बजे उक्त स्कूल में पहुंचे. नामांकन पंजी की जांच की गयी. 2160 में 770 बच्चों की हाजिरी बनी थी. वर्ग तीन में सबसे अधिक 95 […]

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पेपर वर्क के चलते वर्ग आठ के बच्चों को दिये छुट्टी हाजिरी बना कर नदारद थी शिक्षिका सीतामढ़ी. डीएम ने मध्य विद्यालय पुनौरा बाजार का निरीक्षण किया. वे करीब दो बजे उक्त स्कूल में पहुंचे. नामांकन पंजी की जांच की गयी. 2160 में 770 बच्चों की हाजिरी बनी थी. वर्ग तीन में सबसे अधिक 95 बच्चे थे तो वर्ग आठ में एक भी नहीं. शिक्षक उपस्थिति पंजी की जांच में डीएम राजीव रौशन ने पाया कि एक शिक्षिका आशा कुमारी हाजिरी बना कर नदारद हैं. शिक्षकों से पूछा गया कि आशा कुमारी कब गयी? किसी शिक्षक ने जवाब नहीं दिया. सभी शिक्षक किये गये तलब डीएम श्री कुमार ने सभी शिक्षक व शिक्षिकाओं को अपने पास तलब किया और कहा कि पंजी में जितने बच्चों की उपस्थिति दर्ज है, की संख्या नोट कर लायें. इसके बाद डीएम ने कक्षा में मौजूद बच्चों की संख्या नोट कर लाने को कहा. डीएम के कहने पर सबसे अधिक बच्चों वाले कक्षा तीन में उन्हें ले जाया गया. डीएम ने बच्चों से पूछा, 1 से 100 तक गिनती आती है. सभी ने जवाब हां में दिया. बुरे फंसे प्रधान शिक्षक कक्षा आठ की वर्ग शिक्षक से पूछा गया कि एक भी बच्चा क्यों नहीं है. जवाब मिला कि प्रधान शिक्षक द्वारा कहा गया है कि बच्चों का खाता खोलना है, जिसके पेपर वर्क के चलते कक्षा आठ के छात्र-छात्राओं की छुट्टी कर दें. इसी कारण छुट्टी दे दी गयी है. इस कक्षा में मात्र दो ही शिक्षक जाते हैं. बच्चों ने डीएम से शिकायत की कि शौचालय में बराबर ताला लगा रहता है. उसका उपयोग नहीं करने दिया जाता है. डीएम ने ताला खोलने व बच्चों को शौचालय का उपयोग करने का आदेश दिया. डीपीओ को समस्या बताये निरीक्षण के दौरान डीपीओ जयशंकर ठाकुर व प्रेमचंद्र पहुंचे. कुछ ग्रामीणों ने डीएम से जब स्कूल के बारे में शिकायत की तो उन्होंने डीपीओ को बताने को कही. प्रभारी प्रधान वीरेंद्र कुमार बैंक के काम से गये हुए थे. प्रभार में शिक्षिका सूर्यकला कुमारी थी. डीएम ने रसोइया से पूछा कि एमडीएम में कितना चावल बना है तो वह बोली एक बोरा. सवाल किया गया कि एक बोरा में कितना चावल होता है? उसका जवाब था कि शायद 50 किलो. तभी दूसरी रसोइया से चावल के बारे में ही सवाल करने पर उसने कहा दो बोरा चावल बना है. फिर उसने सुधार कर कहा कि खिचड़ी के चलते एक बोरा चावल ही बना है.ग्रामीण अड़ाते हैं टांग बच्चों ने डीएम को बताया कि बुधन नामक रसोइया अपशब्द कहता है. जब डीएम ने बुधन से पूछताछ की तो वह लगातार बोलता रह गया. उसका कहना था कि बच्चे काफी शरारती हैं. कक्षा में ही शौच कर देते हैं. इसी कारण कक्षा में शिक्षिकाएं नहीं जाती है. ग्रामीण भी स्कूल में टांग अड़ाते हैं. बराबर एमडीएम की चेकिंग करते हैं. डीएम के पूछने पर बुधन ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका प्रतिदिन तीन-चार बजे केंद्र बंद कर चली जाती है.

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