परसौनी रेलवे स्टेशन को बिजली नसीब नहीं

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Jan 2016 6:45 PM

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परसौनी रेलवे स्टेशन को बिजली नसीब नहीं फोटो-4 स्टेशन जानेवाली जर्जर सड़क, 5 बदहाल प्लेटफॉर्म, 6 स्टेशन अधीक्षक बिजली का पता नहीं, वर्षों पूर्व पूरा हुआ वायरिंग का काम रेलवे का आय बढ़ा, पर यात्री सुविधाएं नहीं रात्रि में यात्रियों को होती है काफी परेशानी सीतामढ़ी. सीतामढ़ी-दरभंगा रेलखंड स्थित परसौनी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं […]

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परसौनी रेलवे स्टेशन को बिजली नसीब नहीं फोटो-4 स्टेशन जानेवाली जर्जर सड़क, 5 बदहाल प्लेटफॉर्म, 6 स्टेशन अधीक्षक बिजली का पता नहीं, वर्षों पूर्व पूरा हुआ वायरिंग का काम रेलवे का आय बढ़ा, पर यात्री सुविधाएं नहीं रात्रि में यात्रियों को होती है काफी परेशानी सीतामढ़ी. सीतामढ़ी-दरभंगा रेलखंड स्थित परसौनी रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव है. केंद्र व राज्य सरकार हर गांव को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्षों से प्रयास कर रही है और इस दिशा में तेजी से काम हो भी रहा है, पर यह जान कर हैरानी होगी कि अंग्रेज के जमाने में स्थापित उक्त रेलवे स्टेशन को अब तक बिजली सुविधा नसीब नहीं हुआ है. बिजली के नाम पर अब तक कागजी कार्रवाई भी चल रही है. खास बात यह कि वर्षों पूर्व स्टेशन पर बिजली की वायरिंग करा दी गयी. अब वह भी जर्जर होने लगा है. अधिकारी नहीं हैं गंभीर स्थानीय लोगों की माने तो विभाग के वरीय अधिकारी उक्त स्टेशन पर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के प्रति गंभीर नहीं हैं. स्टेशन से तीन छोर पर बिजली ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ है. वहां से स्टेशन तक बिजली लाने में चार-पांच पोल व तार की जरूरत है. इस मामूली काम के लिए वर्षों से विभागीय अधिकारियों के बीच पत्राचार के सिवा कुछ नहीं हुआ है. रात में यात्रियों को ट्रेन से उतर कर अपने घर की ओर जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ट्रेन से उतरने के बाद रेलवे लाइन व पत्थर से ठोकर लगने से यात्री चोटिल भी होते रहते हैं. जेनेरेटर से रौशनी नहीं स्टेशन अधीक्षक बच्चा प्रसाद विह्वल कहते हैं कि यहां जेनेरेटर की सुविधा है, पर उससे सिर्फ सिगनल व अन्य यंत्रों का काम चलता है. प्रतिदिन आठ-दस घंटे जेनेरेटर चलता है. बैटरी चार्ज होती है और बैटरी से सिस्टम 24 घंटे ऑन रहता है. सोलर प्लेट लगा हुआ है, जिससे दो चार बॉल जलता है. धूप नहीं होने पर व कुहासे की स्थिति में सोलर भी काम नहीं करता है. उनका कहना था कि जेनरेटर से यात्रियों को बिजली सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं है. शौचालय है सिर्फ नाम का कहने के लिए स्टेशन पर शौचालय की सुविधा है. साफ-सफाई के अभाव में यात्री शौचालय का उपयोग नहीं करते हैं. स्टेशन अधीक्षक श्री विह्वल ने बताया कि वर्षों से सफाई कर्मी का पद रिक्त है. मूत्रालय नहीं हैं. फलत: खास कर महिला यात्रियों को होने वाली परेशानियों को समझा जा सकता है. पेयजल को चापाकल की सुविधा है. प्लेटफॉर्म के दोनों छोर पर साफ-सफाई नहीं कराये जाने से जगह-जगह गंदगी दिखी. घास की कटाई कराये जाने के बावजूद सफाई की काफी जरूरत है. सड़क चलने लायक नहीं मुख्य सड़क से स्टेशन तक जाने वाली पक्की सड़क काफी जर्जर हो चुकी है. सड़क के दोनों किनारे शौच किये जाने से पैदल चलना काफी मुश्किल होता है. उक्त सड़क को देख यह नहीं लगा कि पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान का बयार उक्त क्षेत्र में पहुंचा है. स्टेशन अधीक्षक श्री विह्वल ने बताया कि सड़क की मरम्मत कराने के लिए अनुभाग अभियंता (कार्य) को लिखा गया है. मई-जून में काम होने की संभावना है. उधर, बुधवार को स्टेशन पर यात्रियों को ट्रेन की स्थिति बताने के लिए विभाग की ओर से ध्वनि विस्तारक यंत्र का पूरा सेट लगाया गया.

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